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कमजोर होमवर्क, आधे-अधूरे रिकॉर्ड, खुली पोल
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 08 Jun 2016 01:29 AM IST
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स्मार्ट सिटी को लेकर बैठक
- फोटो : अमर उजाला
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स्मार्ट सिटी की डीपीआर पर काम करने के लिए कंसलटेंट टीम के साथ पहली ही बैठक में नगर निगम की पोल खुलनी शुरू हो गई है। साफ हो गया कि इतनी कवायद के बावजूद निगम का होमवर्क कमजोर है तो रिकॉर्ड आधे-अधूरे। टीम ने अफसरों से निगम के कार्यों और आय-व्यय का लेखा-जोखा मांगा। जिसमें डबल एंट्री के साथ ई-पेमेंट की नो एंट्री मिली। जनता से जुड़े तमाम मसलों पर निगम अधिकारी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। कंसलटेंट टीम ने अधिकारियों को दो-तीन दिन का समय देते हुए समस्त सूचनाएं अपडेट कराने को कहा है।
स्मार्ट सिटी की डीपीआर बनाने के लिए विदेशी कंपनी सॉफ्टेक इंजीनियर प्रा.लि. और पूना की कंपनी डिजाइन पाइंट प्रा.लि. को नामित किया गया है। कंपनी के अधिकारी बीके पटेल के नेतृत्व में आईटी एक्सपर्ट राहुल कुमार, जिगर पटेल, तजेश पटेल, फाइनेंस एक्सपर्ट विहग गुरु, गौरव शर्मा मंगलवार को नगर निगम पहुंच गए। सबसे पहले उन्होंने निगम चीफ इंजीनियर कुलभूषण वार्ष्णेय सहित सभी विभागाध्यक्षों के साथ बैठक में स्मार्ट सिटी के स्वरूप और बिंदुओं से अवगत कराया।
बीके पटेल ने प्रत्येक विभागाध्यक्ष से जनता को दी जा रही मूलभूत सुविधाओं की जानकारी और आय-व्यय का रिकॉर्ड मांगा। इसके बाद नगरायुक्त देवेंद्र कुशवाहा सहित निगम के अफसरों के साथ बैठक में स्मार्ट सिटी सेल का गठन किया गया। तीसरी बैठक महापौर हरिकांत अहलूवालिया के साथ हुई। जिसमें महापौर ने स्मार्ट सिटी के प्रारूप के एक-एक बिंदु पर कंसलटेंट टीम से वार्ता की। साथ ही निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह कंसलटेंट टीम को समय से लेखा-जोखा उपलब्ध कराएं। महापौर ने कहा कि वह भी प्रतिदिन इसकी समीक्षा करेंगे।
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जवाब नहीं दे पाए अफसर
बैठक के दौरान निगम में डबल एंट्री सिस्टम और ई-पेमेंट व्यवस्था सुचारु न होने होने पर अफसरों की बोलती बंद हो गई। वहीं, नगर निगम द्वारा संचालित अस्पताल और डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने और नियमित ऑडिट व्यवस्था पर भी अधिकारी चुप्पी साध गए। यही नहीं, हाउस टैक्स, वाटर टैक्स की कम वसूली पर भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल पाया। निगम की खाली पड़ी भूमि और निगम की मार्केट व अन्य संपत्ति की रिपोर्ट भी प्रस्तुत नहीं की जा सकी। नगर निगम की आधी-अधूरी व्यवस्था स्मार्ट सिटी की डीपीआर को कमजोर कर सकती है।
सिलसिलेवार होंगी बैठकें
स्मार्ट सिटी पर वोटिंग के लिए उद्योगपति, व्यापारी, विधायक, पार्षद, राजनीतिक दलों के पदाधिकारी, सामाजिक संस्थाएं , आम जनता और विभागीय अधिकारियों के साथ सिलसिलेवार बैठक होंगी। बृहस्पतिवार को निगम के पार्षदों के साथ बैठक की तैयारी की जा रही है। वहीं, अन्य विभागों के साथ बैठक करके सकारात्मक काम किया जाएगा।
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स्मार्ट सिटी की डीपीआर बनाने के लिए विदेशी कंपनी सॉफ्टेक इंजीनियर प्रा.लि. और पूना की कंपनी डिजाइन पाइंट प्रा.लि. को नामित किया गया है। कंपनी के अधिकारी बीके पटेल के नेतृत्व में आईटी एक्सपर्ट राहुल कुमार, जिगर पटेल, तजेश पटेल, फाइनेंस एक्सपर्ट विहग गुरु, गौरव शर्मा मंगलवार को नगर निगम पहुंच गए। सबसे पहले उन्होंने निगम चीफ इंजीनियर कुलभूषण वार्ष्णेय सहित सभी विभागाध्यक्षों के साथ बैठक में स्मार्ट सिटी के स्वरूप और बिंदुओं से अवगत कराया।
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बीके पटेल ने प्रत्येक विभागाध्यक्ष से जनता को दी जा रही मूलभूत सुविधाओं की जानकारी और आय-व्यय का रिकॉर्ड मांगा। इसके बाद नगरायुक्त देवेंद्र कुशवाहा सहित निगम के अफसरों के साथ बैठक में स्मार्ट सिटी सेल का गठन किया गया। तीसरी बैठक महापौर हरिकांत अहलूवालिया के साथ हुई। जिसमें महापौर ने स्मार्ट सिटी के प्रारूप के एक-एक बिंदु पर कंसलटेंट टीम से वार्ता की। साथ ही निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह कंसलटेंट टीम को समय से लेखा-जोखा उपलब्ध कराएं। महापौर ने कहा कि वह भी प्रतिदिन इसकी समीक्षा करेंगे।
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जवाब नहीं दे पाए अफसर
बैठक के दौरान निगम में डबल एंट्री सिस्टम और ई-पेमेंट व्यवस्था सुचारु न होने होने पर अफसरों की बोलती बंद हो गई। वहीं, नगर निगम द्वारा संचालित अस्पताल और डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने और नियमित ऑडिट व्यवस्था पर भी अधिकारी चुप्पी साध गए। यही नहीं, हाउस टैक्स, वाटर टैक्स की कम वसूली पर भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल पाया। निगम की खाली पड़ी भूमि और निगम की मार्केट व अन्य संपत्ति की रिपोर्ट भी प्रस्तुत नहीं की जा सकी। नगर निगम की आधी-अधूरी व्यवस्था स्मार्ट सिटी की डीपीआर को कमजोर कर सकती है।
सिलसिलेवार होंगी बैठकें
स्मार्ट सिटी पर वोटिंग के लिए उद्योगपति, व्यापारी, विधायक, पार्षद, राजनीतिक दलों के पदाधिकारी, सामाजिक संस्थाएं , आम जनता और विभागीय अधिकारियों के साथ सिलसिलेवार बैठक होंगी। बृहस्पतिवार को निगम के पार्षदों के साथ बैठक की तैयारी की जा रही है। वहीं, अन्य विभागों के साथ बैठक करके सकारात्मक काम किया जाएगा।