{"_id":"693ae9efec7fda3e76054d7b","slug":"gathering-public-support-for-a-high-court-bench-the-movement-is-becoming-everyones-voice-meerut-news-c-14-1-mrt1050-1051323-2025-12-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Meerut News: हाईकोर्ट बेंच के लिए जुटा रहे जनसमर्थन, आंदोलन बन रहा सबकी आवाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Meerut News: हाईकोर्ट बेंच के लिए जुटा रहे जनसमर्थन, आंदोलन बन रहा सबकी आवाज
विज्ञापन
17 के प्रस्तावित बंद को लेकर अधिवक्ताओं की टीम ने लालकुर्ती, पल्लवपुरम व गंगानगर में किया जनसंपर्क
- कई व्यापारिक व सामाजिक संगठनों ने किया सहयोग व समर्थन का वादा
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच के लिए 17 दिसंबर को प्रस्तावित बंद के मद्देनजर जनसमर्थन लगातार जुटाया जा रहा है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश हाईकोर्ट बेंच स्थापना केंद्रीय संघर्ष समिति को लगातार समर्थन मिल रहा है। अधिवक्ता न केवल व्यापारी, उद्यमी, दुकानदार बल्कि बस ऑपरेटर, ऑटो रिक्शा एसोसिएशन, एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर, पेट्रोल पंप संचालक, रियल एस्टेट डवलपर, समाज सेवी समेत विभिन्न संगठनों से जनसंपर्क कर समर्थन जुटा रहे हैं। बृहस्पतिवार को कई व्यापारिक संगठनों ने समर्थन दिया।
मेरठ बार एसोसिएशन के महामंत्री तथा समिति के संयोजक राजेंद्र सिंह राणा ने बताया कि हाईकोर्ट बेंच पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए बेहद जरूरी है। बृहस्पतिवार को पल्लवपुरम में टीम पहुंची। रुड़की रोड व्यापार संघ के प्रतिनिधियों ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में न्यायिक सुविधाओं के विस्तार, शीघ्र एवं सुलभ न्याय सुनिश्चित करने के लिए हाईकोर्ट बैंच की जरूरत बताते हुए बंद के लिए समर्थन मांगा। संयुक्त व्यापार संघ की ओर से सुधीर रस्तोगी, देवेंद्र चौहान, गौरव मलिक, पूरनचंद सैनी, धीरज, कृष्ण, तरुण, अश्वनी, विवेक, बलजीत, भूषण, जफर आदि व्यापारियों ने हाईकोर्ट बेंच की स्थापना के लिए समर्थन दिया।
स्पोटर्स गुड्स व्यापार संघ ने स्पोर्ट्स मार्केट सूरजकुंड ने 17 दिसंबर के प्रस्तावित बंद का समर्थन किया है। संघ के अध्यक्ष अनुज सिंघल ने हाईकोर्ट बेंच की स्थापना को जरूरी बताते हुए केंद्रीय संघर्ष समिति का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि 17 दिसंबर को स्पोर्ट्स मार्केट पूरी तरह से बंद रहेगा। इस मौके पर रविंदर सिंह, दीपक तलवार, भास्कर गर्ग, जगदीश कुमार, संजीव रस्तोगी तरुण गुप्ता आदि व्यापारी मौजूद रहे। हैंडलूम वस्त्र व्यापारी संघ ने भी बंद को समर्थन दिया है।
विज्ञापन
इस दौरान मेरठ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष तथा समिति के चेयरमैन संजय शर्मा, संयुक्त सचिव सूर्य कांत त्यागी, राजीव शर्मा, पूर्व महामंत्री जितेंद्र सिंह बना, अमृत गुर्जर, राज करन सिंह, अनिल सहगल आदि अधिवक्ता मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि कचहरी पहुंचकर जागृति विहार, कैलाशपुरी समेत कई क्षेत्रों के व्यापारिक संगठन की ओर से समर्थन पत्र दिया गया।
