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लाख परेशानी झेल भाई के दर पहुंची बहना
अमर उजाला ब्यूरों
Updated Wed, 02 Nov 2016 01:38 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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भैया दूज के मौके पर रोडवेज के दावे धरे रह गए। बसें रूट पर जाम में फंसी रहीं और यात्री बस अड्डों पर इंतजार करते रहे। बस मिलने में हुई देरी पर यात्रियों की रोडवेज स्टाफ से नोकझाेंक भी हुई। सुबह और शाम सबसे ज्यादा भीड़ रही। यही हाल ट्रेनों का भी हुआ। लाख परेशानी झेलकर बहन अपने भाइयों के घर पहुंचीं।
रोडवेज ने 28 अक्तूबर से 4 नवंबर तक दिवाली अभियान चलाया हुआ है। अभियान को फतह करने केे लिए करीब सौ बसों को दिल्ली भेजा गया है। ये बसें दिल्ली से पूर्वी उत्तर प्रदेश के जनपदों के लिए संचालित हो रही हैं। भैया दूज पर भाई-बहनों की भारी भीड़ को देखते हुए विभाग ने लोकल रूटों पर चलने वाली बसों के ट्रिप बढ़ा दिए थे। सोमवार शाम से ही लोगों की भीड़ उमड़नी शुरू हो गई थी, जो मंगलवार सुबह तड़के काफी बढ़ गई थी। सोहराबगेट बस अड्डे से लेकर भैसाली बस अड्डे पर सुबह और शाम यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ी। मेरठ से हापुड़, बागपत, बड़ौत, शामली, मुजफ्फरनगर, बुलंदशहर, मवाना, हस्तिनापुर, मोदीनगर, गाजियाबाद, मोहनपुरी और गढ़ मुक्तेश्वर आदि रूट पर बसों की सबसे ज्यादा मांग रही। सुबह तो किसी तरह लोगों के बस मिल गई लेकिन शाम को बस मिलना मश्किल हो गया। रोडवेज अधिकारियों ने इसका कारण बसों के रूट पर लगे जाम में फंसना बताया। बसों के नहीं मिलने से लोग अड्डों पर इंतजार करते रहे। जिस रूट की भी बस अड्डे पर पहुंचती, लोग पीछे भागने लगते। अपनी सुरक्षा की चिंता किए बगैर लोग चलती बस में ही चढ़ने की कोशिश करते रहे। चालक की खिड़की से भी लोग बस में घुस रहे थे। भारी भीड़ में महिलाओं, बच्चों और वृद्धों को सफर में भारी परेशानी उठानी पड़ी। आरएम मनोज कुमार पुंडीर ने बताया कि सभी रश वाले रूटों पर बसों की व्यवस्था की गई थी। भीड़ को गंतव्य तक पहुंचाने के लिए बसों के दो से तीन ट्रिप अतिरिक्त बढ़ाए गए थे। बसों के जाम में फंसने के चलते यात्रियों को कुछ परेशानी उठानी पड़ी। दूसरी तरफ यही हाल ट्रेनों का भी रहा। मेरठ से सहारनपुर, दिल्ली और खुर्जा की तरफ जाने वाली ट्रेनों में भारी भीड़ रही। सिटी स्टेशन अधीक्षक आरपी शर्मा ने बताया कि भैयादूज के चलते आम दिनों के मुकाबले डेढ़ गुणा यात्रियों ने ट्रेनों में सफर किया।
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रोडवेज ने 28 अक्तूबर से 4 नवंबर तक दिवाली अभियान चलाया हुआ है। अभियान को फतह करने केे लिए करीब सौ बसों को दिल्ली भेजा गया है। ये बसें दिल्ली से पूर्वी उत्तर प्रदेश के जनपदों के लिए संचालित हो रही हैं। भैया दूज पर भाई-बहनों की भारी भीड़ को देखते हुए विभाग ने लोकल रूटों पर चलने वाली बसों के ट्रिप बढ़ा दिए थे। सोमवार शाम से ही लोगों की भीड़ उमड़नी शुरू हो गई थी, जो मंगलवार सुबह तड़के काफी बढ़ गई थी। सोहराबगेट बस अड्डे से लेकर भैसाली बस अड्डे पर सुबह और शाम यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ी। मेरठ से हापुड़, बागपत, बड़ौत, शामली, मुजफ्फरनगर, बुलंदशहर, मवाना, हस्तिनापुर, मोदीनगर, गाजियाबाद, मोहनपुरी और गढ़ मुक्तेश्वर आदि रूट पर बसों की सबसे ज्यादा मांग रही। सुबह तो किसी तरह लोगों के बस मिल गई लेकिन शाम को बस मिलना मश्किल हो गया। रोडवेज अधिकारियों ने इसका कारण बसों के रूट पर लगे जाम में फंसना बताया। बसों के नहीं मिलने से लोग अड्डों पर इंतजार करते रहे। जिस रूट की भी बस अड्डे पर पहुंचती, लोग पीछे भागने लगते। अपनी सुरक्षा की चिंता किए बगैर लोग चलती बस में ही चढ़ने की कोशिश करते रहे। चालक की खिड़की से भी लोग बस में घुस रहे थे। भारी भीड़ में महिलाओं, बच्चों और वृद्धों को सफर में भारी परेशानी उठानी पड़ी। आरएम मनोज कुमार पुंडीर ने बताया कि सभी रश वाले रूटों पर बसों की व्यवस्था की गई थी। भीड़ को गंतव्य तक पहुंचाने के लिए बसों के दो से तीन ट्रिप अतिरिक्त बढ़ाए गए थे। बसों के जाम में फंसने के चलते यात्रियों को कुछ परेशानी उठानी पड़ी। दूसरी तरफ यही हाल ट्रेनों का भी रहा। मेरठ से सहारनपुर, दिल्ली और खुर्जा की तरफ जाने वाली ट्रेनों में भारी भीड़ रही। सिटी स्टेशन अधीक्षक आरपी शर्मा ने बताया कि भैयादूज के चलते आम दिनों के मुकाबले डेढ़ गुणा यात्रियों ने ट्रेनों में सफर किया।
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