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सिविल पुलिस से छिन रही बाइक बोट के मुकदमों की जांच
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सिविल पुलिस से छिन रही बाइक बोट के मुकदमों की जांच
मेरठ। बाइक बोट घोटाले में दर्ज मुकदमों की जांच सिविल पुलिस से छिन रही है। नोएडा में दर्ज 57 मुकदमों की जांच शासन ने एक फरवरी 2020 को यूपी पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा मेरठ को ट्रांसफर कर दी थी। अब नोएडा के 11 और मुकदमे ईओडब्ल्यू मेरठ को सौंपे गए हैं। ईओडब्ल्यू लखनऊ के अधिकारी लगातार पूरे प्रकरण की मॉनिटरिंग कर जांच में तेजी लाने के निर्देश दे रहे हैं।
रकम को दोगुना करने का झांसा देकर करीब ढाई लाख लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी की गई। ईओडब्ल्यू की जांच में बाइक बोट घोटाला 3500 करोड़ रुपये का बताया गया है। गर्वित इनोवेटिव प्रमोटर्स लिमिटेड कंपनी ने 2018 में बाइक बोट स्कीम लॉन्च की थी। 19 आरोपियों ने कंपनी रजिस्टर्ड कर बाइक बोट घोटाला किया। ईओडब्ल्यू के अनुसार, घोटाले का मुख्य आरोपी संजय भाटी इस समय जेल में है। उसने स्कीम में लोगों का पैसा लगवाकर 9765 रुपये प्रतिमाह देने का वादा किया। एक दो माह बाद कंपनी ने पैसे देने बंद कर दिए थे।
धीमी रही पुलिस की विवेचना
मुख्य आरोपियों में संजय भाटी, उसकी पत्नी दीप्ति बहल, एमडी करण पाल, निजी सहायिका रीता चौधरी, निदेशक ललित कुमार, बीएन तिवारी और नोबेल बैंक का संस्थापक बिजेंद्र सिंह हुड्डा हैं। मामले की शुरुआती जांच में नोएडा पुलिस ने नौ लोगों को गिरफ्तार किया। वहीं ईओडब्ल्यू मेरठ 11 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
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20 मुकदमों में चार्जशीट तैयार
ईओडब्ल्यू मेरठ जिन मुकदमों की जांच कर रही है, उनमें 20 लोग जेल में बंद हैं। ईओडब्ल्यू के अधिकारियों का दावा है कि जिन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है, उनमें किसी को भी जमानत नहीं मिली है। विवेचना में पूरे साक्ष्य जुटाए गए हैं। 20 अन्य मुकदमों की चार्जशीट तैयार है। एसपी डॉ. राम सुरेश यादव का कहना है कि कुछ मुकदमों में चार्जशीट तैयार हैं। आरोपियों के खिलाफ पूरे साक्ष्य जुटाए गए हैं।
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मेरठ। बाइक बोट घोटाले में दर्ज मुकदमों की जांच सिविल पुलिस से छिन रही है। नोएडा में दर्ज 57 मुकदमों की जांच शासन ने एक फरवरी 2020 को यूपी पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा मेरठ को ट्रांसफर कर दी थी। अब नोएडा के 11 और मुकदमे ईओडब्ल्यू मेरठ को सौंपे गए हैं। ईओडब्ल्यू लखनऊ के अधिकारी लगातार पूरे प्रकरण की मॉनिटरिंग कर जांच में तेजी लाने के निर्देश दे रहे हैं।
रकम को दोगुना करने का झांसा देकर करीब ढाई लाख लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी की गई। ईओडब्ल्यू की जांच में बाइक बोट घोटाला 3500 करोड़ रुपये का बताया गया है। गर्वित इनोवेटिव प्रमोटर्स लिमिटेड कंपनी ने 2018 में बाइक बोट स्कीम लॉन्च की थी। 19 आरोपियों ने कंपनी रजिस्टर्ड कर बाइक बोट घोटाला किया। ईओडब्ल्यू के अनुसार, घोटाले का मुख्य आरोपी संजय भाटी इस समय जेल में है। उसने स्कीम में लोगों का पैसा लगवाकर 9765 रुपये प्रतिमाह देने का वादा किया। एक दो माह बाद कंपनी ने पैसे देने बंद कर दिए थे।
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धीमी रही पुलिस की विवेचना
मुख्य आरोपियों में संजय भाटी, उसकी पत्नी दीप्ति बहल, एमडी करण पाल, निजी सहायिका रीता चौधरी, निदेशक ललित कुमार, बीएन तिवारी और नोबेल बैंक का संस्थापक बिजेंद्र सिंह हुड्डा हैं। मामले की शुरुआती जांच में नोएडा पुलिस ने नौ लोगों को गिरफ्तार किया। वहीं ईओडब्ल्यू मेरठ 11 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
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20 मुकदमों में चार्जशीट तैयार
ईओडब्ल्यू मेरठ जिन मुकदमों की जांच कर रही है, उनमें 20 लोग जेल में बंद हैं। ईओडब्ल्यू के अधिकारियों का दावा है कि जिन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है, उनमें किसी को भी जमानत नहीं मिली है। विवेचना में पूरे साक्ष्य जुटाए गए हैं। 20 अन्य मुकदमों की चार्जशीट तैयार है। एसपी डॉ. राम सुरेश यादव का कहना है कि कुछ मुकदमों में चार्जशीट तैयार हैं। आरोपियों के खिलाफ पूरे साक्ष्य जुटाए गए हैं।