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जांच में फंसे सीसीएसयू के दो पूर्व वीसी
अमर उजाला ब्यूरों
Updated Sat, 03 Sep 2016 01:45 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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सीसीएसयू के दो पूर्व कुलपतियों की मुश्किल बढ़ने वाली हैं। उन्हें जेल की भी हवा खानी पड़ सकती है। जल्द ही विजिलेंस इनके खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में जमा करने वाली है। दोनों पूर्व कुलपतियों के सिग्नेचर के सबूत विजिलेंस टीम ने विवि से लिए हैं। सिग्नेचर मिलान के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजे हैं। रिपोर्ट आते ही चार्जशीट जमा कर दी जाएगी। सूत्रों के मुताबिक जांच में आरोपियों के खिलाफ सबूत मिले हैं।
पूर्व कुलपति डॉ. रामपाल सिंह और पूर्व कुलपति डॉ. एसपी ओझा के खिलाफ विजिलेंस जांच कर रही है। कई साल से जांच चल रही है। विवि के अधिकारियों और कर्मचारियों ने रिकॉर्ड उपलब्ध कराने में विजिलेंस टीम को काफी चक्कर कटवाए हैं। कई साल की भागदौड़ के बाद चार्जशीट तैयार हो चुकी है। सूत्रों के मुताबिक दोनों पूर्व कुलपतियों के खिलाफ नियुक्ति करने के मामले में सबूत मिले हैं। घोटाले और नियुक्ति से जुड़ी फाइलें विवि से गायब की गई।
जवाब देने में टरका गया। हाल में विजिलेंस टीम ने दोनों कुलपतियों के सिग्नेचर विवि से लिए। 10-10 सिग्नेचर कुलपतियों के मिलान के लिए हासिल किए। इनको विधि विज्ञान प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा जा रहा है। रिपोर्ट आते ही चार्जशीट जमा कर दी जाएगी। सूत्रों की माने तो विजिलेंस की चार्जशीट पूर्व कुलपतियों को मुश्किल में डाल सकती है। गौरतलब है कि भ्रष्टाचार और नियुक्ति में विवि के कई कुलपति बदनाम हुए हैं। उनकी वजह से विवि को भी काफी बदनामी झेलनी पड़ी है।
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पूर्व कुलपति डॉ. रामपाल सिंह और पूर्व कुलपति डॉ. एसपी ओझा के खिलाफ विजिलेंस जांच कर रही है। कई साल से जांच चल रही है। विवि के अधिकारियों और कर्मचारियों ने रिकॉर्ड उपलब्ध कराने में विजिलेंस टीम को काफी चक्कर कटवाए हैं। कई साल की भागदौड़ के बाद चार्जशीट तैयार हो चुकी है। सूत्रों के मुताबिक दोनों पूर्व कुलपतियों के खिलाफ नियुक्ति करने के मामले में सबूत मिले हैं। घोटाले और नियुक्ति से जुड़ी फाइलें विवि से गायब की गई।
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जवाब देने में टरका गया। हाल में विजिलेंस टीम ने दोनों कुलपतियों के सिग्नेचर विवि से लिए। 10-10 सिग्नेचर कुलपतियों के मिलान के लिए हासिल किए। इनको विधि विज्ञान प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा जा रहा है। रिपोर्ट आते ही चार्जशीट जमा कर दी जाएगी। सूत्रों की माने तो विजिलेंस की चार्जशीट पूर्व कुलपतियों को मुश्किल में डाल सकती है। गौरतलब है कि भ्रष्टाचार और नियुक्ति में विवि के कई कुलपति बदनाम हुए हैं। उनकी वजह से विवि को भी काफी बदनामी झेलनी पड़ी है।
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