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कलमा पढ़वा दो शहीदे कर्बला के नाम का ...
amarujala
Updated Wed, 19 Sep 2018 01:56 AM IST
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meerut
- फोटो : meerut
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मुहर्रम की सात तारीख मंगलवार को अब्दुल्लापुर में शांत वातावरण में सांप्रदायिक सौहार्द के साथ जुलूस-ए-जुलजुनाह बरामद हुआ। सोगवारों ने जंजीरों का मातम करते हुए शोहदाए कर्बला को खिराजे अकीदत पेश की। दोपहर एक बजे इमामबारगाह हजरत इमाम हुसैन मौहल्ला कोट में आयोजित मजलिस में हजरत इमाम हुसैन का जुलूस जुलजुनाह बरामद हुआ।
जुलूस बुनियाद चौक होते हुए पंडित चौक पहुंचा। यहां रोशन अब्बास व मो. रजा पीरू ने नौहेख्वानी की। अस्र की नमाज के बाद जुलूस-ए-जुलजुनाह व अलम मुबारक मस्जिद-वक्फ इमामबारगाह में गया। जहां मौलाना हामिद हुसैन ने खिताब करते हुए कहा कि मुहर्रम आतंकवाद के खिलाफ एक जंग है। आज से 14 सौ साल पहले यजीद ने आतंकवाद की शुरुआत की थी, जिसकी इमाम हुसैन ने यजीद के जुल्म के खिलाफ आवाज उठाई। इमाम हुसैन ने अपने सभी 71 साथियों के साथ पूरी दुनिया को अमन का पैगाम देने के लिये शहादत दी। सोगवारों ने जंजीरों से मातम किया। शबाब हैदर व मौहम्मद असद ने यह नौहा पढ़ा- कलमा पढ़वा दो शहीदे कर्बला के नाम का, जर्रे-जर्रे को सुना दो दास्ताने कर्बला। इसके बाद जुलूस मोहल्ला बाजार से गढ़ी पहुंचा। जुलूस की निगरानी अंजुमने जहूर-ए-इमाम महंदी मूवमेन्ट के फाउंडर नायब अली एडवोकेट, अली मिशन के सचिव हसन मेहंदी, सरफराज अली, रजा अहमद, रोशन अब्बास, हाजी जफर अब्बास, हसन बहादुर, शौकत अली उर्फ गुप्ता, मंसूर अली, चांद हुसैन, जियाउलहसन, जाफर अली आदि कर रहे थे।
जैदी फार्म से जुलूसे अलम बरामद
मेरठ। हजरत इमाम हुसैन और शोहदाए कर्बला की याद में शहर सहित रामबाग कालोनी, जैदी फार्म लोहिया नगर में जुलूस एवं शबीह ताबूत बरामद हुए। इसी बीच मजलिसों में शिया आलिमों ने हजरत कासिम की शहादत बयां की। रामबाग कालोनी में सैयद बाकर जैदी के अजाखाने से जुलूस अलम बरामद हुआ। जैदी फार्म की अंजुमन के नौहेख्वान रजा नकवी, हसन मियां, शाहनवाज, शबीह जैदी ने नौहे पढ़कर हुसैनियत का पैगाम दिया। शहर के छत्ता अली रजा से जुलजुनाह का जुलूस अली हैदर के अजाखाने से बरामद होकर वैली बाजार से गुजरता हुआ आयोजक चांद मियां व अंजुमन इमामिया रहे।
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इमाम हुसैन की याद में शर्बत का लंगर
हजरत इमाम हुसैन एवं शोहदाए कर्बला की याद में अख्तर मस्जिद रोड पर आयोजित कार्यक्रम में इमाम हुसैन के किरदार पर रोशनी डाली। इस अवसर पर हाजी निसार अहमद ने कहा कि हजरत इमाम हुसैन ने पूरी दुनिया को इंसानियत का पैगाम दिया। कार्यक्रम में डॉ. इमरान निजामी, सूफी बब्लू, नजमुल हसन जैदी, नईम कौसर सिद्दीकी, अमजद मौजूद रहे।
राष्ट्रीय ध्वज के साथ निकाला जुलूस
अब्दुल्लापुर में कड़ी सुरक्षा के बीच जुलूस निकाला गया। ड्रोन कैमरे से संवेदनशील रास्तों पर नजर रखी गई। कैंट विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल समर्थकों के साथ पहुंचे। एसपी देहात राजेश कुमार, एसपी क्राइम बीपी अशोक, सीओ सिविल लाइन श्रीराम अर्ज, सीओ मवाना, सीओ किठौर, सीओ सदर देहात जितेंद्र कुमार, सीओ कार्यालय उमेश नाथ मिश्रा, सीओ यातायात संजीव देशवाल के साथ एसओ किला परीक्षितगढ, मुंडाली, फलावदा, गंगानगर, इंचौली, खरखौदा व भावनपुर पुलिस बल सहित, एक कंपनी पीएसी, एक फायर टैंकर मौजूद रहे।
