ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे पर तिरंगे का अपमान, प्रधानमंत्री मोदी ने किया था उद्घाटन
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बागपत में आधे-अधूरे ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे पर फटा हुआ तिरंगा लहरा रहा है। तेज हवा के कारण फट गए तिरंगे को उतारने की किसी ने सुध तक नहीं ली है। जबकि कई जगह निर्माण कार्य अभी भी चल रहा है।
ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन 27 मई को प्रधानमंत्री ने किया। पीएम के आने से एक दिन पहले एक्सप्रेस-वे पर तिरंगे झंडे लगाए गए थे। इसके बाद किसी ने इन तिरंगों की सुध तक नहीं ली। मवी कलां गांव के पास लगाए गए तिरंगे झंडे फट गए हैं।
इसके बावजूद अभी तक इन्हें नहीं उतारा गया है। मवी कलां से लेकर खेकड़ा में रेलवे के ओवरब्रिज तक अधिक संख्या में यह झंडे लगाए गए थे। आंधी और बरसात के कारण तिरंगे जगह-जगह से फट गए हैं, लेकिन स्थानीय प्रशासन या एनएचएआई के अफसरों ने इस तरफ ध्यान नहीं दिया है। जबकि एक्सप्रेस-वे पर वर्तमान समय में भी काम चल रहा है। जगह-जगह मजदूर और ठेकेदार कंपनी के कर्मचारी बरसात में हुए मिट्टी के कटान को रोकने का काम कर रहे हैं। दोबारा से कई जगह मिट्टी डलवाई जा रही है। लेकिन कोई तिरंगे की सुध नहीं ले रहा है।
जाली लगाने का काम पूरा नहीं
जंगली जानवरों को एक्सप्रेस-वे पर चढ़ने से रोकने के लिए जगह-जगह लोहे की जाली लगाई गई, लेकिन यह कार्य भी अधूरा पड़ा है। इस कारण जंगली कुत्ते एक्सप्रेस-वे पर चढ़ जाते हैं। तेज गति से वाहनों के गुजरने के कारण हादसों की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।
किसानों को जारी किए जाएंगे पास
एक्सप्रेस-वे के आसपास जमीन बोने वाले किसानों को एनएचएआई की ओर से पास जारी किए जाएंगे। इन पास से किसानों को टोल नहीं देना होगा। कई किसान ऐसे हैं, जिनकी एक्सप्रेस-वे के दोनों ओर खेत हैं। इसके अलावा निकट के ही सोनीपत तक जाने के लिए भी किसान वाहनों को टोल मुक्त किया जा सकता है।
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