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साल बीता, पर आज भी इंसाफ की आस  

Tue, 14 Jun 2016 02:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो/मेरठ Updated Tue, 14 Jun 2016 02:52 AM IST
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gaurav rathore murder case
पिस्टल लोगो। - फोटो : अमर उजाला
सीसीएसयू कैंपस में सॉफ्टवेयर इंजीनियर गौरव राठौर की हत्या में एक साल बाद भी पीड़ित परिवार इंसाफ मांग रहा है। चार बार विवेचना बदल चुकी है और तीन एसओ बदल गये। लेकिन हत्या में नामजद दो आरोपी आज तक गिरफ्तार नहीं हुए। 
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छुटमलपुर, सहारनपुर निवासी रमेशचंद राठौर के इकलौते बेटे गौरव राठौर (26) ने सीसीएसयू के सर छोटूराम इंजीनियरिंग कॉलेज से बीटेक की पढ़ाई की थी। गौरव एक कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर था। 14 जून 2015 को विवि कैंपस में तपोवन के पास गौरव का खून से लथपथ शव मिला था। शव के पास से पुलिस ने एक तमंचा भी बरामद किया था। रमेश चंद ने मेडिकल थाने में मुकदमा दर्ज कराते हुए कहा था कि गौरव ने छुटमलपुर निवासी प्रियंका के साथ आर्य समाज मंदिर में शादी की थी। जिससे प्रियंका के परिजन खुश नहीं थे। रमेश ने प्रियंका के पिता रविन्द्र सैनी, नरेंद्र सैनी, जितेंद्र और अनिल के खिलाफ मेडिकल थाने में केस दर्ज कराया था। 
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मेडिकल थाने के दरोगा ने विवेचना में छह माह तक कोई गिरफ्तारी नहीं की। उल्टे मामला आत्महत्या का बताकर पेचीदा बना दिया। बाद में पीड़ित परिवार ने हाईकोर्ट की शरण ली। एसओ के बदलने पर पुलिस ने रविंद्र व नरेंद्र को जेल भेज दिया। उसके बाद एसएसआई मेडिकल विनोद कुमार ने विवेचना की तो आरोपी पक्ष से मिलीभगत में वह भी फंस गये। जिसके बाद सीओ स्वर्णजीत कौर ने केस की विवेचना की, लेकिन वह रिटायर हो गईं। इसके बाद पुन: विवेचना सीओ बीएस वीर कुमार को दी गई। रमेश चंद लगातार एसएसपी ऑफिस पर गुहार लगाते रहे। सोमवार को भी उन्होंने एसएसपी ऑफिस पहुंचकर इंसाफ मांगा।
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