:::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::
वकीलों की ही नहीं आम जनमानस की आवाज
हाईकोर्ट बेंच की मांग केवल अधिवक्ताओं की ही नहीं बल्कि आम जनमानस की भी है। इलाहाबाद हाईकोर्ट जाने की बात आते ही पीड़ित भयभीत हो जाते हैं। आना-जाना और ट्रेन में टिकट कराना ही मुहाल हो जाता है।
- लोकेश चंद्रा खटीक, उपाध्यक्ष खटीक समाज पउप्र
1954 में डा. संपूर्णानंद के समक्ष उठी थी मांग
वर्ष 1954 में यूपी के मुख्यमंत्री डॉ.संपूणानंद थे, तब पहली बार पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट की बेंच स्थापित करने की मांग उठी। इसके बाद कई पीएम, मंत्रियों से मिले लेकिन किसी ने गंभीरता नहीं दिखाई।
- विशाल भारती शर्मा, एडवोकेट
इलाहाबाद हाईकोर्ट में अधिवक्ता नहीं चाहते नई बैंच बने
इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता ही नहीं, वहां के सामान्य लोग भी नहीं चाहते कि हाईकोर्ट की बेंच पश्चिमी यूपी में बने, क्योंकि यहां से जाने वालों से उन्हें कई तरह के फायदे मिलते हैं।
- जगदीश पावटी, एडवोकेट
हाइकोर्ट बेंच की स्थापना बेहद जरूरी
मेरठ से प्रयागराज करीब 700 किमी. दूर है जिस कारण पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोग सस्ते व सुलभ न्याय से वंचित रह जाते हैं। मेरठ वेस्ट यूपी का केंद्र पड़ता है। यहीं बेंच स्थापित होनी चाहिए ताकि लोगों को लाभ मिले।
- नरेश त्यागी, पूर्व जिला शासकीय अधिवक्ता
लाहौर पास इलाहाबाद दूर है
मेरठ से इलाहाबाद हाईकोर्ट की दूरी लाहौर से कम है। पाकिस्तान के लाहौर हाईकोर्ट की दूरी महज 430 किमी ही है। इसके बावजूद हाईकोर्ट बेंच की स्थापना न करना लोगों से छल करने जैसा है।
- डाॅ. संदीप पहल एडवाकेट, अध्यक्ष सच संस्था।
व्यापारियों का तो चौपट हो जाता है काम
नौकरी वाले लोग तो एक बार छुट्टी लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट चले भी जाएं लेकिन व्यापारी को तो किसी मामले में जाने के लिए अपनी दुकान बंद करनी पड़ती है। ऐसे में व्यापारी बुरी तरह प्रभावित हो जाता है। हाईकोर्ट बेंच स्थापित होनी चाहिए।
- पुनीत शर्मा, महामंत्री बेगमपुल व्यापार संघ।
सरकार को चाहिए जनता का हित देखें
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच स्थापित करने को पिछले पचास साल से आंदोलन हो रहा है। सरकार को चाहिए कि वह जनता की समस्याओं को देखते हुए उनके हित का ध्यान दें।
- पंकज गुप्ता, पूर्व अध्ययक्ष, इंडियन इंडस्ट्री एसोसिएशन
हमारी कमाई पूरब पर हो रही खर्च
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में साधन, संसाधन और जरूरत के मुताबिक हिस्सेदारी को नहीं बांटा जा रहा है। यहां लोग मेहनत, मशक्कत कर कमाते हैं जबकि खर्चा पूर्वी उत्तर प्रदेश में होता है। सरकार को भी ध्यान देने की जरूरत है।
- अतुल गुप्ता, एमडी एपेक्स ग्रुप।
महाराष्ट्र में चार बेंच, यूपी में महज दो
महाराष्ट्र की आबादी महज 12 करोड़ है, वहां चार हाईकोर्ट बेंच हैं। 25 करोड़ की आबादी वाले उत्तर प्रदेश में सिर्फ दो बेंच हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों को उनका हक क्यों नहीं दिया जा रहा।
- राहुल मलिक एडवोकेट
व्यापारी, उद्यमी हर कोई है परेशान
