हिरासत में युवक से मारपीट और रिश्वत मांगने पर एसपी सहित 4 पुलिसकर्मियों पर मुकदमे के आदेश
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एक युवक के साथ पुलिस कस्टडी में मारपीट और दो लाख रुपए की रिश्वत मांगने के आरोप में साहिबाबाद के तत्कालीन सीओ आशीष श्रीवास्तव समेत चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए है। आशीष श्रीवास्तव वर्तमान में श्रावस्ती जिले के पुलिस अधीक्षक हैं।
इस मामले में एडीजे/विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम मनजीत सिंह श्यौरान ने थानाध्यक्ष साहिबाबाद (गाजियाबाद) को मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने के आदेश दिए हैं। मामला करीब दो साल पहले का है। इन पुलिसकर्मियों पर एक व्यक्ति को अवैध हिरासत में रखने, पिटाई करने और दो लाख रुपये रिश्वत न मिलने पर जेल भेजने का आरोप है।
एडीजे/विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम मनजीत सिंह श्यौरान की अदालत में मीनाक्षी शर्मा पुत्री स्व. रामबाबू शर्मा निवासी 7/15, राजेंद्र नगर साहिबाबाद ने शिकायती प्रार्थनापत्र दाखिल किया था।
जिसमें आरोप लगाते हुए बताया गया कि 06 सितंबर 2016 को उसके बड़े भाई विजय शर्मा को थाना साहिबाबाद की पुलिस गैर कानूनी तरीके से घर से उठाकर ले गयी थी और उसे थाने बैठाए रखा था। जब उसने थाने पर जाकर पता किया तो पुलिस वालों ने बताया कि एएसपी/सीओ बॉर्डर साहिबाबाद से बात करें।
आरोप है कि जब उनसे बातचीत की गई तो उसे बताया गया कि विजय शर्मा कोई दोषी नहीं है। अगर आपको इसको छुड़वाना है तो दो लाख रुपये देने होंगे। आरोप है कि एएसपी ने कहा कि दो लाख रुपये नहीं दिए तो मुकदमे में फंसा देंगे। सुबह तक इंतजाम कर लो।
जिस पर सुबह चौकी इंचार्ज राधेमोहन नगर राधेश्याम ने कहा कि एसएचओ शीला चौधरी को सीओ बॉर्डर ने केस बनाने के लिए कह दिया है। उपरोक्त सभी पुलिस वालाें और दो अज्ञात पुलिसकर्मी जिन्हें मैं सामने आने पर पहचान सकती हूं, उन्होंने मेरे सामने भाई के साथ मारपीट की। जिससे उनके भाई के शरीर के कई हिस्सों पर गंभीर चोटें आईं।
शिकायती पत्र के अनुसार दो दिन तक अवैध हिरासत में रखने के बाद आठ सितंबर को सीजेएम गाजियाबाद के न्यायालय में पेश किया गया। जिसकी मेडिकल रिपोर्ट में स्पष्ट लिखा गया कि विजय शर्मा के शरीर पर गंभीर चोटें, सूजन, कई फ्रैक्चर पाए गए। जिसकी शिकायत पुलिस अफसरों से गई थी। पुलिस अधिकारियों द्वारा कोई कार्रवाई न करने पर अदालत में अर्जी दी गयी। सुनवाई के बाद स्पेशल जज भ्रष्टाचार अधिनियम ने मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/