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Meerut News: सरकारी भूमि पर रुकवाया अवैध निर्माण
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चेतावाली में अवैध निर्माण कार्य को रुकवाते अधिकारी स्रोत ग्रामीण
हस्तिनापुर। राजकीय पशुधन कृषि प्रक्षेत्र की चेतावाली बंगाली बस्ती में शनि मंदिर के समीप भूमि पर हो रहे निर्माण की शिकायत पर राजकीय पशुधन कृषि प्रक्षेत्र की टीम ने लेखपाल के साथ मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य रुकवाया।
ग्रामीणों के अनुसार इस क्षेत्र में 1988 में आई बाढ़ में उजड़े मखदूमपुर गांव के करीब सौ बंगाली परिवारों को यहां रहने के लिए भूमि आवंटित की गई थी। इसके बाद से यहां सैकड़ों परिवार रह रहे हैं। नया गांव जाने वाले मुख्य मार्ग पर ग्रामीण द्वारा निर्माण कार्य किया जा रहा था। इसकी शिकायत एसडीएम मवाना से की गई। इसके बाद संबंधित लेखपाल मौके पर पहुंचे। उधर जानकारी मिलते ही राजकीय पशुधन कृषि प्रक्षेत्र के प्रबंधक अर्जुन कुमार भी टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
अधिकारियों ने निर्माण कार्य रुकवाते हुए भूमि संबंधी अभिलेखों की जांच की और स्थिति का जायजा लिया और निर्माण करता को दस्तावेज दिखाने के लिए कहा परंतु दस्तावेज नहीं होने पर निर्माण कार्य को तुरंत रुकवा दिया गया और आगे मामले की जांच होने तक निर्माण कार्य न करने की हिदायत दी। कृषि प्रक्षेत्र के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि राजकीय भूमि पर किसी भी प्रकार का निर्माण अथवा कब्जा बिना वैधानिक अनुमति के स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति नियमों का उल्लंघन करता पाया गया तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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ग्रामीणों के अनुसार इस क्षेत्र में 1988 में आई बाढ़ में उजड़े मखदूमपुर गांव के करीब सौ बंगाली परिवारों को यहां रहने के लिए भूमि आवंटित की गई थी। इसके बाद से यहां सैकड़ों परिवार रह रहे हैं। नया गांव जाने वाले मुख्य मार्ग पर ग्रामीण द्वारा निर्माण कार्य किया जा रहा था। इसकी शिकायत एसडीएम मवाना से की गई। इसके बाद संबंधित लेखपाल मौके पर पहुंचे। उधर जानकारी मिलते ही राजकीय पशुधन कृषि प्रक्षेत्र के प्रबंधक अर्जुन कुमार भी टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
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अधिकारियों ने निर्माण कार्य रुकवाते हुए भूमि संबंधी अभिलेखों की जांच की और स्थिति का जायजा लिया और निर्माण करता को दस्तावेज दिखाने के लिए कहा परंतु दस्तावेज नहीं होने पर निर्माण कार्य को तुरंत रुकवा दिया गया और आगे मामले की जांच होने तक निर्माण कार्य न करने की हिदायत दी। कृषि प्रक्षेत्र के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि राजकीय भूमि पर किसी भी प्रकार का निर्माण अथवा कब्जा बिना वैधानिक अनुमति के स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति नियमों का उल्लंघन करता पाया गया तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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