फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   In four prahar will worship, worship of Lord Shiva will Triyog

चार प्रहर में होगी पूजा, त्रियोग में होगी भगवान शिव की आराधना

Thu, 23 Feb 2017 10:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ Updated Thu, 23 Feb 2017 10:34 AM IST
विज्ञापन
In four prahar will worship, worship of Lord Shiva will Triyog
महाशिवरात्रि
ब्रह्मांड में शिव व शक्ति के मिलन का महादिवस महाशिवरात्रि 24 फरवरी को वरियान व स्वार्थ सिद्ध योग में शुक्रवार को मनाई जाएगी। शाम 6:30 बजे से श्रवण नक्षत्र आ जाने से त्रियोग बन रहा है। इससे त्रिनेत्री महाशिव की कृपा का यह महान दिवस महाशिवरात्रि हो गई है। इस तरह का यह विशेष योग इस सदी में पहली बार पड़ रहा है। महाशिवरात्रि पर चार प्रहर की पूजा और रुद्राभिषेक सभी प्रकार के नकारात्मक प्रभावों को दूर करने में समर्थ होगा। 
विज्ञापन


चार प्रहर पूजा प्रारंभ करने के विशेष मुहूर्त 
भारत ज्योतिष शोध संस्थान के अध्यक्ष ज्योतिष वैज्ञानिक भारत ज्ञान भूषण ने बताया कि चार प्रहर पूजा प्रारंभ करने के लिए विशेष मुहूर्त है। इसमें प्रथम प्रहर शाम 6:13 बजे से 6:20 बजे, दूसरा प्रहर रात 9:24 बजे से 9:30 बजे, तीसरा प्रहर रात 12:34 बजे से 1:39 बजे और चौथा प्रहर सुबह 3:45 बजे से 3:49 बजे तक है। प्रहर पूजन प्रारंभ से तीन घंटे के अंदर महाशिवरात्रि पूजन पूर्ण कर लेना चाहिए। तब इसके अगले प्रहर की पूजा प्रारंभ करनी चाहिए। 
विज्ञापन


रुद्राक्ष लाते है जीवन में सकारात्मक प्रभाव
बाबा औघड़नाथ मंदिर के पुजारी पंडित श्रीधर त्रिपाठी ने बताया कि रुद्र के नेत्र ही रुद्राक्ष कहलाते हैं। रुद्राक्ष मानव के जीवन में सकारात्मक प्रभाव लाते है। शनि पीठ के महामंडलेश्वर महेंद्र दास जी ने बताया कि महाशिवरात्रि में केवल पांच प्रकार की पूजा से ही पंच तत्वों का संतुलन हो जाता है। शास्त्रों में पूजा के पांच प्रकार बताए गए है। अभिगमन, उपादान, योग, स्वाध्याय और इज्या। 
विज्ञापन
विज्ञापन


शिवलिंग पर ऐसे चढ़ाए फूलपत्र 
राजराजेश्वरी मंडिर के पुजारी दिव्यानंद जी महाराज और मंदिर महादेव के पुजारी संजय त्रिपाठी ने बताया कि फूल और फल व पत्ते पेड़ों पर जिस तरह उगते है ठीक उसी तरह से दाहिने हाथ की हथेली को सीधा करके मध्यमा अनामिका और अंगूठे की सहायता से इस प्रकार चढ़ाए तकि फूल व फल क मुख ऊपर की तरफ हो। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed