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हाथ छुड़ाते ही हाईवे पर बुझ गया इकलौता चिराग

Fri, 04 Nov 2016 02:32 AM IST
अमर उजाला ब्यूरों
अमर उजाला ब्यूरों Updated Fri, 04 Nov 2016 02:32 AM IST
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haath churate hi
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
हाथ छुड़ाते ही हाईवे पर बुझ गया इकलौता चिराग  मुजफ्फरनगर निवासी परिवार दिल्ली से लौटते समय दुल्हैड़ा चुंगी के पास स्थित ढाबे पर खाना खाने के लिए रुका था। लौटते समय परिवार के सदस्य जब डिवाइडर पार कर रहे थे तो हाथ छुड़ाकर दौड़े 10 साल के बच्चे को तेज रफ्तार वाहन कुचलते हुए निकल गया। खून से लथपथ बच्चे को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। सूचना पर पुलिस भी पहुंची लेकिन परिजन शव को ले जा चुके थे।
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पुलिस के अनुसार मुजफ्फरनगर निवासी एक परिवार तीन गाड़ियों से दिल्ली से लौट रहा था। बुधवार रात करीब 11:30 बजे वह दुल्हैड़ा चुंगी पर स्थित पंडित ढाबा पर खाना खाने के लिए रुके थे। ढाबे पर जाने के लिए सड़क पार करनी थी और गाड़ी को वहीं पर ही छोड़ दिया था। परिवार में महिलाओं सहित करीब 13 सदस्य थे। खाना खाने के बाद जब सभी सदस्य सड़क पार करने के लिए डिवाइडर पर खड़े थे। इस दौरान मोदीपुरम की तरफ से तेज रफ्तार वाहन आ रहा था।
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तभी 10 साल के बच्चे यक्षित ने परिवार के एक सदस्य का हाथ छुड़ा लिया और हाईवे के बीच में आ गया। वाहन की चपेट में आने से वह बुरी तरह घायल हो गया। खून से लथपथ बच्चे को परिजन आसपास के लोगों के सहयोग से तुरंत पास ही एसडीएस अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पल्लवपुरम पुलिस पहुंची। लेकिन रोते बिलखते परिजन इससे पहले ही बच्चे का शव लेकर मुजफ्फरनगर के लिए निकल चुके थे।
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शादी के आठ साल बाद हुआ था
पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यक्षित परिवार का इकलौता बेटा था। जो शादी के करीब आठ साल बाद हुआ था। उसकी मौत के बाद हाईवे पर ही कोहराम मच गया। परिजन उसके शव से ही लिपटकर रोने लगे। रोते हुए उसकी मां बस यही कह रही थी कि भगवान जब तुम्हें यही दिन दिखाना था तो फिर इसे हमारे पास क्यों भेजा। इतना दुख तो तब भी नहीं था, जब कुछ नहीं था। अब इसकी याद हमें जिंदगी भर का गम दे गई।


पार्किंग होती तो बच जाती जान
हाईवे पर यह ढाबा चौबीस घंटे खुला रहता है। हाईवे पर दोनों और वाहन खड़े रहते है। ढाबे के बाहर अधिक वाहन होने के कारण हाईवे पर वाहनों की लंबी लाइनें लग जाती हैं। जिसकी वजह से अधिकांश लोग हाईवे के दूसरी तरफ ही वाहन खड़े कर देते हैं। अगर ढाबे के बाहर पार्किंग का समुचित इंतजाम होता तो यह हादसा ही न होता। क्योंकि ढाबे पर जगह न होने के कारण परिवार ने अपनी गाड़ी हाईवे के दूसरी तरफ खड़ी कर दी थी। लोगों का आरोप है कि पुलिस भी ढाबे के सामने हाईवे पर वाहनों की भीड़ लगने के बावजूद मिलीभगत के चलते कोई कार्रवाई नहीं करती।
 
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