इलाहाबाद हाईकोर्ट में मामला चल जाए तो पूरा जीवन प्रभावित हो जाता है। तारीख पर जाने में न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक परेशानी भी बहुत होती है। सस्ता, सुलभ न्याय की अवधारण हाईकोर्ट बेंच स्थापित होने से ही होगी।
- संजय राघव, दवा व्यापारी सम्राट पैलेस
विज्ञापन
- कई व्यापारिक व सामाजिक संगठनों ने किया सहयोग व समर्थन का वादा
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच के लिए 17 दिसंबर को प्रस्तावित बंद के मद्देनजर जनसमर्थन लगातार जुटाया जा रहा है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश हाईकोर्ट बेंच स्थापना केंद्रीय संघर्ष समिति को लगातार समर्थन मिल रहा है। अधिवक्ता न केवल व्यापारी, उद्यमी, दुकानदार बल्कि बस ऑपरेटर, ऑटो रिक्शा एसोसिएशन, एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर, पेट्रोल पंप संचालक, रियल एस्टेट डवलपर, समाज सेवी समेत विभिन्न संगठनों से जनसंपर्क कर समर्थन जुटा रहे हैं। बृहस्पतिवार को कई व्यापारिक संगठनों ने समर्थन दिया।
मेरठ बार एसोसिएशन के महामंत्री तथा समिति के संयोजक राजेंद्र सिंह राणा ने बताया कि हाईकोर्ट बेंच पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए बेहद जरूरी है। बृहस्पतिवार को पल्लवपुरम में टीम पहुंची। रुड़की रोड व्यापार संघ के प्रतिनिधियों ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में न्यायिक सुविधाओं के विस्तार, शीघ्र एवं सुलभ न्याय सुनिश्चित करने के लिए हाईकोर्ट बैंच की जरूरत बताते हुए बंद के लिए समर्थन मांगा। संयुक्त व्यापार संघ की ओर से सुधीर रस्तोगी, देवेंद्र चौहान, गौरव मलिक, पूरनचंद सैनी, धीरज, कृष्ण, तरुण, अश्वनी, विवेक, बलजीत, भूषण, जफर आदि व्यापारियों ने हाईकोर्ट बेंच की स्थापना के लिए समर्थन दिया।
विज्ञापन
स्पोटर्स गुड्स व्यापार संघ ने स्पोर्ट्स मार्केट सूरजकुंड ने 17 दिसंबर के प्रस्तावित बंद का समर्थन किया है। संघ के अध्यक्ष अनुज सिंघल ने हाईकोर्ट बेंच की स्थापना को जरूरी बताते हुए केंद्रीय संघर्ष समिति का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि 17 दिसंबर को स्पोर्ट्स मार्केट पूरी तरह से बंद रहेगा। इस मौके पर रविंदर सिंह, दीपक तलवार, भास्कर गर्ग, जगदीश कुमार, संजीव रस्तोगी तरुण गुप्ता आदि व्यापारी मौजूद रहे। हैंडलूम वस्त्र व्यापारी संघ ने भी बंद को समर्थन दिया है।
विज्ञापन
इस दौरान मेरठ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष तथा समिति के चेयरमैन संजय शर्मा, संयुक्त सचिव सूर्य कांत त्यागी, राजीव शर्मा, पूर्व महामंत्री जितेंद्र सिंह बना, अमृत गुर्जर, राज करन सिंह, अनिल सहगल आदि अधिवक्ता मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि कचहरी पहुंचकर जागृति विहार, कैलाशपुरी समेत कई क्षेत्रों के व्यापारिक संगठन की ओर से समर्थन पत्र दिया गया।
:::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::
वकीलों की ही नहीं आम जनमानस की आवाज
हाईकोर्ट बेंच की मांग केवल अधिवक्ताओं की ही नहीं बल्कि आम जनमानस की भी है। इलाहाबाद हाईकोर्ट जाने की बात आते ही पीड़ित भयभीत हो जाते हैं। आना-जाना और ट्रेन में टिकट कराना ही मुहाल हो जाता है।
