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लाशों की बेकद्री देख शरमा गई इंसानियत
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 27 May 2016 02:45 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सकों की लापरवाही इंसानियत पर भारी पड़ रही है। चिकित्सकों की संवेदनहीनता का आलम यह है कि पोस्टमार्टम के बाद लावारिस लाशों को बिना टांके लगाए ही अंतिम संस्कार के लिए भेजा जा रहा है। बृहस्पतिवार शाम को ऐसी ही दो लाशें जब बाले मियां कब्रिस्तान पहुंची तो बवाल हो गया। लोगों ने पीएम करने वाले डॉक्टरों पर किडनी निकालने का आरोप लगाकर हंगामा किया।
नौचंदी पुलिस और पीएसी मौके पर पहुंची तो भीड़ ने पुलिस से हाथापाई कर दी। पुलिस ने दोनों लाशों को मोर्चरी ले जाकर टांके लगवाए। उधर, पार्षद आरिफ अंसारी समेत कई लोगों ने आरोपी डॉक्टरों के खिलाफ मेडिकल थाने में तहरीर दी है।
ब्रहमपुरी पुलिस ने एक सप्ताह पहले दूसरे समुदाय के (35) वर्षीय युवक को जिला अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां उसकी मौत हो गई थी। शिनाख्त नहीं होने पर पुलिस ने लावारिस में शव का पोस्टमार्टम कराया था।
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बृहस्पतिवार शाम को ब्रह्मपुरी थाने के दो सिपाही लाश को लेकर बाले मियां कब्रिस्तान में सुपुर्द ए खाक कराने पहुंचे। उसी समय दक्षिण इस्लामाबाद में आतिशबाजी के विस्फोट में मारे गए युवक के शव को सुपुर्द ए खाक करने के लिए भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। पार्षद आरिफ अंसारी और अन्य लोगों ने लावारिस लाश को नहलाकर सुपुर्द-ए-खाक करने की बात कही।
लोगों ने लाश को कपड़े से बाहर निकाला तो देखा की पोस्टमार्टम के बाद काटे गए शरीर में डॉक्टरों ने टांके नहीं लगाए हुए थे। इस पर भीड़ भड़क गई। किडनी निकालने का आरोप लगाकर भीड़ ने हंगामा कर दिया।
हाथापाई होने पर दोनों सिपाही भाग गए। सूचना पर इंस्पेक्टर नौचंदी हरसरण शर्मा फोर्स के साथ पहुंचे। इसी दौरान एक और लाश वहां पहुंची। यह भी लावारिस थी। इस व्यक्ति की मौत रेलवे रोड थाना क्षेत्र में हुई थी।
गुस्साए लोगों ने लाश को देखने की कोशिश की तो इंस्पेक्टर नौचंदी ने लाश को कब्जे में ले लिया। पुलिस से नोकझाेंक, हाथापाई और हंगामे के बीच इंस्पेक्टर नौचंदी दोनों लाशों को भीड़ से छीनकर मोर्चरी ले गए।
भीड़ भी वहां पहुंची। इस पर थाना रेलवे रोड, ब्रह्मपुरी और मेडिकल पुलिस को मोर्चरी पर तैनात किया गया। पुलिस ने दोबारा डॉक्टर बुलाकर दोनों लाशों में टांके लगवाए। रेलवे रोड पुलिस अपने क्षेत्र में मिली लाश को अपने साथ ले गई।
उसे रेलवे रोड स्थित कब्रिस्तान में सुपुर्द ए खाक करा दिया। उधर, भारी फोर्स की मौजूदगी में नौचंदी पुलिस ने शव को सुपुर्द-ए- खाक कर दिया।
मेडिकल थाने पर हंगामा
मेरठ। पार्षद आरिफ अंसारी, वकील अहमद, आरिफ अंसारी, जफर चौधरी, महराज, शकील सैफी, साजिद, दानिश, सलीम और अन्य लोगों ने मेडिकल थाने में हंगामा किया। सभी ने पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों पर कार्रवाई की मांग की। एसओ मेडिकल रविंद्र वशिष्ठ ने किसी तरह भीड़ को शांत किया। पार्षद आरिफ अंसारी और अन्य ने डॉक्टरों के खिलाफ तहरीर दी है।
साहब ! यहां तो ऐसे ही लाई जाती हैं लाशें
