खुशखबर: अब घर- घर पहुंचेगा ‘आयुष्मान’, स्वास्थ्य सेवा के लिए नहीं पड़ेगा भटकना
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आयुष्मान भारत के तहत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना अब पात्रों के घर तक पहुंचेगी। गोल्डन कार्ड के लिए भटक रहे लाभार्थियों के घर जाकर स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी ‘पर्चा कार्ड’ देंगे, जो गोल्डन कार्ड की तरह ही स्वास्थ्य सेवा के लिए मान्य होगा। इसमें परिवार के मुखिया समेत परिवार के पांच सदस्यों का विवरण दर्ज है। मेरठ में ऐसे 211416 परिवार हैं, जिनमें यह पर्चा कार्ड दिया जाएगा। इनमें 89109 परिवार देहात और 122307 परिवार शहरी क्षेत्र के हैं। इसके तहत कुल 1052080 लोगों को इसका लाभ मिलेगा। साल 2011 की आर्थिक और सामाजिक गणना की सूची के आधार पर इन्हें चुना गया है।
सरकार करेगी मॉनीटरिंग, जलेगी लालबत्ती
पर्चा कार्ड लाभार्थियों तक पहुंच रहे हैं या नहीं, सरकार इसकी भी मॉनीटरिंग करेगी। इसके लिए आवंटित गांव के लाभार्थियों के पत्रों का बंडल प्राप्त करने के बाद आशा बहुओं द्वारा टोल फ्री नंबर 1800111565 अथवा 14555 पर कॉल किया जाएगा। आईवीआर ऑप्शन पर नौ नंबर दबाने पर एक्टिवेशन कोड पूछा जाएगा। गांवों के पत्रों के बंडल पर यूनिक कोड अंकित होगा, जिसे आशा बहुओं द्वारा डॉयल करते हुए पंच किया जाएगा। ऐसा करते ही दिल्ली में सरकार की टीम के सर्वर सिस्टम पर लाल बत्ती जलेगी और वहां पता चल जाएगा कि लाभार्थियों के गांव में कार्ड पहुंच चुके हैं। लापरवाही न हो, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग टीम भी निगरानी करेगी।
18 मरीजों को मिल चुका इलाज
मेरठ में आयुष्मान भारत योजना के तहत अब तक 18 मरीजों का इलाज किया जा रहा है। इनमें सबसे ज्यादा मरीजों का केएमसी अस्पताल में इलाज किया गया है। इसके अलावा पीएल शर्मा जिला चिकित्सालय में तीन मरीजों का उपचार किया गया। बाकी जगह-जगह एक-एक मरीज को इलाज मिला है। इसके अलावा नौ और निजी अस्पताल आयुष्मान योजना से जुड़ गए हैं। अब इनकी संख्या 27 हो गई है। इनमें छह सरकारी अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं।
1352 तरह की जांच शामिल
इस योजना के तहत सरकार देश के करीब 10 करोड़ गरीब परिवारों को पांच लाख रुपये तक का कवर देगी। बीपीएल परिवार को 1352 तरह की जांच और सर्जरी पांच लाख रुपये तक की निशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जानी है। इस योजना को लाभार्थी को किसी तरह का खर्च नहीं करना है। अस्पताल खुद बीमा कंपनी से क्लेम कर इसे लेगा।
लाभार्थियों की सुविधा के लिए
गांव या शहर के सब सेंटर या प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर कार्यक्रम आयोजित कर यह कार्ड कुछ लाभार्थियों को बांटे जाएंगे। बचे कार्ड आशा द्वारा लाभार्थियों के घर-घर जाकर दिए जाएंगे। अस्पताल में भर्ती होने के समय इस कार्ड के साथ एक पहचान पत्र (आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र और राशन कार्ड) भी लाना होगा। -डॉ. पूजा शर्मा, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी
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