Happy New Year 2020: मिल सकता है स्मार्ट सिटी का तोहफा, सुंदर दिखेगा शहर
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इस साल जनता को स्मार्ट सिटी की सौगात मिल सकती है। स्मार्ट सिटी बिंदुओं के अनुसार शहर का विकास और सौंदर्यीकरण शुरू होगा। प्रशासनिक अधिकारियों के दावों के अनुसार पहले साल में ही शहर की सूरत बदलती दिखेगी। जहां सड़कें चौड़ी की जाएंगी। चौराहों का स्वरूप बदल जाएगा। जिन तालाबों में गंदा पानी भरा है, या अवैध कब्जे करके नष्ट कर दिए गए हैं, वे जीर्णोद्धार कर पर्यटन के रूप में विकसित किए जाएंगे।
घर-घर से उठेगा कूड़ा, मिलेगी मुक्ति
शहर के प्रत्येक वार्ड में घर-घर से कूड़ा उठाने के लिए गाड़ी पहुंचेगी। इसके लिए नगर निगम के पास अब से पहले ही 145 डोर-टू-डोर गाड़ियां हैं। 50 गाड़ियां मार्च से पहले खरीदी जाएंगी। प्रत्येक वार्ड को दो-दो गाड़ी सौंपी जाएंगी। व्यवस्था पटरी पर आने के बाद जनता से कूड़ा उठाने की एवज में शुल्क भी वसूला जाएगा। इस व्यवस्था से जहां शहर को कूड़े से मुक्ति मिलेगी। वहीं, कूड़े का उपयोग बिजली, कंपोस्ट बनाने में होगा। निगम ने गांवड़ी में कूड़ा निस्तारण प्लांट की छोटी यूनिट तैयार की है। पॉलीथिन, प्लास्टिक से परतापुर में लगे प्लांट में बिजली बनायी जाएगी।
मेरठ-बुलंदशहर हाईवे की सौगात
जनता को 61 किमी लंबा मेरठ-बुलंदशहर हाईवे सौंप दिया जाएगा। 1800 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहे हाईवे का कार्य अंतिम चरण में है। मेरठ से बुलंदशहर के बीच जगह-जगह बहुत कम कार्य रह रहा है। अगर लगातार काम चला तो तीन माह में हाईवे का अधिकांश काम पूरा हो जाएगा। मेरठ से हापुड़ के बीच 30 किमी के बीच केवल पांची गांव के सामने फ्लाईओवर के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन की लाइन को न हटाए जाने के कारण वाहनों का ब्रेक है। बाकी पूरा हाईवे तैयार हो गया है। बिना उद्घाटन के ही हाईवे पर वाहन फर्राटे भर रहे हैं। इस हाईवे को जनता सौगात के रूप में देख रही हैँ। क्योंकि मेरठ से बुलंदशहर के बीच जनता को खरखौदा, हापुड़ में जाम से जूझना पड़ता था। लेकिन अब इससे छुटकारा मिलेगा।
मेरठ-मुजफ्फरनगर हाईवे का पूरा होगा काम
मेरठ-मुजफ्फरनगर एनएच-58 पर 207 करोड़ रुपये से सर्विस रोड, फ्लाईओवर और अंडर पास का निर्माण चल रहा है। एनएचएआई के रिकॉर्ड के मुताबिक मार्च 2020 तक काम पूरा हो जाएगा। किसी कारण से अधूरा रहा तो साल के अंत तक हाईवे तैयार कर जनता को सौंप दिया जाएगा।
चेतावाला घाट पर गंगा पुल, गंगनहर पर कांवड़ मार्ग
इस साल मेरठ और चांदपुर की दूरी कम हो जाएगी। पिछले दस साल से चेतावाला घाट पर बनाए जा रहे गंगापुल का कार्य इसी साल पूरा हो जाएगा। इससे मेरठ और बिजनौर के अलावा दूसरे जिलों की जनता को भी सौगात मिलेगी क्योंकि गंगापुल का सपना आजादी के बाद अब जाकर साकार होगा। सेतु निगम ने तो पुल का कार्य लगभग पूरा कर लिया है। गंगा पुल से चांदपुर की तरफ सड़क का निर्माण भी लगभग पूरा होने वाला है। केवल मेरठ की तरफ सड़क निर्माण कार्य होना है। पीडब्लूडी के अधिशासी अभियंता अरविंद कुमार के अनुसार मार्च 2020 तक हर दशा में पुल से जनता गुजरती नजर आएगी। मार्ग को पूरी तरह तैयार करने के बाद खोलने का काम किया जाएगा। वहीं, गंगनहर की दायी पटरी पर नया कांवड़ मार्ग बनाने का रास्ता साफ हो गया है। इस साल जहां कांवड़ मार्ग बनाने का काम शुरू हो जाएगा। वहीं, जनता नए कच्चे मार्ग से भी गुजरनी शुरू हो जाएगी। इसे भी नए साल की सौगात मानकर चला जा रहा है।
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