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प्रधानी के लिए बने हुए शहरी से ग्रामीण
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
Updated Tue, 24 Nov 2015 01:06 AM IST
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प्रधानी चुनाव ने हजारों लोगों को शहरी से ग्रामीण बना दिया है। रोजगार से लेकर आवास तक शहर में होने के बावजूद लोगों ने अपने वोट गांव में ही बनवा रखे हैं। इनमें अधिकांश जहां पंचायत चुनाव लड़ने वाले दावेदारों के रिश्तेदार हैं तो कुछ ऐसे भी हैं, जो शहर में रहकर प्रधानी का चुनाव लड़ रहे हैं।
ग्राम दयालपुर के नरेंद्र कुमार गंगानगर में रहते हैं और नौकरी करते हैं। लेकिन, उनके पूरे परिवार का वोट गांव में है। नरेंद्र इस बार अपनी पत्नी को प्रधान पद की दावेदारी में सामने लाने के लिए लगातार गांव में पंचायतें कर रहे हैं। ग्राम बहलोलपुर के रविंद्र कुमार ने बच्चों की पढ़ाई-लिखाई के लिए मेरठ में आवास बनाया हुआ है।
स्वयं रोजाना गांव जाकर खेतों की देखभाल करते हैं। एक बार ग्राम प्रधान रह चुके हैं और इस बार फिर प्रधानी के लिए जुगत चल रही है। यह तो सिर्फ उदाहरण हैं। दर्जनों दावेदार ऐसे हैं, जो मेरठ शहर के साथ आसपास के कस्बों में स्थायी रूप से निवास और व्यापार कर रहे हैं।
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शहरी से ग्रामीण होने का ट्रेंड सिर्फ ग्राम प्रधान के लिए ही नहीं हैं। जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत चुनाव के तो अधिकांश दावेदार ही ऐसे रहे, जो शहर में रहकर चुनाव लड़े। इनमें कुछ तो जीतकर भी आए हैं। वर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष मनिंदरपाल सिंह मेरठ में निवास करते हैं, लेकिन वोट गांव में है।
जिला पंचायत सदस्य डॉ. मीनाक्षी भराला मेरठ शहर में रहती हैं, लेकिन वोट गांव में है। ऐसे तमाम जिला पंचायत सदस्य रहे हैं। क्षेत्र पंचायत सदस्यों में भी सपा नेता देवेंद्र गुर्जर गंगानगर में रहते हैं, लेकिन वोट गांव में है। उनकी पत्नी क्षेत्र पंचायत सदस्य निर्वाचित होकर ब्लॉक प्रमुख की प्रबल दावेदार हैं।
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ग्राम दयालपुर के नरेंद्र कुमार गंगानगर में रहते हैं और नौकरी करते हैं। लेकिन, उनके पूरे परिवार का वोट गांव में है। नरेंद्र इस बार अपनी पत्नी को प्रधान पद की दावेदारी में सामने लाने के लिए लगातार गांव में पंचायतें कर रहे हैं। ग्राम बहलोलपुर के रविंद्र कुमार ने बच्चों की पढ़ाई-लिखाई के लिए मेरठ में आवास बनाया हुआ है।
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स्वयं रोजाना गांव जाकर खेतों की देखभाल करते हैं। एक बार ग्राम प्रधान रह चुके हैं और इस बार फिर प्रधानी के लिए जुगत चल रही है। यह तो सिर्फ उदाहरण हैं। दर्जनों दावेदार ऐसे हैं, जो मेरठ शहर के साथ आसपास के कस्बों में स्थायी रूप से निवास और व्यापार कर रहे हैं।
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शहरी से ग्रामीण होने का ट्रेंड सिर्फ ग्राम प्रधान के लिए ही नहीं हैं। जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत चुनाव के तो अधिकांश दावेदार ही ऐसे रहे, जो शहर में रहकर चुनाव लड़े। इनमें कुछ तो जीतकर भी आए हैं। वर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष मनिंदरपाल सिंह मेरठ में निवास करते हैं, लेकिन वोट गांव में है।
जिला पंचायत सदस्य डॉ. मीनाक्षी भराला मेरठ शहर में रहती हैं, लेकिन वोट गांव में है। ऐसे तमाम जिला पंचायत सदस्य रहे हैं। क्षेत्र पंचायत सदस्यों में भी सपा नेता देवेंद्र गुर्जर गंगानगर में रहते हैं, लेकिन वोट गांव में है। उनकी पत्नी क्षेत्र पंचायत सदस्य निर्वाचित होकर ब्लॉक प्रमुख की प्रबल दावेदार हैं।