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जुलूस बुनियाद चौक होते हुए पंडित चौक पहुंचा। यहां रोशन अब्बास व मो. रजा पीरू ने नौहेख्वानी की। अस्र की नमाज के बाद जुलूस-ए-जुलजुनाह व अलम मुबारक मस्जिद-वक्फ इमामबारगाह में गया। जहां मौलाना हामिद हुसैन ने खिताब करते हुए कहा कि मुहर्रम आतंकवाद के खिलाफ एक जंग है। आज से 14 सौ साल पहले यजीद ने आतंकवाद की शुरुआत की थी, जिसकी इमाम हुसैन ने यजीद के जुल्म के खिलाफ आवाज उठाई। इमाम हुसैन ने अपने सभी 71 साथियों के साथ पूरी दुनिया को अमन का पैगाम देने के लिये शहादत दी। सोगवारों ने जंजीरों से मातम किया। शबाब हैदर व मौहम्मद असद ने यह नौहा पढ़ा- कलमा पढ़वा दो शहीदे कर्बला के नाम का, जर्रे-जर्रे को सुना दो दास्ताने कर्बला। इसके बाद जुलूस मोहल्ला बाजार से गढ़ी पहुंचा। जुलूस की निगरानी अंजुमने जहूर-ए-इमाम महंदी मूवमेन्ट के फाउंडर नायब अली एडवोकेट, अली मिशन के सचिव हसन मेहंदी, सरफराज अली, रजा अहमद, रोशन अब्बास, हाजी जफर अब्बास, हसन बहादुर, शौकत अली उर्फ गुप्ता, मंसूर अली, चांद हुसैन, जियाउलहसन, जाफर अली आदि कर रहे थे।
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जैदी फार्म से जुलूसे अलम बरामद
मेरठ। हजरत इमाम हुसैन और शोहदाए कर्बला की याद में शहर सहित रामबाग कालोनी, जैदी फार्म लोहिया नगर में जुलूस एवं शबीह ताबूत बरामद हुए। इसी बीच मजलिसों में शिया आलिमों ने हजरत कासिम की शहादत बयां की। रामबाग कालोनी में सैयद बाकर जैदी के अजाखाने से जुलूस अलम बरामद हुआ। जैदी फार्म की अंजुमन के नौहेख्वान रजा नकवी, हसन मियां, शाहनवाज, शबीह जैदी ने नौहे पढ़कर हुसैनियत का पैगाम दिया। शहर के छत्ता अली रजा से जुलजुनाह का जुलूस अली हैदर के अजाखाने से बरामद होकर वैली बाजार से गुजरता हुआ आयोजक चांद मियां व अंजुमन इमामिया रहे।
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इमाम हुसैन की याद में शर्बत का लंगर
हजरत इमाम हुसैन एवं शोहदाए कर्बला की याद में अख्तर मस्जिद रोड पर आयोजित कार्यक्रम में इमाम हुसैन के किरदार पर रोशनी डाली। इस अवसर पर हाजी निसार अहमद ने कहा कि हजरत इमाम हुसैन ने पूरी दुनिया को इंसानियत का पैगाम दिया। कार्यक्रम में डॉ. इमरान निजामी, सूफी बब्लू, नजमुल हसन जैदी, नईम कौसर सिद्दीकी, अमजद मौजूद रहे।
राष्ट्रीय ध्वज के साथ निकाला जुलूस
अब्दुल्लापुर में कड़ी सुरक्षा के बीच जुलूस निकाला गया। ड्रोन कैमरे से संवेदनशील रास्तों पर नजर रखी गई। कैंट विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल समर्थकों के साथ पहुंचे। एसपी देहात राजेश कुमार, एसपी क्राइम बीपी अशोक, सीओ सिविल लाइन श्रीराम अर्ज, सीओ मवाना, सीओ किठौर, सीओ सदर देहात जितेंद्र कुमार, सीओ कार्यालय उमेश नाथ मिश्रा, सीओ यातायात संजीव देशवाल के साथ एसओ किला परीक्षितगढ, मुंडाली, फलावदा, गंगानगर, इंचौली, खरखौदा व भावनपुर पुलिस बल सहित, एक कंपनी पीएसी, एक फायर टैंकर मौजूद रहे।