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दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे : जमीन का पता नहीं, 14 को होगा टेंडर

Thu, 08 Dec 2016 10:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Thu, 08 Dec 2016 10:46 AM IST
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jameen ka pata nahi
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के निर्माण में कोई तेजी नहीं नजर आ रही है। इस लेटलतीफी के कारण ही केंद्र ने पिछले दिनों एनएचएआई (नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया) का चेयरमैन भी बदल दिया। इसके बाद डासना से मेरठ तक के मार्ग का टेंडर 14 दिसंबर को छोड़ने की तैयारी है, पर एनएचएआई और जिला प्रशासन अभी तक जमीन पर कब्जे की कार्यवाही पूरी नहीं कर पाए हैं। बता दें कि इसके लिए मेरठ के 12 गांवों की जमीन का अधिग्रहण होना है।
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एक्सप्रेसवे निर्माण का शिलान्यास नोएडा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। बावजूद इसके काम की गति बेहद धीमी है। आधे से ज्यादा मार्ग का टेंडर नहीं छूटा तो कई जगहों पर जमीन का अधिग्रहण कर कब्जा नहीं किया जा सका है। जबकि, उद्घाटन के वक्त पीएम ने ढाई वर्ष में यानी वर्ष-2017 के मध्य तक इसका निर्माण पूरा होने की घोषणा की थी। इसी लेटलतीफी के कारण पिछले दिनों केंद्र ने एनएचएआई के चेयरमैन को हटाते हुए दूसरी नियुक्ति की थी। इसके बाद एनएचएआई एक्सप्रेसवे को लेकर गंभीर नजर आ रहा है। 14 दिसंबर को डासना से मेरठ तक के मार्ग का टेंडर छोड़ा जाएगा। लेकिन, जमीन पर कब्जा न होने से टेंडर छोड़ने की प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं। मेरठ में अभी तक जमीन पर कब्जा तो दूर, अधिग्रहण भी नहीं हो पाया है।
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यहां फंसा है पेच
मेरठ जिले के दो गांव अच्छरौंडा और शकरपुर का अवार्ड प्रशासन ने वर्ष-2015 में एनएचएआई को भेजा था। लेकिन, चार माह पहले एनएचएआई ने प्रशासन को पत्र लिखा कि इन दोनों गांवों के सर्किल रेट उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में इनका मुआवजा तय नहीं हो पा रहा है। प्रशासन ने जब रजिस्ट्री में रिकॉर्ड खंगाला तो इन दोनों गांवों के सर्किल रेट नहीं मिले। ऐसे में हाल में हुई रजिस्ट्री के हिसाब से रेट तय करने की कवायद करते हुए एनएचएआई को जवाब भेजा गया। लेकिन, अभी तक सभी किसानों को मुआवजा नहीं बंटा है और न ही जमीन पर कब्जा हो सका है। जबकि, प्रशासन लगातार एनएचएआई से जमीन पर कब्जा लेने के लिए कहता आ रहा है।
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एनएचएआई ने दिए 390 करोड़
अधिग्रहीत जमीन के लिए एनएचएआई को करीब पांच सौ करोड़ रुपये देने हैं, लेकिन अभी तक 390 करोड़ ही जारी किए हैं। इसमें से प्रशासन 362 करोड़ रुपये बांट चुका है। बाकी किसानों को मुआवजा देने के साथ ही जमीन पर कब्जे की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।

इन गांवों में होगा अधिग्रहण
गांव का नाम                  जमीन हेक्टेयर में
चंदसारा                        19.0718
ढिकौली                        11.2395
घोसीपुर                         3.7686
हाजीपुर                         7.4112
खानपुर                         22.0108
नंगलापातू                      12.2774
नरहेड़ा                          12.8733
सलेमपुर                         10.8795
शकरपुर                          7.8659
अच्छरौंडा                         9.4837

भूड़बराल                        1.5120
बराल परतापुर                   9.9450
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