यूपी: चुनावी रनवे पर सरकार, घरेलू उड़ानों की तैयारी, एमडीए से मांगी जमीन
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चुनावी मोड में आ चुकी सरकार कुछ ऐसे प्रोजेक्टों पर काम शुरू करने जा रही है, जो काफी समय से लंबित हैं। जिनकी मांग भी बार-बार उठ रही है। हवाई यात्राओं पर काम शुरू होने जा रहा है। सरकार ने लखनऊ, काशी, प्रयागराज और गोरखपुर से कई और शहरों को हवाई सेवा से जोड़ने की योजना बनाई है।
एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) की रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम (आरसीएस) अंतर्गत सरकार हवाई सेवाओं का विस्तार कर रही है। इधर, मेरठ में हवाई अड्डे की मांग लंबे समय से उठ रही है। सरकार की अब मंशा है कि मेरठ में भी बड़ी न सही, पर छोटी घरेलू उड़ान शुरू हो जाएं। इस माह इसके लिए निविदाएं भी आमंत्रित की गई हैं ताकि इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो सके।
दरअसल वर्ष 2013 में एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने फैजाबाद, मेरठ व मुरादाबाद में राजकीय हवाई पट्टियों को नागरिक हवाई अड्डे के रूप में विकसित किए जाने के लिए इन्हें अथॉरिटी को हैंडओवर करने का प्रस्ताव दिया था। प्रस्ताव पर सहमति जताते हुए प्रदेश सरकार ने भी अथॉरिटी के साथ 22 फरवरी 2014 को एमओयू भी कर लिया। इसमें तय हुआ था कि परियोजनाओं के लिए जरूरी जमीन राज्य सरकार निशुल्क देगी।
जुलाई 2014 में ये तीनों हवाई पट्टियां अथॉरिटी को हस्तांतरित भी कर दी गईं। इसके अलावा विस्तारीकरण के लिए मेरठ में 392 एकड़, मुरादाबाद में 304 एकड़ और फैजाबाद में 251 एकड़ भूमि चिह्नित की गई, जिसे खरीदने के लिए 14 अरब 47 करोड़ रुपये का एस्टीमेट तय हुआ। मेरठ में 29.91 करोड़, मुरादाबाद में 92.31 करोड़ और फैजाबाद में 60.33 करोड़ की जमीन खरीद भी ली गई।
अब फिर से एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने और जमीन की मांग को लेकर कवायद शुरू कर दी है। इस बाबत पहले डीएम और फिर एमडीए अधिकारियों से वार्ता हुई है। मांग की गई है कि एमडीए वर्तमान हवाई पट्टी से सटी जमीन उपलब्ध कराए। एमडीए से मानचित्र बनाकर उस पर सुपर इंपोज कर दिया है तथा मौके पर चिन्हीकरण किया जा रहा है।
यह है हवाई पट्टी की स्थिति
परतापुर हवाई पट्टी मौजूदा समय में 80 मीटर चौड़ी और 1800 मीटर लंबी है। इस हवाई पट्टी पर 32 सीटर या इससे छोटे विमान ही उतर सकते हैं। 32 सीटर विमान के लिए ही फिलहाल यह हवाई पट्टी उपयुक्त है। इसके विस्तारीकरण की भी योजना है। इसके बाद हवाई पट्टी को 200 मीटर चौड़ी और 2700 मीटर लंबी करने की योजना थी। जिससे यहां पर 72 सीटर और उससे बड़े विमान उतर सकें।
एयरपोर्ट एंक्लेव पर भी मंथन शुरू
एमडीए की जल्दबाजी ने एयरपोर्ट एंक्लेव के आवंटियों को भी परेशान कर दिया । दरअसल हवाई पट्टी के पास ही एमडीए ने एयरपोर्ट एंक्लेव बनाया है जिसमें कुल 598 आवासों का निर्माण कराया गया है। यहां आवंटियों से किश्तों में धन वसूला गया। आश्चर्य की बात यह है कि कई बार पत्र जारी करने केबाद भी एमडीए ने एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया से इसकी एनओसी नहीं ली है।
ऐसे में यदि हवाई पट्टी का विस्तारीकरण हुआ या एयरपोर्ट बना तो एंक्लेव को लेकर मुसीबत खड़ी हो जाएगी। इसका ध्वस्तीकरण भी हो सकता है। हालांकि एमडीए अधिकारी कह रहे हैं कि दस्तावेजों के आधार पर वह अपनी जगह पर सही हैं।
ग्रीन सिग्नल का इंतजार
हवाई पट्टी के विस्तारीकरण के लिए एएआई अधिकारियों के साथ बैठक हुई है। उनकी डिमांड के अनुसार हमने इसके आसपास की जमीन को नक्शे पर सुपर इंपोज कर चिन्हीकरण शुरू कर दिया है। जल्द ही नक्शा एएसआई को सौंप दिया जाएगा। जैसे ही वहां से ग्रीन सिग्नल मिलेगा, जमीन दे दी जाएगी।
-राजकुमार, सचिव एमडीए
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