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Meerut News: पांच हजार रुपये रिश्वत लेने का आरोपी दरोगा 22 साल बाद दोषमुक्त
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मेरठ। न्यायालय अपर जिला जज विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम मेरठ प्रमोद कुमार गंगवार ने रिश्वत लेने के आरोपी जालौन निवासी दारोगा रामसेवक वर्मा को दोषमुक्त कर दिया है। आरोपी दरोगा को गुमशुदगी दर्ज करने के नाम पर पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। न्यायालय ने 22 साल केस चलने के बाद संदेह का लाभ देते हुए आरोपी दरोगा को दोषमुक्त किया है।
अलीगढ़ निवासी वादी रामवीर ने आरोपी दरोगा के खिलाफ थाना सासनी गेट अलीगढ़ में अप्रैल 2002 में मुकदमा पंजीकृत कराया था। रामवीर का आरोप था कि उनके नाती मुकेश को मोहल्ले में रहने वाला सोनू घर से बुलाकर ले गया था। जिसके बाद देर शाम तक मुकेश के वापस घर न लौटने पर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने रामवीर थाना सासनी गेट अलीगढ़ में पहुंचे थे। आरोपी दरोगा ने गुमशुदगी दर्ज करने के नाम पर पांच हजार रुपये की मांग की थी।
रामवीर की शिकायत पर भ्रष्टाचार निवारण की टीम ने आरोपी दरोगा को रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। आरोपी के अधिवक्ता ने न्यायालय में बताया कि आरोपी को मुकदमे झूठा फंसाया गया है। दरोगा के निर्दोष होने के साक्ष्य न्यायालय में पेश किए। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनकर तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य को देखकर आरोपी दरोगा को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।
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अलीगढ़ निवासी वादी रामवीर ने आरोपी दरोगा के खिलाफ थाना सासनी गेट अलीगढ़ में अप्रैल 2002 में मुकदमा पंजीकृत कराया था। रामवीर का आरोप था कि उनके नाती मुकेश को मोहल्ले में रहने वाला सोनू घर से बुलाकर ले गया था। जिसके बाद देर शाम तक मुकेश के वापस घर न लौटने पर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने रामवीर थाना सासनी गेट अलीगढ़ में पहुंचे थे। आरोपी दरोगा ने गुमशुदगी दर्ज करने के नाम पर पांच हजार रुपये की मांग की थी।
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रामवीर की शिकायत पर भ्रष्टाचार निवारण की टीम ने आरोपी दरोगा को रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। आरोपी के अधिवक्ता ने न्यायालय में बताया कि आरोपी को मुकदमे झूठा फंसाया गया है। दरोगा के निर्दोष होने के साक्ष्य न्यायालय में पेश किए। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनकर तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य को देखकर आरोपी दरोगा को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।
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