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अनपढ़ पिता के हस्ताक्षर से मिटाई गयी ‘कालिख’
भावनपुर/मेरठ/ब्यूरो
Updated Fri, 22 Feb 2013 01:46 PM IST
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भूड़पुर गांव के प्राथमिक विद्यालय में छात्रा का मुंह काला कराकर गांव में घुमाए जाने के मामले में दबाव के बाद समझौता हो गया। एबीएसए की मौजूदगी में घंटों चली पंचायत में छात्रा के अनपढ़ पिता से हस्ताक्षर कराकर मामले में लीपापोती कर दी गई।
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ब्लॉक रजपुर गांव भूड़पुर के परिषदीय प्राथमिक विद्यालय में बुधवार को मजदूर रनपाल की आठ वर्षीय बेटी को पेंसिल चुराने की मामूली बात पर मुंह काला करके गांव में घुमाया गया था। मामले को लेकर बृहस्पतिवार को विद्यालय में एबीएसए योगेश यादव, शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष दुष्यंत भारद्वाज, मंत्री नीरज चौधरी, प्राथमिक शिक्षक संघ के दीपक तिवारी की उपस्थिति में पंचायत शुरू हुई। रनपाल और उसकी बेटी को भी बुलाया गया।
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छात्रा ने बताया कि पेंसिल चुराने पर शिक्षिका उसे पास में बने मंदिर में कसम खिलाने ले गई। इसके बाद मारपीट भी की। छुट्टी के बाद उसके चेहरे पर राख लगाई फिर काली स्याही लगाकर गांव में घुमाया। पंचायत में छात्रा के पिता से फैसलानामा पर हस्ताक्षर करा लिए। इस मामले में रनपाल ने बताया कि वह अनपढ़ हैं, नहीं पता कि उस कागज पर क्या लिखा था।
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हालांकि उन्होंने यह जरूर कहा कि वह शिक्षिका के खिलाफ कार्रवाई चाहते थे लेकिन दबाव बनाकर समझौता करा दिया गया। संकल्प संस्था की अध्यक्ष अतुल शर्मा ने कहा कि गांव की गलियों में कालिख पोतकर बच्ची को घुमाए जाने के मामले में न्याय दिलाया जाएगा। बाल अधिकार संरक्षण आयोग को पत्र लिखा जाएगा।
‘मरते दम तक नही भूल पाएगी’
अपनी बेटी के साथ हुई घटना पर मां सोमवती का कहना है कि भले ही फैसला हो गया हो लेकिन क्या उसकी बेटी मरते दम तक यह सब भूल पाएगी।
मुंह काला कराके घुमाने की बात की पुष्टि नहीं हुई है। बच्ची को अध्यापिका ने डांटा था। जिले के सभी अध्यापकों को चेतावनी दी गई है कि ऐसी हरकतें न करें।
- जीवेंद्र सिंह ऐरी, बेसिक शिक्षा अधिकारी