{"_id":"573f75f04f1c1b427cac7758","slug":"heritage","type":"story","status":"publish","title_hn":"हेरिटेज ग्रांट से संरक्षित होगी धरोहर ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हेरिटेज ग्रांट से संरक्षित होगी धरोहर
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 21 May 2016 02:09 AM IST
विज्ञापन
मेरठ कॉलेज
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मेरठ कॉलेज यूजीसी की हेरिटेज ग्रांट स्कीम में चयनित है। कॉलेजों को 1.34 करोड़ रुपये की ग्रांट स्वीकृत हुई है। जल्द ही यह ग्रांट जारी होने की उम्मीद है। ग्रांट मिलने से पहले शिक्षकों की टीम ने यूजीसी जाकर कॉलेज के स्वर्णिम इतिहास के बारे में प्रजेंटेशन दिया था। पश्चिम उत्तर प्रदेश के बड़े कॉलेज में मेरठ कॉलेज शुमार है। आजादी से पहले और बाद में कॉलेज से पढ़े होनहारों ने राजनीति से लेकर नौकरशाही तक की ऊंचाइयों को छुआ है।
दिलचस्प तथ्य यह है कि मैनेजमेंट की पढ़ाई मेरठ कॉलेज में हॉवर्ड यूनिवर्सिटी से भी पहले शुरू हुई थी। बाद में यह कोर्स बंद हो गया। मेरठ कॉलेज की स्थापना 1892 में हुई थी। तब बनी बिल्डिंग अभी तक सलामत है।
अंग्रेजों के जमाने की झलक कॉलेज में दिखाई पड़ती है। कॉलेज के पहले चार प्रिंसिपल अंग्रेज रहे। आजादी के आंदोलन से कॉलेज का जुड़ाव रहा। नेताओं के अलावा कई बड़े वैज्ञानिक यहां आए। हेरिटेज ग्रांट के लिए कॉलेज ने 2015 में आवेदन किया था।
विज्ञापन
ग्रांट से जो मुख्य काम होने हैं उनमें कॉलेज की सबसे पुरानी केमिस्ट्री की पीसी बनर्जी लैब का जीर्णोद्धार होना है। जूलॉजी म्यूजियम तैयार किया जाएगा। आर्ट गैलरी बननी है। आर्ट गैलरी के लिए ड्राइंग एंड पेंटिंग विभाग को चिह्नित किया गया है। यहां पर आर्ट गैलरी तैयार की जाएगी। मंगल पांडे भवन का रिनोवेशन होना है।
कॉलेज के चमकते पांच विभाग
यूजीसी ने कॉलेज के पांच विभागों को सेंटर फोर पोटेंशियल एक्सीलेंस चुना है। इसके लिए डेढ़ करोड़ रुपये की ग्रांट मंजूर की है। इन विभागों में आर्ट फैकल्टी से डिफेंस स्टडी विभाग और साइंस फैकल्टी से जूलॉजी, बॉटनी, फिजिक्स और केमिस्ट्री डिपार्टमेंट शामिल है। रिसर्च में इन विभागों का काम उल्लेखनीय रहा है।
10 हजार से ज्यादा छात्र
कॉलेज नाम और काम के अलावा छात्रों की संख्या में भी बड़ा है। 10 हजार से अधिक कॉलेज में छात्र-छात्राएं हैं। करीब 180 शिक्षक हैं। इतने छात्र और शिक्षक सीसीएसयू के किसी कॉलेज में नहीं है।
धरोहर को धन का इंतजार
यूजीसी ग्रांट को मंजूर तो कर चुकी है, लेकिन रिलीज होने का इंतजार है। करीब आठ महीने ग्रांट मंजूर हुए हो चुके हैं। सूत्रों के मुताबिक जल्द ही ग्रांट की पहली किस्त आने वाली है। प्रिंसिपल डॉ. एनपी सिंह का कहना है प्लान तैयार है। निर्देश मुताबिक ग्रांट आते ही काम शुरू करा दिया जाएगा।
विज्ञापन
दिलचस्प तथ्य यह है कि मैनेजमेंट की पढ़ाई मेरठ कॉलेज में हॉवर्ड यूनिवर्सिटी से भी पहले शुरू हुई थी। बाद में यह कोर्स बंद हो गया। मेरठ कॉलेज की स्थापना 1892 में हुई थी। तब बनी बिल्डिंग अभी तक सलामत है।
विज्ञापन
अंग्रेजों के जमाने की झलक कॉलेज में दिखाई पड़ती है। कॉलेज के पहले चार प्रिंसिपल अंग्रेज रहे। आजादी के आंदोलन से कॉलेज का जुड़ाव रहा। नेताओं के अलावा कई बड़े वैज्ञानिक यहां आए। हेरिटेज ग्रांट के लिए कॉलेज ने 2015 में आवेदन किया था।
विज्ञापन
ग्रांट से जो मुख्य काम होने हैं उनमें कॉलेज की सबसे पुरानी केमिस्ट्री की पीसी बनर्जी लैब का जीर्णोद्धार होना है। जूलॉजी म्यूजियम तैयार किया जाएगा। आर्ट गैलरी बननी है। आर्ट गैलरी के लिए ड्राइंग एंड पेंटिंग विभाग को चिह्नित किया गया है। यहां पर आर्ट गैलरी तैयार की जाएगी। मंगल पांडे भवन का रिनोवेशन होना है।
कॉलेज के चमकते पांच विभाग
यूजीसी ने कॉलेज के पांच विभागों को सेंटर फोर पोटेंशियल एक्सीलेंस चुना है। इसके लिए डेढ़ करोड़ रुपये की ग्रांट मंजूर की है। इन विभागों में आर्ट फैकल्टी से डिफेंस स्टडी विभाग और साइंस फैकल्टी से जूलॉजी, बॉटनी, फिजिक्स और केमिस्ट्री डिपार्टमेंट शामिल है। रिसर्च में इन विभागों का काम उल्लेखनीय रहा है।
10 हजार से ज्यादा छात्र
कॉलेज नाम और काम के अलावा छात्रों की संख्या में भी बड़ा है। 10 हजार से अधिक कॉलेज में छात्र-छात्राएं हैं। करीब 180 शिक्षक हैं। इतने छात्र और शिक्षक सीसीएसयू के किसी कॉलेज में नहीं है।
धरोहर को धन का इंतजार
यूजीसी ग्रांट को मंजूर तो कर चुकी है, लेकिन रिलीज होने का इंतजार है। करीब आठ महीने ग्रांट मंजूर हुए हो चुके हैं। सूत्रों के मुताबिक जल्द ही ग्रांट की पहली किस्त आने वाली है। प्रिंसिपल डॉ. एनपी सिंह का कहना है प्लान तैयार है। निर्देश मुताबिक ग्रांट आते ही काम शुरू करा दिया जाएगा।