{"_id":"57952b754f1c1b6106c4c632","slug":"kanvd-on-the-rapid-train-lines-of-action","type":"story","status":"publish","title_hn":"कांवड़ बाद रैपिड ट्रेन पर ‘लाइन ऑफ एक्शन’ ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कांवड़ बाद रैपिड ट्रेन पर ‘लाइन ऑफ एक्शन’
अमर उजाला ब्यूरो/मेरठ
Updated Mon, 25 Jul 2016 02:47 AM IST
विज्ञापन
रैपिड ट्रेन।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कांवड़ यात्रा के बाद दिल्ली से मेरठ के बीच प्रस्तावित रैपिड ट्रेन पर ‘लाइन ऑफ एक्शन’ तय होगा। अगस्त के पहले पखवाड़े में इसके लिए अहम बैठक होने जा रही है। जिसमें मंडलायुक्त मेरठ के अलावा एनसीआरटीसी (नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन) के एमडी भी भाग लेंगे। तय होगा कि अब कैसे तेजी से यह प्रोजेक्ट आगे बढ़ाएं। क्योंकि एनसीआर प्लानिंग बोर्ड ने प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए योजना बनाने को कहा है।
15 जून को एनसीआर प्लानिंग बोर्ड ने इसकी मंजूरी देते हुए कहा था कि इस पर काम किया जाए। दरअसल आरआरटीएस (रैपिड रेल ट्रांजिट) पर काम करने के लिए उस समय बाधा उत्पन्न हुई, जब डीपीआर अंतिम चरण में थी, और सबमिट ही होनी वाली थी। हाईवे अथॉरिटी के अफसरों ने आपत्ति लगाते हुए कहा कि एनएच-58 पर यह रूट सही नहीं है। इसके विकल्प के रूप में राजनगर एक्सटेंशन, मुरादनगर और मोदीनगर के पीछे से नया रूट प्रस्तावित किया था। इस रूट को केंद्र सरकार की कंसलटेंट फर्म ने अव्यवहारिक बता दिया। उसका मानना था कि यह ट्रैक एनएच-58 पर ही बनना चाहिए।
बमुश्किल समाधान हुआ
बमुश्किल इसका समाधान हुआ। एनएच-58 की यूपी गेट से लेकर परतापुर तक की 52 किमी की इस सड़क का आधिपत्य ही एनएचएआई से खत्म हो गया। अब यह सड़क प्रदेश सरकार के पास है, और लोक निर्माण विभाग इसका केयर टेकर है। ऐसे में अब यहां आसानी इस प्रस्ताव पर काम हो सकता है।
विज्ञापन
अब आगे बढ़ेगी राह
अगले माह ही इस पूरे प्रोजेक्ट पर आगे बात बढ़ेगी। जुलाई के अंतिम सप्ताह में ही बैठक पर विचार था। लेकिन कांवड़ यात्रा के कारण यह बैठक अगले माह में चली गई। अगस्त के पहले सप्ताह में ही मेरठ में बैठक करने पर विचार था। लेकिन चार अगस्त को दिल्ली में एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की बैठक होने के कारण अगस्त के दूसरे सप्ताह में यह अहमद बैठक कराने पर विचार हो रहा है। चूंकि इस प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी अब एनसीआरटीसी के कंधों पर है तो उसके एमडीए वीके सिंह भी इस बैठक में भाग लेंगे। इसके अलावा पीडब्लूडी, कंसल्टेंस, एमडीए अधिकारी समेत संबंधित सभी विभागों के अधिकारी भी भाग लेंगे।
कोट
आरआरटीएस पर महत्वपूर्ण बैठक में तय होगा कि आगे इस प्रोजेक्ट पर कैसे काम किया जाएगा। बैठक में सार्थक परिणाम निकलने की पूरी उम्मीद है।- विवेक भास्कर, नोडल अधिकारी आरआरटीएस मेरठ
विज्ञापन
15 जून को एनसीआर प्लानिंग बोर्ड ने इसकी मंजूरी देते हुए कहा था कि इस पर काम किया जाए। दरअसल आरआरटीएस (रैपिड रेल ट्रांजिट) पर काम करने के लिए उस समय बाधा उत्पन्न हुई, जब डीपीआर अंतिम चरण में थी, और सबमिट ही होनी वाली थी। हाईवे अथॉरिटी के अफसरों ने आपत्ति लगाते हुए कहा कि एनएच-58 पर यह रूट सही नहीं है। इसके विकल्प के रूप में राजनगर एक्सटेंशन, मुरादनगर और मोदीनगर के पीछे से नया रूट प्रस्तावित किया था। इस रूट को केंद्र सरकार की कंसलटेंट फर्म ने अव्यवहारिक बता दिया। उसका मानना था कि यह ट्रैक एनएच-58 पर ही बनना चाहिए।
विज्ञापन
बमुश्किल समाधान हुआ
बमुश्किल इसका समाधान हुआ। एनएच-58 की यूपी गेट से लेकर परतापुर तक की 52 किमी की इस सड़क का आधिपत्य ही एनएचएआई से खत्म हो गया। अब यह सड़क प्रदेश सरकार के पास है, और लोक निर्माण विभाग इसका केयर टेकर है। ऐसे में अब यहां आसानी इस प्रस्ताव पर काम हो सकता है।
विज्ञापन
अब आगे बढ़ेगी राह
अगले माह ही इस पूरे प्रोजेक्ट पर आगे बात बढ़ेगी। जुलाई के अंतिम सप्ताह में ही बैठक पर विचार था। लेकिन कांवड़ यात्रा के कारण यह बैठक अगले माह में चली गई। अगस्त के पहले सप्ताह में ही मेरठ में बैठक करने पर विचार था। लेकिन चार अगस्त को दिल्ली में एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की बैठक होने के कारण अगस्त के दूसरे सप्ताह में यह अहमद बैठक कराने पर विचार हो रहा है। चूंकि इस प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी अब एनसीआरटीसी के कंधों पर है तो उसके एमडीए वीके सिंह भी इस बैठक में भाग लेंगे। इसके अलावा पीडब्लूडी, कंसल्टेंस, एमडीए अधिकारी समेत संबंधित सभी विभागों के अधिकारी भी भाग लेंगे।
कोट
आरआरटीएस पर महत्वपूर्ण बैठक में तय होगा कि आगे इस प्रोजेक्ट पर कैसे काम किया जाएगा। बैठक में सार्थक परिणाम निकलने की पूरी उम्मीद है।- विवेक भास्कर, नोडल अधिकारी आरआरटीएस मेरठ