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शहर के 400 से अधिक दुकानदारों को हाउस टैक्स में छूट का तोहफा

Tue, 16 Jul 2019 02:27 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 16 Jul 2019 02:27 AM IST
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Government's big gift to 4000 shopkeepers in the city
शहर के 4000 दुकानदारों को सरकार का बड़ा तोहफा
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मेरठ। यूपी सरकार की कैबिनेट ने 120 वर्ग फीट तक की दुकान में चाय, अंडा, ब्रेड, पान, सब्जी, दूध और दर्जी की दुकान चलाने वालों को कामर्शियल टैक्स में बड़ी राहत दी है। इनका टैक्स घटा दिया गया है। ऐसी दुकान चलाने वालों से आवासीय दर का केवल डेढ़ गुना टैक्स वसूला जाएगा, जबकि पहले पांच गुना वसूला जाता था। सरकार के इस निर्णय से शहर के लगभग 4000 दुकानदारों को फायदा पहुंचेगा। बाकी सभी दुकानदारों को आवासीय दर का पांच गुना हाउस टैक्स ही देना होगा। इस नई टैक्स नीति से नगर निगम को हर साल करीब 40 लाख रुपये का नुकसान होने वाला है।
टैक्स निर्धारण का नियम
आवासीय भवन
उदाहरण के लिए, शास्त्रीनगर में आवासीय हाउस टैक्स की दर 1.28 रुपये वर्ग फीट प्रतिमाह है। अगर किसी व्यक्ति के पास 120 वर्ग फीट का आवासीय कमरा है। तो उसका वार्षिक मूल्यांकन 1843.20 रुपये बैठता है। स्व अध्यासन (सेल्फ असेसमेंट) के तहत 25 प्रतिशत छूट मिल जाए, तो इस भवन पर 12.5 प्रतिशत हाउस टैक्स, 8 प्रतिशत वाटर टैक्स और 2.5 प्रतिशत सीवर टैक्स मिलाकर कुल 23 प्रतिशत टैक्स बैठता है। इस तरह 120 वर्ग फीट के आवासीय कमरे पर समस्त टैक्स 317 रुपये निर्धारित होता है।
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कामर्शियल भवन
शास्त्रीनगर क्षेत्र में ही 120 वर्ग फीट की दुकान है, तो उस पर आवासीय टैक्स दर का पांच गुना टैक्स लगता है। कामर्शियल टैक्स दाता को सेल्फ असेसमेंट के तहत 25 प्रतिशत छूट का लाभ भी नहीं दिया जाता है। कुल मिलाकर कामर्शियल दुकान का वार्षिक मूल्यांकन 9216 रुपये बैठता है। इस दुकान पर भी कुल टैक्स मिलाकर 23 प्रतिशत बैठता है। इस दुकान पर वार्षिक टैक्स 2119.80 पैसे निर्धारित होता है।
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नई नीति के तहत कामर्शियल भवन
शास्त्रीनगर का ही उदाहरण लिया जाए, तो नई नीति के तहत 120 वर्ग फीट की दुकान पर आवासीय टैक्स पांच गुना नहीं, बल्कि डेढ़ गुना ही लगेगा। वार्षिक टैक्स केवल 635.90 रुपये देना होगा, जो पूर्व (2119.80 रुपये) के मुकाबले 1483.90 रुपये कम है।

वर्जन
- सरकार काफी समय से टैक्स नीति में बदलाव पर कवायद कर रही थी। जो भी शासनादेश आएगा, उसका अनुपालन किया जाएगा।
- अवधेश कुमार, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी
- छोटे दुकानदारों के टैक्स में कमी करके सरकार ने राहत देने का काम किया है। सरकार को चाहिए कि निगम को विकास के लिए कुछ अतिरिक्त धनराशि भी जारी करे।
- सुनीता वर्मा, महापौर
- हमने अपने कार्यकाल में उप्र सरकार को इस संबंध में अनेक बार लिखा था। पिछली सरकार ने व्यापारी हित में निर्णय नहीं लिया। योगी सरकार का निर्णय बेहद सराहनीय है।
- हरिकांत अहलुवालिया, पूर्व महापौर
- उप्र सरकार का व्यापारियों के हितों में उठाया गया कदम सराहनीय है। शासन के निर्णय को शीघ्र लागू किया जाना चाहिए।
- नीरज मित्तल, उपाध्यक्ष संयुक्त व्यापार संघ
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