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गंगानगर में गैस गीजर ने ली छात्र की जान
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
Updated Sat, 19 Dec 2015 01:40 AM IST
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गंगानगर में गैस गीजर ने एक होनहार छात्र की जान ले ली। गैस गीजर ऑन करके बाथरूम में नहाते समय दम घुटने से छात्र बेसुध हो गया। बाथरूम से निकालकर परिजन अस्पताल ले गए, जहां छात्र को मृत घोषित कर दिया गया। जवान बेटे की मौत से पूरा परिवार बुरी तरह टूट गया।
गंगानगर एफ-314/1 निवासी प्रेम कुमार नारायण एमडीए में क्लर्क पद पर कार्यरत हैं। उनका बड़ा बेटा रवि कुमार ट्रांसलेम कॉलेज में बी-फार्मा तृतीय वर्ष का छात्र था। छोटा बेटा नवीन कुमार जेपी कालेज में बीबीए सेकेड ईयर में पढ़ता है। बहन मीनाक्षी की शादी हो चुकी है। प्रेम कुमार शुक्रवार को ऑफिस गए थे। नवीन कालेज गया था। घर पर रवि और उसकी मां सुशीला थीं। दोपहर करीब 11.45 बजे रवि नहाने के लिए बाथरूम में घुसा। उसने गैस गीजर ऑन किया और बाथरूम को अंदर से लॉक कर नहाने लगा।
करीब दस मिनट बीत जाने पर भी रवि बाहर नहीं निकला, तो मां सुशीला ने आवाज लगाई। लेकिन बाथरूम के अंदर से कोई प्रतिक्रिया न होने पर सुशीला परेशान हो गईं। उन्होंने पास से ही रवि के दोस्त विजय और गौरव को बुलाया और दोनों की मदद से बाथरूम का दरवाजा तोड़ दिया। बाथरूम में रवि बेहोश पड़ा था। उसे बेहोश देखकर सुशीला और रवि के दोस्तों के होश उड़ गए। उन्होंने उसे उठाया और किसी तरह बाइक पर लेकर गंगानगर स्थित दिव्य ज्योति हॉस्पिटल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने रवि को देखने से मना कर दिया। इसके बाद वह रवि को जसवंत राय हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों ने बताया कि करीब 20 मिनट पहले ही रवि की मौत हो चुकी है।
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जवान बेटे की मौत ने मां सुशीला को बुरी तरह तोड़ दिया। अस्पताल में ही चीख-पुकार मच गई। सूचना पर पिता प्रेम कुमार और अन्य परिजन भी अस्पताल पहुंच गए। प्रेम कुमार ने बताया कि रवि ने एसडी सदर से दसवीं और बारहवीं पास की थी। बारहवीं में केमेस्ट्री विषय में स्कूल टॉपर रहा। हाल ही में उसने बीफार्मा के पांचवें सेमेस्टर की परीक्षा दी थी। रवि वंश इंस्टीट्यूट के नाम से घर के पास ही कोचिंग सेंटर भी चलाता था।
दोस्तों का घर पर लगा तांता
रवि की अचानक मौत की खबर से सभी दोस्त सन्न रह गए। रवि को अंतिम बार देखने के लिए घर पर दोस्तों का तांता लगा रहा। कॉलेज में साथ पढ़ने वाले जूनियर व सीनियर छात्र भी दुखी मन से रवि के घर पहुंच गए।
मां बोली, रवि तू कहां चला गया
बड़े बेटे की अचानक मौत होने पर सुशीला को विश्वास नहीं हो रहा था। रोते-रोते मां कई बार बेहोश हुईं। जब भी होश आता, वह बस यही कहतीं रवि तू कहां चला गया। मां के पास वापस आ जा। रवि ने नहाने से पहले कहा था कि उसे दस मिनट के लिए बाहर जाना है, जल्दी से खाना बना दो। पिता और भाई का भी रो-रोकर बुरा हाल था। रिश्तेदार और परिचितों ने शोक संतृप्त परिवार को ढांढस बंधाया।
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गंगानगर एफ-314/1 निवासी प्रेम कुमार नारायण एमडीए में क्लर्क पद पर कार्यरत हैं। उनका बड़ा बेटा रवि कुमार ट्रांसलेम कॉलेज में बी-फार्मा तृतीय वर्ष का छात्र था। छोटा बेटा नवीन कुमार जेपी कालेज में बीबीए सेकेड ईयर में पढ़ता है। बहन मीनाक्षी की शादी हो चुकी है। प्रेम कुमार शुक्रवार को ऑफिस गए थे। नवीन कालेज गया था। घर पर रवि और उसकी मां सुशीला थीं। दोपहर करीब 11.45 बजे रवि नहाने के लिए बाथरूम में घुसा। उसने गैस गीजर ऑन किया और बाथरूम को अंदर से लॉक कर नहाने लगा।
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करीब दस मिनट बीत जाने पर भी रवि बाहर नहीं निकला, तो मां सुशीला ने आवाज लगाई। लेकिन बाथरूम के अंदर से कोई प्रतिक्रिया न होने पर सुशीला परेशान हो गईं। उन्होंने पास से ही रवि के दोस्त विजय और गौरव को बुलाया और दोनों की मदद से बाथरूम का दरवाजा तोड़ दिया। बाथरूम में रवि बेहोश पड़ा था। उसे बेहोश देखकर सुशीला और रवि के दोस्तों के होश उड़ गए। उन्होंने उसे उठाया और किसी तरह बाइक पर लेकर गंगानगर स्थित दिव्य ज्योति हॉस्पिटल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने रवि को देखने से मना कर दिया। इसके बाद वह रवि को जसवंत राय हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों ने बताया कि करीब 20 मिनट पहले ही रवि की मौत हो चुकी है।
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जवान बेटे की मौत ने मां सुशीला को बुरी तरह तोड़ दिया। अस्पताल में ही चीख-पुकार मच गई। सूचना पर पिता प्रेम कुमार और अन्य परिजन भी अस्पताल पहुंच गए। प्रेम कुमार ने बताया कि रवि ने एसडी सदर से दसवीं और बारहवीं पास की थी। बारहवीं में केमेस्ट्री विषय में स्कूल टॉपर रहा। हाल ही में उसने बीफार्मा के पांचवें सेमेस्टर की परीक्षा दी थी। रवि वंश इंस्टीट्यूट के नाम से घर के पास ही कोचिंग सेंटर भी चलाता था।
दोस्तों का घर पर लगा तांता
रवि की अचानक मौत की खबर से सभी दोस्त सन्न रह गए। रवि को अंतिम बार देखने के लिए घर पर दोस्तों का तांता लगा रहा। कॉलेज में साथ पढ़ने वाले जूनियर व सीनियर छात्र भी दुखी मन से रवि के घर पहुंच गए।
मां बोली, रवि तू कहां चला गया
बड़े बेटे की अचानक मौत होने पर सुशीला को विश्वास नहीं हो रहा था। रोते-रोते मां कई बार बेहोश हुईं। जब भी होश आता, वह बस यही कहतीं रवि तू कहां चला गया। मां के पास वापस आ जा। रवि ने नहाने से पहले कहा था कि उसे दस मिनट के लिए बाहर जाना है, जल्दी से खाना बना दो। पिता और भाई का भी रो-रोकर बुरा हाल था। रिश्तेदार और परिचितों ने शोक संतृप्त परिवार को ढांढस बंधाया।