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मेरठ कैंट क्षेत्र में धरा गया आईएसआई एजेंट

Sat, 28 Nov 2015 02:16 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ Updated Sat, 28 Nov 2015 02:16 AM IST
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ISI agents detained in Meerut Cantt area
मेरठ। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी को भारतीय सेना के गोपनीय दस्तावेज और सूचनाएं भेजने वाले आईएसआई एजेंट को एसटीएफ ने शुक्रवार को कैंट स्टेशन के पास से दबोच लिया।
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मूल रूप से पाकिस्तान निवासी एजेंट एक साल से बरेली में रह रहा था। एजेंट के पास से सेना के गोपनीय दस्तावेजों के अलावा लैपटॉप, मोबाइल, सिम समेत कई चीजें बरामद की गई। एसटीएफ ने थाना सदर बाजार पर केस दर्ज कराकर एजेंट पुलिस को सौंप दिया।
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एएसपी एसटीएफ शैलेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि विभिन्न माध्यमों से हमें आईएसआई के एजेंट के संबंध में जानकारी मिल रही थी। शुक्रवार को सटीक सूचना पर सीओ एसटीएफ अनित कुमार के साथ कैंट स्टेशन के पास घेराबंदी कर आईएसआई एजेंट मोहम्मद इजाज उर्फ मोहम्मद कलाम पुत्र मोहम्मद इशहाक मूल निवासी तरामडी चौक इरफानाबाद, इस्लामाबाद पाकिस्तान को गिरफ्तार कर लिया गया। इजाज वर्तमान में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर 457, दीवान खाना शाहाबाद बरेली में रह रहा था।
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तीन साल से था आईएसआई के संपर्क में
एएसपी ने बताया कि इजाज का पिता पाकिस्तान एग्रीकल्चर रिसर्च सेंटर में ड्राइवर था। वर्ष 2012 में इजाज का परिवार आईएसआई के संपर्क में आया था। आईएसआई ऑफिसर सलीम ने अपने संरक्षण में इजाज को प्रशिक्षित किया।

जिसके बाद आईएसआई अधिकारियों ने उसे भारत भेजने के लिए तैयार किया। इजाज को भारत भेजने का विशेष मकसद वेस्ट यूपी और उत्तराखंड में सैन्य गतिविधियों और अहम दस्तावेजों की समय-समय पर सूचना लेना था।

कराची से वाया ढाका भारत आया था
पूछताछ में इजाज ने बताया कि पाकिस्तानी पासपोर्ट पर उसे कराची से ढाका भेजा गया थ। जहां उसे प्रोबीन नाम के व्यक्ति ने उसका पासपोर्ट और अन्य दस्तावेज ले लिए। प्रोबीन ने ही इजाज को नदी के रास्ते बांग्लादेश से भारत भेजा। 9 फरवरी 2013 को उसे मोहम्मद इरशाद निवासी मटिया बुर्ज साउथ 24 परगना पश्चिम बंगाल के घर पर छोड़ दिया गया था।

कोलकाता में शादी, फिर आया बरेली
इरशाद और उसके लड़के अशफाक ने अपने एक रिश्तेदार जहांगीर निवासी कसाईपाड़ा कोलकाता के माध्यम से इजाज के जूनियर हाईस्कूल के फर्जी प्रमाणपत्र, फर्जी वोटर कार्ड, राशन कार्ड बनवाते हुए सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का खाता खुलवा दिया। वहीं पर एजेंट इजाज ने रईस नाम के व्यक्ति के साथ फोटो और वीडियोग्राफी का काम किया था।

जहां उसकी मुलाकात आसमां पुत्री शमशेर से कराई गई। अक्तूबर 2014 को दोनों का निकाह करा दिया गया। इसके बाद दो महीने तक इजाज आरा बिहार में रहा और फिर दिसंबर 2014 को अपने विशेष मिशन के तहत बरेली आ गया।

नाम छिपाकर बरेली पहुंचा इजाज
बरेली पहुंचने से पहले इजाज ने अपनी पहचान छुपाने के लिए मूल नाम को अपनी जिंदगी से हटा दिया। बरेली में वह जिसके भी संपर्क में आया, उसे अपना नाम मोहम्मद कलाम निवासी बिहार बताया। बरेली में उसने फोटो और वीडियोग्राफी करने वालों के साथ वीडियो मिक्सिंग और एडिटिंग का काम शुरू कर दिया।

इसी दौरान किसी दलाल के माध्यम से मोहम्मद कलाम के नाम पर शाहबाद बरेली के पते पर भारतीय पहचान वाला आधार कार्ड भी फर्जी तरीके से बनवा लिया।

