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नगर पंचायत जल संरक्षण में फेल

Sun, 11 Aug 2019 02:15 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 11 Aug 2019 02:15 AM IST
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local body fail in water conservation
सकौती के पीरपुर गांव में गंदगी से अटा तालाब। - फोटो : LAWARD
दौराला। लगातार गिर रहे भूजल स्तर को बचाने के लिए सरकार प्रतिवर्ष लाखों-करोड़ों रुपये पानी की तरह बहा रही है। इस अभियान अंतर्गत नगर एवं देहात के लोगों को जागरूक किया जा रहा है। लोग तो जागरूक हो रहे हैं, लेकिन अधिकारी इसको लेकर गंभीर नहीं हैं। बरसात के पानी को तालाबों में एकत्र करने के लिए उनकी सफाई के निर्देश दिए थे। ऐसा नहीं होने से ग्रामीणों को गलियों में जलभराव की समस्या से जूझना पड़ रहा है।
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प्रदेश सरकार ने मानसून से पहले ब्लॉक अधिकारियों एवं ग्राम प्रधानों को बरसात का पानी तालाबों में एकत्र करने के लिए उन्हें कब्जा मुक्त कराकर सफाई कराने के निर्देश जारी किए थे। इसके लिए सरकार ने सभी गांव को धन जारी किया था। बहुत से गांवों में तालाबों की सफाई के नाम पर दो-तीन दिन कार्य चला। हालांकि बाद में इसे बंद करा दिया गया। सकौती के पीरपुर गांव की बात करें तो यहां पिछले चार वर्ष से तालाब की सफाई नहीं हुई है। गंदगी से अटा होने के कारण निकासी तालाब में नहीं हो पा रही है। बरसात में स्थिति और अधिक भयावह हो जाती है। जिस कारण गंदा पानी हर समय गलियों में भरा रहता है। गांव निवासी दुष्यंत, रोहित, गौरव, गोविंद, हरिओम ने बताया कि कई बार इसको लेकर अधिकारियों से शिकायत की गई परंतु कोई कार्रवाई नहीं हुई। हाल ही में तहसील दिवस में भी उन्होंने तालाब की सफाई कराने का आग्रह किया था। दौराला के अझौता गांव की बात करें तो यहां एक प्रभावशाली ग्रामीण ने तालाब पर कब्जा कर उस पर फसल बो दी। जिस कारण गांव के तालाब में निकासी नहीं हो पा रही है। घरों से निकलने वाला गंदा पानी गलियों में भरा रहता है। जिस कारण स्कूली बच्चों को इसी से होकर स्कूल जाना पड़ता है। इसकी कई बार शिकायत की। अधिकारी पुलिस बल को लेकर कई बार मौके पर पहुंचे, लेकिन आज तक तालाब को कब्जा मुक्त नहीं कराया जा सका है। जिस कारण ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लावड़ कस्बे की बात करें तो यहां सात तालाब हैं। जिनमें से कुछ तालाबों पर मकान खड़े कर दिए हैं तो कुछ सफाई नहीं होने के कारण ओवरफ्लो हो रहे हैं। गंदे पानी की निकासी के लिए यहां तालाब ही जरिया हैं। यदि तालाबों पर इसी तरह कब्जा होता रहा तो जल्द ही नगर के गंदे पानी की निकासी बंद हो जाएगी। तालाबों को कब्जा मुक्त कराने के लिए नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी सुधीर कुमार ने अधिकारियों को अवगत कराया है।
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क्या कहते हैं अधिकारी
जल्द लेखपाल को बुलाकर सभी तालाबों की पैमाइश कराई जाएगी। जिन तालाबों पर कब्जा है उन्हें मुक्त कराया जाएगा।-सुधीर कुमार, अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत लावड़
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जल्द टीम भेजकर मामले की जानकारी ली जाएगी। जिन तालाबों पर कब्जा है उन्हें जल्द मुक्त कराया जाएगा और जिन तालाबों गंदगी है। उनकी सफाई कराई जाएगी।- अमित कुमार, एसडीएम सरधना
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