लोकसभा चुनाव के लिए पश्चिमी यूपी में बन रहे थे अवैध हथियार, छह लोग गिरफ्तार
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मेरठ में सरधना थाना क्षेत्र के गांव भामौरी के जंगल में बुटीक की आड़ में ‘मौत’ का सामान तैयार होता था। तमंचे और बंदूक बनाने की फैक्ट्री से छह आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। प्रेसवार्ता में पुलिस अफसरों के सामने एक आरोपी बोला कि भाजपा नेता के संरक्षण में तमंचे बनाने की फैक्ट्री चलाते हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में हथियारों की डिमांड ज्यादा बढ़ने की बात कही।
एसएसपी राजेश कुमार पांडेय, एसपी देहात राजेश कुमार और एएसपी कैंट सतपाल सिंह ने पुलिस लाइन में छह आरोपियों को मीडिया के सामने पेश किया। एसएसपी ने बताया है कि सरधना के भामौरी गांव के बाहर बुटीक की आड़ में तमंचे और बंदूक बनाने की फैक्ट्री चल रही थी। जानकारी लगने पर एसपी देहात और सीओ सरधना ने पुलिस की टीम गठित की। बुधवार को पुलिस ने छापा मारकर ये आरोपी पकड़कर काफी संख्या में तमंचे, बंदूक और हथियार बनाने के औजार बरामद किए।
एसएसपी के मुताबिक आरोपियों ने बताया कि यह फैक्ट्री करीब तीन माह से चल रही थी। आगामी लोकसभा चुनाव में तमंचे और बंदूक की डिमांड ज्यादा हो रही थी। जिसमें चलते उन्होंने फैक्ट्री में कारीगर बढ़ा लिए थे। 100 तमंचों की डिमांड एक सप्ताह में पूरी करनी थी। इस फैक्ट्री से करीब 450 तमंचे और बंदूक बनाने का सामान मिला है। मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और शामली समेत कई जनपदों से तमंचों की डिमांड सबसे ज्यादा आनी बताई है। दो आरोपी मौके से फरार हो गए।
भाजपा नेता के नाम पर साधी चुप्पी
आरोपी अहसान ने मीडिया और पुलिस के आला अफसरों के सामने एक भाजपा नेता का नाम लेते कहा कि तमंचे बनाने की फैक्ट्री चलाने में उनका संरक्षण मिलता था। भाजपा नेता का नाम लेते ही एसएसपी ने पुलिस वालों से कहा कि आरोपियों को यहां से ले जाओ। बड़ा सवाल है कि आरोपी ने भाजपा नेता का नाम क्यों लिया। अगर वाकई में भाजपा नेता का संरक्षण मिला है तो पुलिस क्या उसके खिलाफ कार्रवाई करेगी। इस पर पुलिस अधिकारियों ने चुप्पी साध ली।
ये पकड़े गए आरोपी
पुलिस के मुताबिक आरोपी फरमान पुत्र इरफान निवासी रूहासा दौराला, दिनेश ठाकुर पुत्र सूरजमल, अमित गिरी पुत्र रमेशचंद निवासी भामौरी सरधना, इनाम उर्फ सलीमुद्दीन पुत्र इस्लाम निवासी खतौली मुजफ्फरनगर, अहसान पुत्र शौकीन और नसीम पुत्र रफीक निवासी जौला बुढ़ाना मुजफ्फरनगर को गिरफ्तार किया गया है। दावा यह भी है कि सभी आरोपियों के खिलाफ पहले कोई केस नहीं हैं। आरोपियों पर पुलिस मुठभेड़ के दौरान जानलेवा हमले की धारा भी लगायी गयी है।
यह बरामद हुआ सामान
पुलिस के अनुसार 12 तमंचे, पांच बंदूक, अधबने तमंचे व बंदूक, लोहे की एंगल, बैरल, इजेक्टर, ट्रेगर, स्प्रिंग, आठ सिलेंडर और तमंचे बनाने का सामान बरामद किया गया है। दावा है कि करीब 450 तमंचे और बंदूक बनाने का सामान मिला है। इतनी भारी संख्या में हथियार कहां जाने थे, इसके बारे में कोई जानकारी अभी पुलिस को नहीं है। पुलिस ने प्रेसवार्ता में यह कहकर पल्ला झाड़ दिया कि इसका खुलासा विवेचना में करेंगे।
भाजपा नेता ने की डीलिंग
आरोपियों ने बताया कि इसी सप्ताह 100 तमंचे इसी सप्ताह देने थे। तमंचों की यह डीलिंग एक भाजपा नेता द्वारा करनी बताई गई है। आरोपियों ने बताया कि पंचायत चुनाव, निकाय, विधानसभा और लोकसभा चुनाव में हथियारों की डिमांड ज्यादा होती है। रात-दिन कारीगर काम करके डिमांड पूरी करते हैं। तमंचे का रेट आरोपियों ने 14 सौ रुपये बताया है। थोक में तमंचे सप्लाई होते थे। उसके बाद फुटकर में तमंचे ढाई से तीन हजार रुपये तक बेच देते थे।
पुलिस भी लेती तमंचे
रार्धना किठौर और जौला मुजफ्फरनगर के हथियार कारीगर ठेके पर मौत का सामान बनाते हैं। इनकी शातिर अपराधियों से सेटिंग है, जो हथियार सप्लायर हैं। पुलिस भी इन्हीं लोगों से तमंचे और पिस्टल लेती है। जिनकी पकड़े गए आरोपियों से बरामदगी दर्शाती है।
एक कारीगर, दो तमंचे
आरोपियों के अनुसार एक कारीगर दिन भर में दो तमंचे बनाता हैं। एक तमंचे के 500 रुपये मिलते हैं। जिसे ठेकेदार 1400 रुपये में बेचता है। बाद में वही तमंचा 2500-3000 रुपये तक बिकता है। इनकी सप्लाई देहात में ज्यादा है। वहीं एसएसपी के अनुसार सरधना से दो माह पूर्व 500 कारतूस पकड़े थे। कारतूस भी इसी गिरोह के लोग बना रहे थे। लेकिन उनके कारीगर अलग थे। आरोपियों को रिमांड पर लेकर तमंचे सप्लायरों के नेटवर्क तक पहुंचा जाएगा।
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