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मुखिया गुर्जर की रिहाई के लिए कलक्ट्रेट में डटे भाजपाई
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
Updated Thu, 03 Dec 2015 02:05 AM IST
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पथिक सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष और भाजपा नेता मुखिया गुर्जर की रिहाई की जिद पर अड़े भाजपाइयों के हाथ निराशा ही लगी। गिरफ्तारी के विरोध में बुधवार को दिन भर कलक्ट्रेट में धरने पर बैठे भाजपाइयों को पुलिस- प्रशासन के सख्त रुख का सामना करना पड़ा।
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जिसके चलते उन्हें बैरंग ही लौटना पड़ा। यही नहीं, इस दौरान अधिकारियों ने भाजपाइयों को नसीहत भी दे डाली। हालात ऐसे बन गए कि भाजपा नेताओं को जब उठते नहीं बना तो डीएम ने पूरे मामले पर अधीनस्थों से बातचीत कर हल निकालने का आश्वासन दे दिया। जिस पर भाजपाई वापस लौट आए।
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मुखिया गुर्जर को मंगलवार शाम परीक्षितगढ़ पुलिस ने ग्राम कैलीरामपुर में मतदान के दौरान हो रहे हंगामे में एसएसपी के आदेश पर गिरफ्तार कर शांति भंग में जेल भेजा था। इस मामले में बुधवार को भाजपा ने कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन करते हुए मुखिया गुर्जर को राजनीतिक दबाव में साजिशन फंसाने का आरोप लगाते हुए रिहा करने की मांग की।
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भाजपाई सुबह 10 बजे से कमिश्नरी पार्क में इकट्ठा हुए और वहां से नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे। डीएम की अनुपस्थिति में एडीएम सिटी एसके दूबे और एसपी सिटी ओपी सिंह ने भाजपा नेताओं के प्रतिनिधि मंडल को वार्ता के लिए बुलाकर साफ कह दिया कि हम सिर्फ बात सुन सकते हैं, कोई आश्वासन नहीं दे सकते हैं। इस पर भाजपाई वार्ता का बहिष्कार कर बाहर आकर धरने पर बैठ गए।
शाम करीब चार बजे डीएम पंकज यादव अपने ऑफिस पहुंचे तो उनके साथ एसएसपी डीसी दूबे भी थे। दोनों अफसरों ने वार्ता के लिए भाजपा प्रतिनिधिमंडल को बुलाया। जिसमें विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल, विधायक रविंद्र भड़ाना, महापौर हरिकांत अहलूवालिया, प्रदेश मंत्री अश्वनी त्यागी, महानगर अध्यक्ष सुरेश जैन रितुराज, पूर्व विधायक गोपाल काली, डॉ. चरण सिंह लिसाड़ी, शिव कुमार राणा, अनुज राठी, नरेश गुर्जर, नरेंद्र उपाध्याय, दिनेश खटीक, विवेक वाजपेयी, अजीत चौधरी, जिपं सदस्य रोहताश पहलवान और मुखिया गुर्जर के बेटे जिपं सदस्य कुलविंदर सिंह मौजूद रहे।
मुखिया गुर्जर को साजिशन फंसाने का आरोप लगाते हुए उनकी रिहाई की मांग पर डीएम-एसएसपी ने दो टूक जवाब दिया कि मुखिया गुर्जर के खिलाफ कई शिकायतें मिली हैं। मंगलवार को भी मुखिया गुर्जर ने एसएसपी से काफी अभद्रता की थी। दोनों अफसर अप्रत्यक्ष रुप से यह कहने से भी नहीं चूके कि उन्होंने सिर्फ शांति भंग में भेजा है, नहीं तो मुखिया गुर्जर पर गुंडा एक्ट में भी कार्रवाई कर सकते थे।
इस दौरान भाजपाइयों की काफी नोकझोंक भी हुई। लेकिन दोनों अफसर टस से मस नहीं हुए। वहां मौजूद एसडीएम मवाना रितु पूनिया ने बताया कि जमानत पत्र आया है, जमानतियों का सत्यापन कराया जा रहा है। वहीं एसएसपी बोले कि मुखिया गुर्जर कहां के रहने वाले हैं, इसका सत्यापन भी कराया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई होगी।
डीएम-एसएसपी के रूखे व्यवहार से भाजपाइयों से वहां से उठते नहीं बना। इस दौरान डीएम ने कहा कि एसएसपी और एसडीएम से अलग से बात कर लें। जो भी हो सकता है वह किया जाएगा। इस आश्वासन पर भाजपाई वापस आ गए। प्रदर्शन करने वालों में क्षेत्रीय महामंत्री जयकरण गुप्ता, संयुक्त व्यापार संघ के पूर्व अध्यक्ष बिजेंद्र अग्रवाल, अरुण वशिष्ठ, सतेंद्र भराला, हरवीर पाल, ललित नागदेव, विवेक रस्तोगी, करुणेश नंदन गर्ग, दीपक शर्मा, रोबिन गुर्जर, अशोक चौधरी, मुकेश सिंघल, पार्षद सहंसर पाल, पंकज कतीरा, राजीव गुप्ता काले आदि मौजूद रहे।