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सोने की खोट पर हॉलमार्किंग की चोट
अमर उजाला ब्यूरो/मेरठ
Updated Wed, 25 May 2016 01:52 AM IST
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फाइल फोटो।
- फोटो : फाइल फोटो।
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भारत सरकार मेरठ समेत देश के सभी सराफा कारोबारियों पर शिकंजा कसने की तैयारी में है। एक्साइज ड्यूटी लगाने के बाद अब सरकार हॉलमार्किंग को अनिवार्य करने जा रही है। सरकार इसका नोटिफिकेशन सितंबर या उससे पहले जारी कर सकती है। इसके बाद सभी सराफा कारोबारियों को बीआईएस (भारतीय मानक ब्यूरो) से रजिस्ट्रेशन कराकर हॉलमार्क लगे आभूषण ही बेचने होंगे। सरकार को लंबे समय से शिकायतें मिल रही हैं कि सोना और सोने के आभूषण खरीदने पर ग्राहकों को शुद्धता के मामले में लूटा जाता है।
बिना हॉलमार्किंग का सोना खरा बताकर कम शुद्धता वाला सोना और आभूषण बेच दिए जाते हैं। सराफा कारोबारी द्वारा सोने और कम कैरेट के आभूषणों से धांधली रोकने के लिए सरकार यह कदम उठाने जा रही है। नियम तोड़ने पर सरकार पेनाल्टी के साथ उस कारोबारी का लाइसेंस रद्द करने का प्रावधान करेगी। ऐसा होने पर प्रत्येक सराफा कारोबारी को हॉॅलमार्क वाला ही सोना और आभूषण बेचना होगा।
तीन सेंटर, 30 व्यापारी रजिस्टर्ड
एशिया की प्रसिद्ध आभूषण बनाने की मंडी मेरठ में प्रतिदिन आठ से दस करोड़ रुपये का कारोबार होता है। करीब 5000 थोक और रिटेलर ज्वैलर्स एवं सप्लायर हैं। सभी पर यह नियम लागू होगा। हालांकि वर्तमान में मेरठ में बीआईएस से रजिस्टर्ड तीन सेंटर हैं। वहीं मेरठ में 30 से ज्यादा सराफा कारोबारियों ने बीआईएस से रजिस्ट्रेशन कराया हुआ है।
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मेरठ में मुख्य रूप से थोक और रिटेल शोरूम नील गली, शहर सर्राफा, कागजी बाजार, सदर बाजार, भगत सिंह मार्केट, आबूलेन, बेगमपुल, शारदा रोड, लिसाड़ी रोड, फूलबाग कॉलोनी, शास्त्रीनगर, कंकरखेड़ा, रोहटा रोड आदि क्षेत्रों में हैं। जहां बाहरी प्रदेशों से भी ग्राहक खरीददारी करने आते हैं।
यह है मुख्य समस्या
सरकार ने भारतीय मानक ब्यूरो के जरिये सोने की हॉलमार्किंग का कार्य वर्ष 2001 में शुरू किया था। लेकिन अभी तक सोने की मिलावट पर रोक नहीं लग सकी है। इसका मुख्य कारण हॉलमार्क सेंटर्स की कमी माना जाता है। जानकार बताते हैं कि पूरे देश में सिर्फ 350 हॉलमार्क सेंटर ही खुल सके हैं।
हां, सरकार हॉलमार्किंग अनिवार्य करने पर विचार कर रही है। यह अच्छी पहल है। इससे देश में मिलावटी सोने के आभूषणों की बिक्री पर लगाम कसेगी।
- रवि प्रकाश अग्रवाल, सदस्य ऑल इंडिया जेम्स एंड ज्वेलरी ट्रेड फेडरेशन
हॉलमार्क के बारे में सराफा व्यापारियों को जागरूक करना चाहिए। सभी को रजिस्ट्रेशन कराना चाहिए। यह सरकार का अच्छा कदम होगा।
- दिनेश रस्तोगी, महामंत्री, सराफा व्यापार एसोसिएशन
सरकार को हॉलमार्किंग को अच्छी तरह लागू करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। यह देश के लिए बेहद जरूरी है।
- संत कुमार सराफ, अध्यक्ष, सोना चांदी व्यापार संघ
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बिना हॉलमार्किंग का सोना खरा बताकर कम शुद्धता वाला सोना और आभूषण बेच दिए जाते हैं। सराफा कारोबारी द्वारा सोने और कम कैरेट के आभूषणों से धांधली रोकने के लिए सरकार यह कदम उठाने जा रही है। नियम तोड़ने पर सरकार पेनाल्टी के साथ उस कारोबारी का लाइसेंस रद्द करने का प्रावधान करेगी। ऐसा होने पर प्रत्येक सराफा कारोबारी को हॉॅलमार्क वाला ही सोना और आभूषण बेचना होगा।
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तीन सेंटर, 30 व्यापारी रजिस्टर्ड
एशिया की प्रसिद्ध आभूषण बनाने की मंडी मेरठ में प्रतिदिन आठ से दस करोड़ रुपये का कारोबार होता है। करीब 5000 थोक और रिटेलर ज्वैलर्स एवं सप्लायर हैं। सभी पर यह नियम लागू होगा। हालांकि वर्तमान में मेरठ में बीआईएस से रजिस्टर्ड तीन सेंटर हैं। वहीं मेरठ में 30 से ज्यादा सराफा कारोबारियों ने बीआईएस से रजिस्ट्रेशन कराया हुआ है।
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मेरठ में मुख्य रूप से थोक और रिटेल शोरूम नील गली, शहर सर्राफा, कागजी बाजार, सदर बाजार, भगत सिंह मार्केट, आबूलेन, बेगमपुल, शारदा रोड, लिसाड़ी रोड, फूलबाग कॉलोनी, शास्त्रीनगर, कंकरखेड़ा, रोहटा रोड आदि क्षेत्रों में हैं। जहां बाहरी प्रदेशों से भी ग्राहक खरीददारी करने आते हैं।
यह है मुख्य समस्या
सरकार ने भारतीय मानक ब्यूरो के जरिये सोने की हॉलमार्किंग का कार्य वर्ष 2001 में शुरू किया था। लेकिन अभी तक सोने की मिलावट पर रोक नहीं लग सकी है। इसका मुख्य कारण हॉलमार्क सेंटर्स की कमी माना जाता है। जानकार बताते हैं कि पूरे देश में सिर्फ 350 हॉलमार्क सेंटर ही खुल सके हैं।
हां, सरकार हॉलमार्किंग अनिवार्य करने पर विचार कर रही है। यह अच्छी पहल है। इससे देश में मिलावटी सोने के आभूषणों की बिक्री पर लगाम कसेगी।
- रवि प्रकाश अग्रवाल, सदस्य ऑल इंडिया जेम्स एंड ज्वेलरी ट्रेड फेडरेशन
हॉलमार्क के बारे में सराफा व्यापारियों को जागरूक करना चाहिए। सभी को रजिस्ट्रेशन कराना चाहिए। यह सरकार का अच्छा कदम होगा।
- दिनेश रस्तोगी, महामंत्री, सराफा व्यापार एसोसिएशन
सरकार को हॉलमार्किंग को अच्छी तरह लागू करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। यह देश के लिए बेहद जरूरी है।
- संत कुमार सराफ, अध्यक्ष, सोना चांदी व्यापार संघ