{"_id":"582232604f1c1bfb02b3928e","slug":"har-taraf-afratafri","type":"story","status":"publish","title_hn":"हर तरफ अफरातफरी, असमंजस का माहौल ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हर तरफ अफरातफरी, असमंजस का माहौल
अमर उजाला ब्यूरों
Updated Wed, 09 Nov 2016 01:58 AM IST
विज्ञापन
फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 500 और 1000 के नोट बंद करने की खबर जानते ही लोगों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गयी। हर कोई जहां एक दूसरे से फोन पर इसकी जानकारी लेने में जुटा था तो अखबारों के दफ्तरों में भी फोन घनघनाये जाने लगे। कुल मिलाकर स्थिति ऐसी थी कि आम आदमी जहां इस निर्णय को लेकर नाराज नजर आया तो भाजपाइयों को चेहरे भी उतरे हुए नजर आये। कालाबाजारी रोकने के लिए बेशक कुछ लोगों ने बेहतर कदम बताया हो लेकिन आम आदमी परेशान नजर आया।
सौ-सौ के नोटों की सूचना पर उमड़ी भीड़
डिवाइडर रोड मवी प्लाजा में एक्सिस बैंक का एटीएम लगा है। पूरे गंगानगर में केवल उसी एटीएम में सौ-सौ के खुले नोट निकल रहे थे। जैसे- जैसे लोगों को पता चला वैसे ही भीड़ जुटनी शुरू हो गई। कुछ ही देर में एटीएम से लेकर सड़क तक लंबी लाइन लग गई। करीब दो दर्जन एटीएम जिनमें पांच सौ और हजार के नोट थे, वह सूने रहे। कई एटीएम ब्लाक हो गए। लोग अपने सीए और अधिवक्ताओं को फोन पर इस समस्या से निपटने के लिए भी फोन करते नजर आए।
थोक में बिकी शराब
लोगों ने बंद हुए नोटों को चलाने का अपना भी तरीका ढूंढा। रोज क्वार्टर या बोतल लेने वालों ने नोट बंद होने की सूचना पर शराब की पेटियां खरीदनी शुरू कर दीं। देर रात तक कई शराब ठेकों पर थोक में शराब बिकती नजर आयी।
विज्ञापन
कालाबाजारी का अंदेशा गहराया
500 और 1000 के नोट बंद होने के बाद इन्हें बदलने को लेकर चर्चा शुरू हो गयी है। ऐसे में साफ है कि अब कुछ लोग इन नोटों को बदलने में निश्चित रुप से कालाबाजारी में उतरेंगे। व्यापारियों में इस बात को लेकर चर्चा है।
विज्ञापन
सौ-सौ के नोटों की सूचना पर उमड़ी भीड़
डिवाइडर रोड मवी प्लाजा में एक्सिस बैंक का एटीएम लगा है। पूरे गंगानगर में केवल उसी एटीएम में सौ-सौ के खुले नोट निकल रहे थे। जैसे- जैसे लोगों को पता चला वैसे ही भीड़ जुटनी शुरू हो गई। कुछ ही देर में एटीएम से लेकर सड़क तक लंबी लाइन लग गई। करीब दो दर्जन एटीएम जिनमें पांच सौ और हजार के नोट थे, वह सूने रहे। कई एटीएम ब्लाक हो गए। लोग अपने सीए और अधिवक्ताओं को फोन पर इस समस्या से निपटने के लिए भी फोन करते नजर आए।
विज्ञापन
थोक में बिकी शराब
लोगों ने बंद हुए नोटों को चलाने का अपना भी तरीका ढूंढा। रोज क्वार्टर या बोतल लेने वालों ने नोट बंद होने की सूचना पर शराब की पेटियां खरीदनी शुरू कर दीं। देर रात तक कई शराब ठेकों पर थोक में शराब बिकती नजर आयी।
विज्ञापन
कालाबाजारी का अंदेशा गहराया
500 और 1000 के नोट बंद होने के बाद इन्हें बदलने को लेकर चर्चा शुरू हो गयी है। ऐसे में साफ है कि अब कुछ लोग इन नोटों को बदलने में निश्चित रुप से कालाबाजारी में उतरेंगे। व्यापारियों में इस बात को लेकर चर्चा है।