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टेंपो चालक की मौत मामले में दरोगा को क्लीन चिट

Fri, 13 Mar 2020 02:12 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 13 Mar 2020 02:12 AM IST
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Inspector gets clean chit in death of Tempo driver
टेंपो चालक की मौत मामले में दरोगा को क्लीन चिट
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मेरठ। 12 जनवरी को टीपीनगर क्षेत्र में दरोगा पर उत्पीड़न का आरोप लगाकर आग लगाने वाले टेंपो यूनियन के प्रधान अश्वनी लोधी की मौत के मामले में पुलिस ने दरोगा को क्लीन चिट दे दी है। इस मामले में कई बार भाजपा और कांग्रेसी नेता हंगामा-प्रदर्शन कर नारेबाजी कर चुके हैं। पुलिस का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर दरोगा को क्लीन चिट दी गई है।
टीपीनगर थाना क्षेत्र की चंद्रलोक कॉलोनी निवासी अश्वनी पुत्र जतन लोधी मलियाना टेंपो यूनियन का प्रधान था। वह बेगमपुल से मलियाना तक टेंपो चलाता था। 22 फरवरी को उसकी शादी होनी तय हुई थी। 12 जनवरी को इरा मॉल चौकी प्रभारी राजदेव पूनिया मलियाना पुल के नीचे पहुंचे। दरोगा ने जाम लगा मिलने पर बीच सड़क खड़े टेंपो का 500 रुपये का चालान काट दिया। चालान काटने का पता चलने के दो घंटे बाद अश्वनी वहां पहुंचा और दरोगा पर पांच हजार रुपये मांगने का आरोप लगा हंगामा किया। बाद में अश्वनी ने अपनी स्कूटी से पेट्रोल निकालकर खुद को आग लगा ली। दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में उसकी मौत हो गई थी। मामले में जमकर बखेड़ा हुआ था। जिसके बाद एसएसपी ने दरोगा राजदेव पूनिया को निलंबित कर दिया था। अश्वनी के परिजनों ने टीपीनगर थाने में दरोगा के खिलाफ धारा 306, 323 और 504 में मुकदमा दर्ज कराया था। केस की विवेचना एसएसआई टीपीनगर संजय शर्मा कर रहे हैं, जबकि प्रकरण की जांच सीओ दिनेश शुक्ला कर रहे हैं। एसओ टीपीनगर दिनेश चंद्र का कहना है कि साक्ष्य के आधार पर दरोगा का विवेचना में नाम निकालकर क्लीन चिट दी गई है। जबकि आग लगाने के लिए अश्वनी को जिन लोगों ने उकसाया उनके नाम विवेचना में शामिल किए जाएंगे।
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घटनास्थल से तीन किमी दूर मिली लोकेशन
पुलिस का कहना है कि मजिस्ट्रेट को दिए बयान में अश्वनी ने कहा था कि आग उसने खुद लगाई है। जिस समय टेंपो यूनियन के प्रधान ने खुद पर पेट्रोल छिड़का उस समय दरोगा मौके पर मौजूद नहीं थे, बल्कि तीन किमी दूर रामलीला मैदान में एक कार्यक्रम में मजिस्ट्रेट के साथ गए थे। मोबाइल की लोकेशन घटनास्थल से तीन किमी दूर आई। सीसीटीवी फुटेज में दरोगा पर मारपीट का आरोप भी गलत पाया। फुटेज में साफ आ रहा था कि पेट्रोल युवक ने खुद छिड़का था।
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ऑडियो रिकार्डिंग बनी आधार
दरोगा राजदेव पूनिया ने टेंपो का चालान काटा तो दरोगा रामलीला मैदान में पहुंच गए। इसके बाद अश्वनी ने दरोगा के मोबाइल पर कॉल की। यह 39 सेकेंड की ऑडियो है। जिसमें युवक दरोगा से गाली-गलौज, धमकी देना, इलाज करना और अन्य बात बोल रहा है। उसके बाद दरोगा को सबक सिखाने की धमकी दी गई। यह ऑडियो पुलिस के पास सुरक्षित है।

एसपी सिटी डॉ अखिलेश नारायण सिंह का कहना है कि युवक ने मजिस्ट्रेट के सामने बयान में यही कहा था कि आग खुद लगाई है। युवक के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने विवेचना की है। जिसमें दरोगा पर जो आरोप लगे थे, वह सही नहीं पाए गए। पुलिस के पास पर्याप्त साक्ष्य हैं।
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