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20 साल से हो रहे खनन पर अब जागा सिंचाई विभाग, प्रशासन मौन
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20 साल से हो रहे खनन पर अब जागा सिंचाई विभाग, प्रशासन मौन
दौराला। दौराला-सुरानी मार्ग पर सरकारी ट्यूबवेल पर 20 साल से माफिया मिट्टी का खनन कर रहे थे। लेकिन सिंचाई विभाग इस बात से अनजान बना रहा। बुधवार को अमर उजाला ने इस समाचार को प्रमुखता से प्रकाशित किया तो सिंचाई विभाग हरकत में आया। अधिकारी माफिया के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने दौराला थाने पहुंचे। लेकिन पुलिस ने मामला राजस्व से जुड़ा होने की बात कहते हुए एसडीएम कोर्ट से मुकदमा दर्ज कराने की बात कही। वहीं, टीम तहसील स्तर से अभिलेख जुटाने में जुट गई है। उधर, एसडीएम ने मामले की जानकारी से इनकार किया है।
25 साल पहले सिंचाई विभाग ने फसलों की सिंचाई के लिए खसरा नंबर 210 में सरकारी ट्यूबवेल लगवाई थी। इसकी नालियां कई किसानों के खेतों से होकर गुजरती थी। 20 साले पहले ट्यूबवेल खराब होने के कारण माफिया ने इस जमीन पर खनन शुरू करा दिया। धीरे-धीरे ट्यूबवेल का अस्तित्व ही खत्म हो गया। पिछले 20 साल से इस जमीन पर मिट्टी का खनन चल रहा है, लेकिन सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने इस पर आज तक संज्ञान नहीं लिया। इस कारण खनन माफिया कर दुस्साहस बढ़ता गया। एसडीएम और तहसीलदार से शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं की गई।
मुकदमा दर्ज कराने पहुंची टीम
सरकारी ट्यूबवेल का अस्तित्व खत्म कर मिट्टी का खनन करने का समाचार अमर उजाला में प्रकाशित होने के बाद सिंचाई विभाग के अधिकारी हरकत में आए। बुधवार को अधिशासी अभियंता आशीष कुमार रमन ने टीम का गठन किया। टीम में शामिल एसडीओ रुचिन कुमार, सुधीर सिंह व अमीन लोकेश गुप्ता मौके पर पहुंचे। मौके पर जांच के करने के बाद टीम दौराला थाने में माफिया के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने पहुंची। टीम ने थाना पुलिस को तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने राजस्व का मामला होने की बात कहते हुए एसडीएम कोर्ट से मुकदमा दर्ज कराने की बात कहीं। जिस पर टीम बैरंग लौट गई। टीम फिलहाल सरकारी ट्यूबवेल को लेकर अभिलेख जुटाने में जुट गई है।
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एसडीएम से शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
6 जनवरी 2020 को ट्यूबवेल का अस्तित्व खत्म होने और मिट्टी खनन की शिकायत तहसील दिवस में की गई थी। इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। लोगों का आरोप है कि जब तहसील दिवस में शिकायत पर भी कार्रवाई नहीं हो रही तो फिर कहां शिकायत करें।
मेरे संज्ञान में नहीं मामला
एसडीएम सरधना अमित कुमार भारतीय का कहना है कि ट्यूबवेल और खनन के संबंध में मुझसे किसी ने शिकायत नहीं की। मेरे संज्ञान में ऐसा कोई मामला नहीं आया है।
जांच प्रक्रिया शुरू
सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता आशीष कुमार रमन का कहना है कि तहसील दिवस में मामला सामने आया था। बुधवार को इसकी जांच कराई गई। माफिया के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए टीम को थाने भेजा था। लेकिन पुलिस ने राजस्व का मामला होने की बात कहकर एसडीएम कोर्ट से मुकदमा दर्ज कराने की बात कही है। तहसील से अभिलेख निकलवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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दौराला। दौराला-सुरानी मार्ग पर सरकारी ट्यूबवेल पर 20 साल से माफिया मिट्टी का खनन कर रहे थे। लेकिन सिंचाई विभाग इस बात से अनजान बना रहा। बुधवार को अमर उजाला ने इस समाचार को प्रमुखता से प्रकाशित किया तो सिंचाई विभाग हरकत में आया। अधिकारी माफिया के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने दौराला थाने पहुंचे। लेकिन पुलिस ने मामला राजस्व से जुड़ा होने की बात कहते हुए एसडीएम कोर्ट से मुकदमा दर्ज कराने की बात कही। वहीं, टीम तहसील स्तर से अभिलेख जुटाने में जुट गई है। उधर, एसडीएम ने मामले की जानकारी से इनकार किया है।
25 साल पहले सिंचाई विभाग ने फसलों की सिंचाई के लिए खसरा नंबर 210 में सरकारी ट्यूबवेल लगवाई थी। इसकी नालियां कई किसानों के खेतों से होकर गुजरती थी। 20 साले पहले ट्यूबवेल खराब होने के कारण माफिया ने इस जमीन पर खनन शुरू करा दिया। धीरे-धीरे ट्यूबवेल का अस्तित्व ही खत्म हो गया। पिछले 20 साल से इस जमीन पर मिट्टी का खनन चल रहा है, लेकिन सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने इस पर आज तक संज्ञान नहीं लिया। इस कारण खनन माफिया कर दुस्साहस बढ़ता गया। एसडीएम और तहसीलदार से शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं की गई।
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मुकदमा दर्ज कराने पहुंची टीम
सरकारी ट्यूबवेल का अस्तित्व खत्म कर मिट्टी का खनन करने का समाचार अमर उजाला में प्रकाशित होने के बाद सिंचाई विभाग के अधिकारी हरकत में आए। बुधवार को अधिशासी अभियंता आशीष कुमार रमन ने टीम का गठन किया। टीम में शामिल एसडीओ रुचिन कुमार, सुधीर सिंह व अमीन लोकेश गुप्ता मौके पर पहुंचे। मौके पर जांच के करने के बाद टीम दौराला थाने में माफिया के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने पहुंची। टीम ने थाना पुलिस को तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने राजस्व का मामला होने की बात कहते हुए एसडीएम कोर्ट से मुकदमा दर्ज कराने की बात कहीं। जिस पर टीम बैरंग लौट गई। टीम फिलहाल सरकारी ट्यूबवेल को लेकर अभिलेख जुटाने में जुट गई है।
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एसडीएम से शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
6 जनवरी 2020 को ट्यूबवेल का अस्तित्व खत्म होने और मिट्टी खनन की शिकायत तहसील दिवस में की गई थी। इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। लोगों का आरोप है कि जब तहसील दिवस में शिकायत पर भी कार्रवाई नहीं हो रही तो फिर कहां शिकायत करें।
मेरे संज्ञान में नहीं मामला
एसडीएम सरधना अमित कुमार भारतीय का कहना है कि ट्यूबवेल और खनन के संबंध में मुझसे किसी ने शिकायत नहीं की। मेरे संज्ञान में ऐसा कोई मामला नहीं आया है।
जांच प्रक्रिया शुरू
सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता आशीष कुमार रमन का कहना है कि तहसील दिवस में मामला सामने आया था। बुधवार को इसकी जांच कराई गई। माफिया के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए टीम को थाने भेजा था। लेकिन पुलिस ने राजस्व का मामला होने की बात कहकर एसडीएम कोर्ट से मुकदमा दर्ज कराने की बात कही है। तहसील से अभिलेख निकलवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।