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लोगों का रुख देखकर भाग खड़ी हुई सेना तथा कैंट बोर्ड की टीम
अमर उजाला ब्यूरों
Updated Sun, 10 Jul 2016 02:10 AM IST
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लोगों का रुख देख भाग गयी सेना
- फोटो : अमर उजाला
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कैंट बोर्ड ने 5.25 बजे आरआर मॉल ध्वस्त कर दिया। मॉल ध्वस्त होते ही लोगों ने मलबे में लोगों के दबे होने की बात कहते हुए चीखना चिल्लाना शुरू किया। लोगों ने कैंट बोर्ड सीईओ राजीव श्रीवास्तव समेत अन्य कर्मचारियों को दोषी ठहराते हुए उन्हें बंदी बनाने की बात की।
लोगों का आक्रोष देख कैंट बोर्ड अधिकारी अपने कर्मचारियों के साथ वहां से करीब 5.45 बजे भाग गए। इतने में भी मॉल के ध्वस्त होने और लोगों के मलबे में दबे होने की सूचना सब एरिया मुख्यालय भी पहुंच गई। जहां से जीओसी के मनमीत सिंह अन्य जवानों के साथ करीब 5.50 बजे मौके पर पहुंच गए। सिटी मजिस्ट्रेट केशव कुमार ने जीओसी से सेना लगाकर मलबे में दबे लोगों को बाहर निकालने में सहयोग करने को कहा।
जिसपर जीओसी ने तुरंत कार्रवाई करने को सैन्य अधिकारियों से कहा। इतने में ही लोगों का गुस्सा जीओसी पर फूट पड़ा। लोग जीओसी को बुरा भला कहने लगे। कुछ ने तो इस पूरी कार्रवाई की जिम्मेदारी की जीओसी को ठहरा दिया। इसपर जीओसी नाराज होकर वहां से चले गए और सैन्य जवान भी रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए नहीं आए।
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लोगों का आक्रोष देख कैंट बोर्ड अधिकारी अपने कर्मचारियों के साथ वहां से करीब 5.45 बजे भाग गए। इतने में भी मॉल के ध्वस्त होने और लोगों के मलबे में दबे होने की सूचना सब एरिया मुख्यालय भी पहुंच गई। जहां से जीओसी के मनमीत सिंह अन्य जवानों के साथ करीब 5.50 बजे मौके पर पहुंच गए। सिटी मजिस्ट्रेट केशव कुमार ने जीओसी से सेना लगाकर मलबे में दबे लोगों को बाहर निकालने में सहयोग करने को कहा।
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जिसपर जीओसी ने तुरंत कार्रवाई करने को सैन्य अधिकारियों से कहा। इतने में ही लोगों का गुस्सा जीओसी पर फूट पड़ा। लोग जीओसी को बुरा भला कहने लगे। कुछ ने तो इस पूरी कार्रवाई की जिम्मेदारी की जीओसी को ठहरा दिया। इसपर जीओसी नाराज होकर वहां से चले गए और सैन्य जवान भी रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए नहीं आए।
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