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लॉकडाउन: भूखे, प्यासे बढ़ रहे मंजिल की ओर, साइकिल से एक दिन में तय कर रहे सौ किमी का सफर
Sat, 25 Apr 2020 02:02 AM IST
कपिल kapil
रविंद्र चौहान, अमर उजाला, मेरठ
रविंद्र चौहान, अमर उजाला, मेरठ
Published by: कपिल kapil
Updated Sat, 25 Apr 2020 02:02 AM IST
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साइकिल से अपने घर जाते ये लोग
- फोटो : अमर उजाला
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लॉकडाउन ने काफी लोगों की रोजी-रोटी को प्रभावित किया है। जब से लॉकडाउन लागू हुआ तभी से काम धंधा ठप होने के कारण मजदूर साइकिल से सैकड़ों किमी का सफर तय कर घर लौट रहे हैं।
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बिजनौर में बृहस्पतिवार देर रात भीमकुंड चेतावाला गंगा घाट से गुजरे मुरादाबाद, लखनऊ निवासी दर्जनों युवक भूखे प्यासे लुधियाना से घर लौट रहे थे। अमर उजाला की टीम ने इन मजदूरों से बात की तो उन्होंने बताया कि काम बंद होने के कारण घर लौटने के सिवाया कोई उपाय नहीं है। सभी लोग साइकिल से ही सफर कर रहे हैं।
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लखनऊ व मुरादाबाद जिले के दर्जनों युवक लुधियाना में काम कर रहे थे। लॉकडाउन बढ़ने के बाद वर्कशॉप में मजदूरी करने वाले इन मजदूरों का साहस टूट गया। इसके बाद ये अपने घरों की तरफ साइकिल लेकर सैकड़ों मील का सफर करने के लिए निकल पड़े। बृहस्पतिवार देर रात लगभग 2:00 बजे ऐतिहासिक नगरी के भीमकुंड गंगा घाट पुल पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि वह इस पुल से चांदपुर, चांदपुर से गजरौला होते हुए मुरादाबाद और लखनऊ तक पहुंच जाएंगे। तीन दिन रात में 300 किलोमीटर साइकिल चलाकर वह लोग यहां पहुंचे हैं।
मुरादाबाद निवासी राजकुमार, वेभव, संजय, विनय, सादाप, हरि सिंह, किशनचंद, रामलाल व लखनऊ निवासी कृष्णपाल सिंह, मोनू ,हरिपद, शंकर, सोमबीर, आदि ने बताया कि उनके साथ कुछ साथी लखनऊ से भी है जो सभी वर्कशॉप में काम कर रहे थे। काम बंद होने के कारण रोजी रोटी का संकट खड़ा होने पर उन्होंने घर लौटने का फैसल किया। परिवार के लोगों को देखे हुए भी लगभग पांच महीने हो गए हैं।
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