वेस्ट यूपी-उत्तराखंड की थी जिम्मेदारी
आईएसआई ऑफिसर सलीम ने इजाज को विशेष तौर पर वेस्ट यूपी और उत्तराखंड की सैन्य छावनियों, सैन्य यूनिटों के मूवमेंट, सैन्य दस्तावेजों और गतिविधियों की जानकारी भेजने की जिम्मेदारी दी थी।

आईएसआई को भेजा मिराज की इमरजेंसी लैंडिंग का वीडियो
इजाज ने बताया कि बीते दिनों नोएडा यमुना एक्सप्रेस-वे पर की गई मिराज की इमरजेंसी लैंडिंग का वीडियो उसने आईएसआई को भेजा था। इसके अलावा उसने बरेली कैंट में स्थित विभिन्न सैन्य इकाईयों से संबंधित जानकारी भी पाक एजेंसी को भेजी थी।

साथ ही उसने बरेली एयरबेस और सुखोई-30 फाइटर जेट से संबंधित जानकारी, रायवाला हरिद्वार कैंट की एक यूनिट के मूवमेंट की जानकारी और पिथौरागढ़ स्थित माउंटेन ब्रिगेड से संबंधित जानकारी आईएसआई अधिकारियों को भेज चुका है। इस कार्य के बदले आईएसआई इजाज को अब तक 5.8 लाख रुपये का भुगतान कर चुकी है। पाकिस्तान स्थित उसके परिवार को हर महीने 50 हजार रुपये का भुगतान किया जाता है।

ये हुई बरामदगी
भारतीय सेना के गोपनीय दस्तावेज
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का एक एटीएम कार्ड
एजेंट के नादरा कार्ड की फोटो कॉपी (पाकिस्तानी पहचान पत्र)
एक मोबाइल फोन, एक सिम कार्ड (टाटा डोकोमो), एक लैपटॉप
एक पेन ड्राइव
पश्चिम बंगाल में बने फर्जी वोटर आईडी कार्ड की फोटो कॉपी
बरेली पते पर बना फर्जी आधार कार्ड
दिल्ली मेट्रो का ट्रेवलर कार्ड
भारतीय 463 रुपये, नेपाल का 10 रुपये का नोट, सऊदी रियाल का एक सिक्का

गूगल पर अलग-अलग चार आईडी
मेरठ। आईएसआई एजेंट इजाज स्काइप और जीमेल के जरिए पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं से संपर्क करता था। इसके लिए उसका समय भी निर्धारित था। इसी दौरान वह अपनी गतिविधियों की जानकारी देता था तो आईएसआई अधिकारी उसे टास्क दिया करते थे।

एसटीएफ अफसरों द्वारा की गई गहन पूछताछ में आईएसआई एजेंट मोहम्मद इजाज ने बताया कि गोपनीय सूचनाओं के लिए और अन्य जानकारी देने के लिए उसने गूगल पर गुड़िया, नितिन, सचिन आदि नाम से चार आईडी बनाई हुईं थीं।

इन्हीं के जरिये वह पाकिस्तान में बैठे आईएसआई के एसपी सलीम के संपर्क में रहता था। वह रात में 11 बजे से दो बजे के बीच सलीम से संपर्क करता था। जीमेल एकाउंट के अलावा वह स्काइप के जरिये भी सलीम के संपर्क में रहता था। स्काइप पर बात करने के लिए सलीम हर बार उसे अलग पासवर्ड देता था, जिसके जरिए वह संपर्क करता था।

इजाज का बरेली का घर होगा सर्च
सीओ एसटीएफ अनित कुमार ने बताया कि मोहम्मद इजाज के बरेली स्थित घर पर सर्च के एक टीम भेज दी गई है। जो उसके घर की गहन तलाशी लेने के साथ ही वहां मौजूद दस्तावेजों को कब्जे में लेगी। इसके अलावा एक टीम कोलकाता भी भेजी जाएगी।

वेस्ट बंगाल जाएगी एसटीएफ
एजाज से पूछताछ में उसके तीन खास साथियों के नाम सामने आए हैं। इनमें प्रोबीन, इरशाद और रईस के नाम शामिल हैं। एसटीएफ हालांकि तीनों आरोपियों की ही तलाश में जुट गई है पर उसे वेस्ट बंगाल में प्रोबीच हाथ में आने की उम्मीद है। बाकी दोनों की तलाश में एटीएस भी लगाई गई है।


एटीएस, एमआई, आईबी कर रही पूछताछ
हत्थे चढ़े आईएसआई एजेंट मोहम्मद इजाज से एसटीएफ के अलावा केंद्रीय खुफिया एज़ेंसी आईबी, आर्मी इंटेलीजेंस और एंटी टेरेरिस्ट स्क्वाएड के अधिकारी भी पूछताछ कर रहे हैं। उससे इस बात की जानकारी की जा रही है कि वह अपने आकाओं को और कौन सी गोपनीय सूचना मुहैया करा चुका है।
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