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सहारनपुर बवाल के पीछे क्या है असली वजह, जानकर चौंक जाएंगे
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
Updated Wed, 24 May 2017 06:07 PM IST
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घायलों को अस्पताल ले जाते लोग
- फोटो : amar ujala
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सहारनपुर में हुए बवाल के पीछे क्या वजह है इसका सामने आना बहुत जरूरी हैं। हालांकि कई ऐसे मामले सामने आ रहे हैं जिनसे कहीं न कहीं तो सहारनपुर का माहौल बिगड़ रहा है।
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सबसे पहला मुद्दा तो यहीं है कि ऐसी क्या वजह है जो प्रशासन के होते हुए भी दंगे पर दंगे हो रहे हैं। क्या दंगा कराने के पीछे किसी की साजिश है ? अब चाहे कुछ हो लेकिन कब तक लोगों में मारकाट होती रहेगी। ये बड़ा सवाल है ?
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वहीं भीम आर्मी को लेकर भी कई सवाल उठ रहे हैं कि भीम आर्मी के नाम से सोशल मीडिया पर लोगों को उकसाया गया और उनमें बदले की हिंसा पैदा की गई। एक सवाल यह भी उठ रहा है कि जब मायावती को पता था कि सहारनपुर जातीय हिंसा से उबल रहा हैं तो ऐसे में उन्हें वहां जाकर सभा नहीं करनी थी। क्योंकि अगर भीड़ इकट्ठा न होती तो शायद कल सहारनपुर में फिर से बवाल नहीं होता ?
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जबकि मायावती का कहना है कि दंगे के पीछे भाजपा का हाथ है और सहारनपुर में लगातार बीजेपी ही दंगा करा रही है। अब सच्चाई क्या है ये जानने के लिए देश का हर नागरिक बेताब हैं।
अंबेडकर प्रतिमा पर जातीय संघर्ष
- फोटो : amar ujala bureau
गौरतलब है कि मंगलवार को बसपा सुप्रीमो मायावती सहारनपुर में पीड़ित लोगों से जनसंपर्क करने गई थीं, लेकिन जनसंपर्क कैसे सभा में तब्दील हो गया ये तो पता नहीं चला। इसके बाद जैसे ही मायावती की जनसभा खत्म हुई तो पहले तैयार बैठे हमलावरों से भीड़ पर हमाला बोल दिया और दो को गोली मार दी जबकि कईयों को धारदार हथियार से काट दिया। इससे वहां और जाता हिंसा भड़क उठी।
वहीं बताया जा रहा है कि मायावती को सिर्फ वहां जाने की इजाजत मिली थी न कि सभा करने की। कहा जा सकता है कि मायावती अगर वहां भीड़ को इकट्ठा नहीं करती तो शायद ये बवाल नहीं होता ? मंगलवार को हुए बवाल में दलित समाज के करीब एक दर्जन लोग घायल हो गए जबकि एक युवक की मौके पर मौत हो गई।
हालांकि मायावती के पहुंचने से पहले भीम आर्मी के लोगों ने राजपूतों के बिटौड़े व गलियों में आ लगा दी थी जिससे माहौल और गर्मा गया था। इस समय सहारनपुर में आला अफसर तैनात है।
वहीं बताया जा रहा है कि मायावती को सिर्फ वहां जाने की इजाजत मिली थी न कि सभा करने की। कहा जा सकता है कि मायावती अगर वहां भीड़ को इकट्ठा नहीं करती तो शायद ये बवाल नहीं होता ? मंगलवार को हुए बवाल में दलित समाज के करीब एक दर्जन लोग घायल हो गए जबकि एक युवक की मौके पर मौत हो गई।
हालांकि मायावती के पहुंचने से पहले भीम आर्मी के लोगों ने राजपूतों के बिटौड़े व गलियों में आ लगा दी थी जिससे माहौल और गर्मा गया था। इस समय सहारनपुर में आला अफसर तैनात है।