बाले मियां कब्रिस्तान में कब्र खोदने वाले व्यक्ति ने बताया कि साहब ! यह कोई पहली बात नहीं है। लंबे समय से यहां आने वाली लावारिस लाशों में टांके नहीं लगे होते हैं। सिर्फ बाहर के कपड़े में ही टांके लगाकर डॉक्टर और मोर्चरी पर तैनात कर्मचारी शव को यहां भेज देते हैं। कई बार लाशों की बेकद्री देखकर मन रोता है। पर मैं क्या कर सकता हूं।
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नौचंदी पुलिस और पीएसी मौके पर पहुंची तो भीड़ ने पुलिस से हाथापाई कर दी। पुलिस ने दोनों लाशों को मोर्चरी ले जाकर टांके लगवाए। उधर, पार्षद आरिफ अंसारी समेत कई लोगों ने आरोपी डॉक्टरों के खिलाफ मेडिकल थाने में तहरीर दी है।
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ब्रहमपुरी पुलिस ने एक सप्ताह पहले दूसरे समुदाय के (35) वर्षीय युवक को जिला अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां उसकी मौत हो गई थी। शिनाख्त नहीं होने पर पुलिस ने लावारिस में शव का पोस्टमार्टम कराया था।
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बृहस्पतिवार शाम को ब्रह्मपुरी थाने के दो सिपाही लाश को लेकर बाले मियां कब्रिस्तान में सुपुर्द ए खाक कराने पहुंचे। उसी समय दक्षिण इस्लामाबाद में आतिशबाजी के विस्फोट में मारे गए युवक के शव को सुपुर्द ए खाक करने के लिए भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। पार्षद आरिफ अंसारी और अन्य लोगों ने लावारिस लाश को नहलाकर सुपुर्द-ए-खाक करने की बात कही।
लोगों ने लाश को कपड़े से बाहर निकाला तो देखा की पोस्टमार्टम के बाद काटे गए शरीर में डॉक्टरों ने टांके नहीं लगाए हुए थे। इस पर भीड़ भड़क गई। किडनी निकालने का आरोप लगाकर भीड़ ने हंगामा कर दिया।
हाथापाई होने पर दोनों सिपाही भाग गए। सूचना पर इंस्पेक्टर नौचंदी हरसरण शर्मा फोर्स के साथ पहुंचे। इसी दौरान एक और लाश वहां पहुंची। यह भी लावारिस थी। इस व्यक्ति की मौत रेलवे रोड थाना क्षेत्र में हुई थी।
गुस्साए लोगों ने लाश को देखने की कोशिश की तो इंस्पेक्टर नौचंदी ने लाश को कब्जे में ले लिया। पुलिस से नोकझाेंक, हाथापाई और हंगामे के बीच इंस्पेक्टर नौचंदी दोनों लाशों को भीड़ से छीनकर मोर्चरी ले गए।
भीड़ भी वहां पहुंची। इस पर थाना रेलवे रोड, ब्रह्मपुरी और मेडिकल पुलिस को मोर्चरी पर तैनात किया गया। पुलिस ने दोबारा डॉक्टर बुलाकर दोनों लाशों में टांके लगवाए। रेलवे रोड पुलिस अपने क्षेत्र में मिली लाश को अपने साथ ले गई।
उसे रेलवे रोड स्थित कब्रिस्तान में सुपुर्द ए खाक करा दिया। उधर, भारी फोर्स की मौजूदगी में नौचंदी पुलिस ने शव को सुपुर्द-ए- खाक कर दिया।
मेडिकल थाने पर हंगामा
मेरठ। पार्षद आरिफ अंसारी, वकील अहमद, आरिफ अंसारी, जफर चौधरी, महराज, शकील सैफी, साजिद, दानिश, सलीम और अन्य लोगों ने मेडिकल थाने में हंगामा किया। सभी ने पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों पर कार्रवाई की मांग की। एसओ मेडिकल रविंद्र वशिष्ठ ने किसी तरह भीड़ को शांत किया। पार्षद आरिफ अंसारी और अन्य ने डॉक्टरों के खिलाफ तहरीर दी है।
साहब ! यहां तो ऐसे ही लाई जाती हैं लाशें
बाले मियां कब्रिस्तान में कब्र खोदने वाले व्यक्ति ने बताया कि साहब ! यह कोई पहली बात नहीं है। लंबे समय से यहां आने वाली लावारिस लाशों में टांके नहीं लगे होते हैं। सिर्फ बाहर के कपड़े में ही टांके लगाकर डॉक्टर और मोर्चरी पर तैनात कर्मचारी शव को यहां भेज देते हैं। कई बार लाशों की बेकद्री देखकर मन रोता है। पर मैं क्या कर सकता हूं।