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ढाई हजार मीट्रिक टन कूड़े का हुआ निस्तारण
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ढाई हजार मीट्रिक टन कूड़े का हुआ निस्तारण
मेरठ। शहर से निकलने वाले कूड़े से अब निजात मिलने की उम्मीद जग है। गांवड़ी में संचालित कूड़ा निस्तारण प्लांट से ढाई हजार मीट्रिक टन कूड़े का निस्तारण हो गया है। प्लांट प्रतिदिन आठ घंटे चल रहा है। हालांकि निगम प्रशासन इस कम क्षमता वाले कूड़ा निस्तारण प्लांट को पायलेट प्रोजेक्ट बता रहा है। सफलता मिलने के बाद प्लांट की क्षमता को बढ़ाया जाएगा।
शनिवार को गांवड़ी में कूड़ा निस्तरण प्लांट का निरीक्षण करने पहुंचे नगरायुक्त डा.अरविंद कुमार चौरसिया, एफसी संतोष शर्मा, सहायक नगरायुक्त ब्रजपाल सिंह ने कूड़ा निस्तारण प्लांट की जानकारी दी। नगरायुक्त ने कहा कि प्रतिदिन 100 से 150 मीट्रिक टन कूड़े का निस्तारण किया जा रहा है। अभी तक ढाई हजार मीट्रिक टन कूड़े का निस्तारण हो चुका है। प्लांट के कुशल संचालन की रिपोर्ट शासन को भी भेज दी है।
उन्होंने बताया कि 15 जनवरी तक परतापुर बराल में लगाए गए कूड़े से बिजली बनाने का प्लांट भी चालू होने वाला है। कूड़े से जो पॉलीथिन, प्लास्टिक आदि सामान निकल रहा है। वह बराल वाली कंपनी को दिया जाएगा। फिलहाल जो कंपोस्ट निकल रहा है। उसको निशुल्क किसानों को दिया जा रहा है। बाकी को गांवड़ी डंपिंग ग्राउंड परिसर में भी डाला जा रहा है। क्योंकि काली नदी किनारे हरियाली के लिए पौधरोपण भी हो रहा हैं। भविष्य में इस प्लांट की क्षमता बढ़ाई जाएगी।
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800 मीट्रक टन निकल रहा कूड़ा
महानगर से प्रतिदिन 800 से एक हजार मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है। शहर के कूड़े से गांवड़ी ही नहीं बल्कि हापुड़ रोड लोहियानगर, दिल्ली रोड स्थित मंगतपुरम में कूड़े की पहाड़ी बन गई। इतना ही नहीं अब नगर निगम की कूड़ा गाड़ियों ने शहर की सड़कों के किनारे भी कूड़ा डालना शुरू कर दिया। मामला एनजीटी तक पहुंचा तो न्यायालय ने उप्र सरकार ही नहीं बल्कि डीएम, नगरायुक्त को भी तलब कर लिया। सरकार ने न्यायालय की कार्यवाही से बचने के लिए निगम प्रशासन को प्राथमिकता पर गांवड़ी में कूड़ा निस्तारण प्लांट लगाने के निर्देश दिए। हालांकि 2017 में भी एक प्राइवेट कंपनी द्वारा गांवड़ी में कूड़ा निस्तारण प्लांट लगाने लिए भूमि पूजन किया था, लेकिन समय रहते प्लांट नहीं लग पाया। अब नगर निगम प्रशासन ने अपने स्तर से ही गांवड़ी में कूड़ा निस्तारण प्लांट लगाया है। फिलहाल प्लांट से कूड़े को अलग अलग किया जा रहा है। मशीन जहां कंपोस्ट को अलग कर रही है। वहीं पत्थर, लकड़ी और लोहे आदि को अलग किया जा रहा है। साथ ही पॉलीथिन और प्लास्टिक को भी अलग किया जा रहा है।
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मेरठ। शहर से निकलने वाले कूड़े से अब निजात मिलने की उम्मीद जग है। गांवड़ी में संचालित कूड़ा निस्तारण प्लांट से ढाई हजार मीट्रिक टन कूड़े का निस्तारण हो गया है। प्लांट प्रतिदिन आठ घंटे चल रहा है। हालांकि निगम प्रशासन इस कम क्षमता वाले कूड़ा निस्तारण प्लांट को पायलेट प्रोजेक्ट बता रहा है। सफलता मिलने के बाद प्लांट की क्षमता को बढ़ाया जाएगा।
शनिवार को गांवड़ी में कूड़ा निस्तरण प्लांट का निरीक्षण करने पहुंचे नगरायुक्त डा.अरविंद कुमार चौरसिया, एफसी संतोष शर्मा, सहायक नगरायुक्त ब्रजपाल सिंह ने कूड़ा निस्तारण प्लांट की जानकारी दी। नगरायुक्त ने कहा कि प्रतिदिन 100 से 150 मीट्रिक टन कूड़े का निस्तारण किया जा रहा है। अभी तक ढाई हजार मीट्रिक टन कूड़े का निस्तारण हो चुका है। प्लांट के कुशल संचालन की रिपोर्ट शासन को भी भेज दी है।
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उन्होंने बताया कि 15 जनवरी तक परतापुर बराल में लगाए गए कूड़े से बिजली बनाने का प्लांट भी चालू होने वाला है। कूड़े से जो पॉलीथिन, प्लास्टिक आदि सामान निकल रहा है। वह बराल वाली कंपनी को दिया जाएगा। फिलहाल जो कंपोस्ट निकल रहा है। उसको निशुल्क किसानों को दिया जा रहा है। बाकी को गांवड़ी डंपिंग ग्राउंड परिसर में भी डाला जा रहा है। क्योंकि काली नदी किनारे हरियाली के लिए पौधरोपण भी हो रहा हैं। भविष्य में इस प्लांट की क्षमता बढ़ाई जाएगी।
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800 मीट्रक टन निकल रहा कूड़ा
महानगर से प्रतिदिन 800 से एक हजार मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है। शहर के कूड़े से गांवड़ी ही नहीं बल्कि हापुड़ रोड लोहियानगर, दिल्ली रोड स्थित मंगतपुरम में कूड़े की पहाड़ी बन गई। इतना ही नहीं अब नगर निगम की कूड़ा गाड़ियों ने शहर की सड़कों के किनारे भी कूड़ा डालना शुरू कर दिया। मामला एनजीटी तक पहुंचा तो न्यायालय ने उप्र सरकार ही नहीं बल्कि डीएम, नगरायुक्त को भी तलब कर लिया। सरकार ने न्यायालय की कार्यवाही से बचने के लिए निगम प्रशासन को प्राथमिकता पर गांवड़ी में कूड़ा निस्तारण प्लांट लगाने के निर्देश दिए। हालांकि 2017 में भी एक प्राइवेट कंपनी द्वारा गांवड़ी में कूड़ा निस्तारण प्लांट लगाने लिए भूमि पूजन किया था, लेकिन समय रहते प्लांट नहीं लग पाया। अब नगर निगम प्रशासन ने अपने स्तर से ही गांवड़ी में कूड़ा निस्तारण प्लांट लगाया है। फिलहाल प्लांट से कूड़े को अलग अलग किया जा रहा है। मशीन जहां कंपोस्ट को अलग कर रही है। वहीं पत्थर, लकड़ी और लोहे आदि को अलग किया जा रहा है। साथ ही पॉलीथिन और प्लास्टिक को भी अलग किया जा रहा है।