- लोकेश चंद्रा खटीक, उपाध्यक्ष खटीक समाज पउप्र
1954 में डा. संपूर्णानंद के समक्ष उठी थी मांग
वर्ष 1954 में यूपी के मुख्यमंत्री डॉ.संपूणानंद थे, तब पहली बार पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट की बेंच स्थापित करने की मांग उठी। इसके बाद कई पीएम, मंत्रियों से मिले लेकिन किसी ने गंभीरता नहीं दिखाई।
- विशाल भारती शर्मा, एडवोकेट
इलाहाबाद हाईकोर्ट में अधिवक्ता नहीं चाहते नई बैंच बने
इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता ही नहीं, वहां के सामान्य लोग भी नहीं चाहते कि हाईकोर्ट की बेंच पश्चिमी यूपी में बने, क्योंकि यहां से जाने वालों से उन्हें कई तरह के फायदे मिलते हैं।
- जगदीश पावटी, एडवोकेट
हाइकोर्ट बेंच की स्थापना बेहद जरूरी
मेरठ से प्रयागराज करीब 700 किमी. दूर है जिस कारण पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोग सस्ते व सुलभ न्याय से वंचित रह जाते हैं। मेरठ वेस्ट यूपी का केंद्र पड़ता है। यहीं बेंच स्थापित होनी चाहिए ताकि लोगों को लाभ मिले।
- नरेश त्यागी, पूर्व जिला शासकीय अधिवक्ता
लाहौर पास इलाहाबाद दूर है
मेरठ से इलाहाबाद हाईकोर्ट की दूरी लाहौर से कम है। पाकिस्तान के लाहौर हाईकोर्ट की दूरी महज 430 किमी ही है। इसके बावजूद हाईकोर्ट बेंच की स्थापना न करना लोगों से छल करने जैसा है।
- डाॅ. संदीप पहल एडवाकेट, अध्यक्ष सच संस्था।
व्यापारियों का तो चौपट हो जाता है काम
नौकरी वाले लोग तो एक बार छुट्टी लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट चले भी जाएं लेकिन व्यापारी को तो किसी मामले में जाने के लिए अपनी दुकान बंद करनी पड़ती है। ऐसे में व्यापारी बुरी तरह प्रभावित हो जाता है। हाईकोर्ट बेंच स्थापित होनी चाहिए।
- पुनीत शर्मा, महामंत्री बेगमपुल व्यापार संघ।
सरकार को चाहिए जनता का हित देखें
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच स्थापित करने को पिछले पचास साल से आंदोलन हो रहा है। सरकार को चाहिए कि वह जनता की समस्याओं को देखते हुए उनके हित का ध्यान दें।
- पंकज गुप्ता, पूर्व अध्ययक्ष, इंडियन इंडस्ट्री एसोसिएशन
हमारी कमाई पूरब पर हो रही खर्च
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में साधन, संसाधन और जरूरत के मुताबिक हिस्सेदारी को नहीं बांटा जा रहा है। यहां लोग मेहनत, मशक्कत कर कमाते हैं जबकि खर्चा पूर्वी उत्तर प्रदेश में होता है। सरकार को भी ध्यान देने की जरूरत है।
- अतुल गुप्ता, एमडी एपेक्स ग्रुप।
महाराष्ट्र में चार बेंच, यूपी में महज दो
महाराष्ट्र की आबादी महज 12 करोड़ है, वहां चार हाईकोर्ट बेंच हैं। 25 करोड़ की आबादी वाले उत्तर प्रदेश में सिर्फ दो बेंच हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों को उनका हक क्यों नहीं दिया जा रहा।
- राहुल मलिक एडवोकेट
व्यापारी, उद्यमी हर कोई है परेशान
इलाहाबाद हाईकोर्ट में मामला चल जाए तो पूरा जीवन प्रभावित हो जाता है। तारीख पर जाने में न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक परेशानी भी बहुत होती है। सस्ता, सुलभ न्याय की अवधारण हाईकोर्ट बेंच स्थापित होने से ही होगी।
- संजय राघव, दवा व्यापारी सम्राट पैलेस