कैराना उपचुनाव 2018: भाजपा ने दलितों और पिछड़ों के बीच उतारे नेता
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राज्यसभा सदस्य कांता कर्दम की मौजूदगी में एससी-एसटी प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों के साथ बैठक हुई। उसमें कहा गया कि संगठन की मजबूती को ध्यान में रखते हुए पार्टी प्रत्याशी को जिताने में जुट जाएं। कश्यप समाज के लोगों की बैठक में आवला से सांसद धर्मेंद्र कश्यप और प्रदेश संगठन महामंत्री ने कहा कि भाजपा ने पिछड़ों के हित में अनेक कार्य किए हैं, उन्हें पिछड़ा वर्ग के लोगों तक पहुंचाएं। इसके बाद पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ की बैठक हुई, जिसमें बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री अनुपमा जायसवाल, मुजफ्फरनगर के सांसद संजीव बालियान, राज्यसभा सदस्य विजयपाल तोमर और पूर्व मंत्री वीरेंद्र सिंह सिरोही सहित जाट बिरादरी के तमाम नेताओं के साथ बैठक हुई। अंत में शाम पांच बजे के बाद सांसदों और विधायकों के साथ अलग से बैठक की गई।
युवा संभालेंगे मॉनिटरिंग और सोशल मीडिया
भाजयुमो के पदाधिकारियों के साथ बैठक में प्रदेश संगठन महामंत्री सुनील बंसल ने कहा कि उपचुनाव के दौरान युवाओं के कंधे पर अहम जिम्मेदारी रहेगी। वह सोशल मीडिया पर सक्रिय रहेंगे तथा मॉनिटरिंग भी करेंगे। सोशल मीडिया पर क्या चल रहा है, उस पर नजर रखेंगे। साथ ही चुनाव के संबंध में क्या क्या जरूरतें है उसकी भी मॉनिटरिंग करेंगे।
पांच जिलों के नेता रहे मौजूद
भाजपा के प्रदेश संगठन मंत्री द्वारा बुलाई गई बैठकों में शामली, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, मेरठ और गाजियाबाद से पार्टी नेता शामिल हुए। इस मौके पर राज्यमंत्री धर्म सिंह सैनी, मुजफ्फरनगर से सांसद संजीव बालियान, सरधना विधायक ठाकुर संगीत सिंह सोम, पश्चिमी उत्तर प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी त्यागी, पूर्व मंत्री अशोक प्रधान, शामली विधायक तेजेंद्र निर्वाल, बड़ौत विधायक केपी मलिक, मोदीनगर से विधायक मंजू सिवाच, पुरकाजी विधायक प्रमोद उटवाल, चरथावल विधायक विजय कश्यप, मुजफ्फरनगर से विधायक कपिल देव अग्रवाल, मेरठ से व्यापारी नेता अरुण वशिष्ठ, मुजफ्फरनगर से व्यापारी नेता श्रीमोहन तायल, शामली जिला प्रभारी संजीव सिक्का, जिलाध्यक्ष पवन तरार, मुजफ्फरनगर से पूर्व जिलाध्यक्ष देवव्रत त्यागी, विजय बहादुर पाठक, मोहित बेनीवाल, युवा मोर्चा के वरुण गोयल सहित विभिन्न पदाधिकारी मौजूद रहे।
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भाजपा में शामिल हुए अनिल चौहान
2017 के विधानसभा चुनाव में बगावत करके रालोद में शामिल होने वाले अनिल चौहान फिर से भाजपा में लौट आए हैं। बृहस्पतिवार को प्रदेश संगठन महामंत्री सुनील बंसल की मौजूदगी में वह भाजपा में शामिल हुए। गौरतलब है कि अनिल चौहान ने 2014 के उपचुनाव में कैराना विधानसभा सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था, तब वह सपा प्रत्याशी नाहिद हसन से महज 1100 वोट के अंतर से हार गए थे। इसके बाद 2017 के विधानसभा चुनाव में भी वह टिकट की दावेदारी में थे, लेकिन ऐन वक्त पर पूर्व सांसद दिवंगत हुकुम सिंह की बेटी मृगांका सिंह को प्रत्याशी बना दिया गया था। इस कारण अनिल चौहान ने बगावत कर दी थी और रालोद में शामिल होकर चुनाव लड़ा था। वैसे भी अनिल चौहान पूर्व सांसद हुकुम सिंह के पौत्र और मृगांका सिंह के भतीजे लगते हैं। इस लिहाज से गुर्जर समाज के लोग भी अनिल चौहान को मनाने में जुटे हुए थे।
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