{"_id":"58fa48ab4f1c1b8e338b4c3f","slug":"international-women-wrestler-alka-tomar-praised-this-decision-of-yogi-sarkar","type":"story","status":"publish","title_hn":"अंतर्राष्ट्रीय महिला रेसलर अलका तोमर ने योगी सरकार के इस फैसले को सराहा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अंतर्राष्ट्रीय महिला रेसलर अलका तोमर ने योगी सरकार के इस फैसले को सराहा
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
Updated Sat, 22 Apr 2017 12:36 PM IST
विज्ञापन
अलका तोमर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
योगी सरकार ने पूर्ववर्ती सपा सरकार द्वारा दिए गए यश भारती पुरस्कारों की बंदरबांट की समीक्षा कराने का फैसला लिया है। अंतर्राष्ट्रीय महिला रेसलर अलका तोमर ने भी फैसले का स्वागत किया है।
खेल, साहित्य, सामाजिक सेवा और सिनेमा जगत में अहम योगदान देने वालों को प्रदेश सरकार यश भारती पुरस्कार देकर सम्मानित करती है। पुरस्कार राशि 11 लाख रुपये नकद और हर महीने 50 हजार रुपये पेंशन दी जाती है। सपा सरकार ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वालों को इस पुरस्कार से नवाजा था। योगी सरकार ने अब इस पुरस्कार की समीक्षा करने का आदेश दिया है। सरकार का कहना है कि पुरस्कार देने के लिए जरूरी मापदंड होते है। सरकार मापदंडों की समीक्षा कराना चाहती है। मेरठ निवासी पूर्व अंतर्राष्ट्रीय महिला पहलवान अलका तोमर, क्रिकेटर भुवनेश्वर कुमार और पीके को भी यश भारती सम्मान मिल चुका है। अलका तोमर ने इस बारे में कहा कि सरकार किसी भी पुरस्कार की समीक्षा कराने का अधिकार रखती है। उनके हिसाब से जिन्हें भी यह पुरस्कार मिला है वे सभी डिजर्व करते हैं। कुछ लोगों की जरूर चर्चा हुई थी, लेकिन वह इस बारे में किसी का नाम नहीं लेना चाहती।
विज्ञापन
खेल, साहित्य, सामाजिक सेवा और सिनेमा जगत में अहम योगदान देने वालों को प्रदेश सरकार यश भारती पुरस्कार देकर सम्मानित करती है। पुरस्कार राशि 11 लाख रुपये नकद और हर महीने 50 हजार रुपये पेंशन दी जाती है। सपा सरकार ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वालों को इस पुरस्कार से नवाजा था। योगी सरकार ने अब इस पुरस्कार की समीक्षा करने का आदेश दिया है। सरकार का कहना है कि पुरस्कार देने के लिए जरूरी मापदंड होते है। सरकार मापदंडों की समीक्षा कराना चाहती है। मेरठ निवासी पूर्व अंतर्राष्ट्रीय महिला पहलवान अलका तोमर, क्रिकेटर भुवनेश्वर कुमार और पीके को भी यश भारती सम्मान मिल चुका है। अलका तोमर ने इस बारे में कहा कि सरकार किसी भी पुरस्कार की समीक्षा कराने का अधिकार रखती है। उनके हिसाब से जिन्हें भी यह पुरस्कार मिला है वे सभी डिजर्व करते हैं। कुछ लोगों की जरूर चर्चा हुई थी, लेकिन वह इस बारे में किसी का नाम नहीं लेना चाहती।
विज्ञापन