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उद्यम में बढ़ती आधी आबादी की शक्ति

Thu, 30 Mar 2017 02:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Thu, 30 Mar 2017 02:00 AM IST
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ladies are in busineess sector
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
 रसोई के साथ शहर की महिलाएं बिजनेस में भी नाम कमा रही हैं। सिलाई, कढ़ाई, बुनाई, पापड़ और खिलौने बनाने के साथ ही मुश्किल उद्योगों मेें भी हाथ आजमा रही हैं। जिले में महिला उद्यमियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। लिंगानुपात में इनकी संख्या भले ही घट रही है, जबकि व्यापार में ये सब पर भारी पड़ रही हैं। खुद पर भरोसा, आत्मनिर्भर बनने की चाहत और सरकार की ओर से मिलना वाला सस्ता कर्ज इनके सपनों को पंख लगा रहा है। ये केमिकल, रबड़, खेल उपकरण और बुक प्रिंटिंग इंडस्ट्री में अपनी धाक जमा रही हैं।
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केमिकल इंडस्ट्री से बनीं आत्मनिर्भर
कंकरखेड़ा निवासी हिना राजवंशी ने ऋण योजना के तहत उद्योग कार्यालय से ऋण लेकर केमिकल मेकिंग इंडस्ट्री स्थापित की है। वह कहती हैं काम हमेशा वो शुरू किया जाए जिसमें सफलता क ी उम्मीद ज्यादा और प्रतियोगिता कम हो। इसलिए मैंने केमिकल मेकिंग का काम शुरू किया। दिनभर केमिकल के बीच रहने के कारण ये काम चुनौती भरा है। दो साल से अपना काम चला रही हूं। मेहनत के बल पर काम बढ़ रहा है। महिलाओं के लिए आर्थिक संपन्नता भी बहुत जरूरी है।
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ट्रैक सूट बनाकर बनाई पहचान
शास्त्रीनगर निवासी दीपशिखा ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत जिला उद्योग केंद्र से ऋण लेकर अपना छोटा काम शुरू किया। वह कहती हैं आर्थिक संपन्नता और खुद को मजबूत बनाने के लिए मैंने अपना काम करने का मन बनाया। लेकिन पूंजी की परेशानी थी। मुझे योजना की जानकारी मिली और ऋण के लिए आवेदन किया। मैं खिलाड़ियों के लिए ट्रैक सूट बनाकर बेचती हूं। परिवार को मदद भी मिली है।
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इन उद्योगों के लिए महिलाएं ले रहीं ऋण
जिला उद्योग केंद्र से अपना उद्यम स्थापित करने के लिए महिलाएं फूड प्रिजरवेटर, बेकरी, मोबाइल रिपेयरिंग, साइबर कैफे, कंप्यूटर सर्विस सेंटर, ब्यूटी पार्लर, बुटीक, टेलरिंग, बल्ब फैक्ट्री, सॉफ्ट टाय इंडस्ट्री, रबड़ फैक्ट्री, केमिकल फैक्ट्री, एंब्रायडरी, वुडन वर्क, आयरन वर्क्स, मिल्क प्रोडक्टस, स्पोर्ट्स गुड्स, सेरेमिक डेंटल टीथ, ट्रैक सूट, बुक बाइंडिंग, फोटोस्टेट व स्टेशनरी शॉप, मोबाइल इलेक्ट्रॉनिक, कंप्यूटर असेंबलिंग, सिल्वर ज्वैलरी, वाटर प्यूरिफायर, मसाला चक्की, गारमेंट, बायो कंपोज्ड, आइसक्रीम फैक्ट्री, बेव डिजायनिंग, हेल्पकेयर सेंटर, क्रैच, खादी उद्योग व कपड़ा मेकिंग इंडस्ट्री लगाने के लिए ऋण ले रही हैं।
 
उद्यम ऋण में महिला आवेदन

योजना                                             2016     2015      2014

प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना में आवेदन -   30        22          18
समाजवादी युवा स्वरोजगार योजना में आवेदन - 25       21         15
 
 


लिंगानुपात के आंकड़े
जिला     प्रति 1000 बच्चों पर लिंगानुपात -  0 से 6 माह के बच्चों का लिंगानुपात
गाजियाबाद 870 - 850
गौतमबुद्धनगर 851- 843
हापुड़ 881- 850
बागपत 861 - 841
बुलंदशहर 916  - 854
मेरठ 885 - 850
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