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‘मंत्र’ एप पर उपलब्ध होगी जच्चा-बच्चा की कुंडली
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‘मंत्र’ एप पर उपलब्ध होगी जच्चा-बच्चा की कुंडली
मेरठ। गर्भवती की जांच का पूरा आंकड़ा अब ‘मंत्र’ एप पर उपलब्ध कराया जाएगा ताकि जच्चा-बच्चा के स्वास्थ्य संबंधी सटीक आंकड़े मिल सकें। इसके लिए जिले के छह ब्लॉकों सरधना, दौराला, सरूरपुर, रोहटा, जानी, माछरा और जिला महिला अस्पताल में मातृ एवं नवजात ट्रैकिंग एप्लीकेशन (मंत्र ) का प्रशिक्षण पूरा हो गया है।
अब ब्लॉक हस्तिनापुर, मवाना, परीक्षितगढ़, भावनपुर, खरखौदा और भूड़बराल में प्रशिक्षण दिया जाएगा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अखिलेश मोहन ने बताया कि यूनिसेफ प्रशिक्षण में तकनीकी सहयोग दे रहा है। जब एक गर्भवती प्रसव के लिए सामुदायिक या प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर आएगी तो उस दौरान मौजूद नर्स मेंटर या स्टाफ नर्स द्वारा गर्भवती के प्रसव के दौरान होने वाली प्रक्रिया को मंत्र एप में अपलोड करेंगी। इसके साथ ही नवजात का डाटा भी एप पर फीड किया जाएगा।
परिवार कल्याण कार्यक्रम की नोडल अधिकारी एसीएमओ डॉ. पूजा शर्मा ने बताया कि प्रसव के दौरान गर्भवती को अगर जटिलता होती है, तो उसकी जानकारी भी अपलोड कर गर्भवती को जिला चिकित्सालय भेजा जाएगा। प्रसव उपरांत नवजात में होनी वाली जटिलताओं के बारे में भी एप पर जानकारी अपडेट होगी। इससे जच्चा-बच्चा को बेहतर उपचार देने और स्वस्थ रखने में काफी मदद मिलेगी।
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मेरठ। गर्भवती की जांच का पूरा आंकड़ा अब ‘मंत्र’ एप पर उपलब्ध कराया जाएगा ताकि जच्चा-बच्चा के स्वास्थ्य संबंधी सटीक आंकड़े मिल सकें। इसके लिए जिले के छह ब्लॉकों सरधना, दौराला, सरूरपुर, रोहटा, जानी, माछरा और जिला महिला अस्पताल में मातृ एवं नवजात ट्रैकिंग एप्लीकेशन (मंत्र ) का प्रशिक्षण पूरा हो गया है।
अब ब्लॉक हस्तिनापुर, मवाना, परीक्षितगढ़, भावनपुर, खरखौदा और भूड़बराल में प्रशिक्षण दिया जाएगा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अखिलेश मोहन ने बताया कि यूनिसेफ प्रशिक्षण में तकनीकी सहयोग दे रहा है। जब एक गर्भवती प्रसव के लिए सामुदायिक या प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर आएगी तो उस दौरान मौजूद नर्स मेंटर या स्टाफ नर्स द्वारा गर्भवती के प्रसव के दौरान होने वाली प्रक्रिया को मंत्र एप में अपलोड करेंगी। इसके साथ ही नवजात का डाटा भी एप पर फीड किया जाएगा।
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परिवार कल्याण कार्यक्रम की नोडल अधिकारी एसीएमओ डॉ. पूजा शर्मा ने बताया कि प्रसव के दौरान गर्भवती को अगर जटिलता होती है, तो उसकी जानकारी भी अपलोड कर गर्भवती को जिला चिकित्सालय भेजा जाएगा। प्रसव उपरांत नवजात में होनी वाली जटिलताओं के बारे में भी एप पर जानकारी अपडेट होगी। इससे जच्चा-बच्चा को बेहतर उपचार देने और स्वस्थ रखने में काफी मदद मिलेगी।
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