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गैर ऊर्जीकृत कालोनियों में घूसखोरी का करंट
अमर उजाला ब्यूरों
Updated Thu, 22 Sep 2016 01:56 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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पीवीवीएनएल में घपले-घोटालों पर सख्त कार्रवाई नहीं होने से अधिकारियों के हौसले बुलंद हैं। अब नियमों को ताक पर रखकर गैर ऊर्जीकृत कालोनियों में पैसा लेकर धड़ल्ले से न केवल एलटी लाइन बनाई जा रही है, बल्कि कनेक्शन भी जारी किए जा रहे हैं। विद्युत वितरण मंडल (देहात) के 33/11 केवी मोहिउद्दीनपुर बिजलीघर के अंतर्गत परतापुर से भूड़बराल के बीच काटी जा रही अविद्युतीकृत कॉलोनियों में यहां तैनात अधिकारियों ने कॉलोनाइजरों से मिलीभगत करके विभाग को करोड़ों रुपये का फटका लगाया है। इसकी शिकायत पीवीवीएनएल एमडी से लेकर मुख्यमंत्री तक भेजी गई है।
यह है नियम
नियमानुसार किसी भी कॉलोनी में बिजली कनेक्शन तभी दिए जा सकते हैं, जब कॉलोनी का विद्युतीकरण हो जाए। इसके लिए कॉलोनाइजर विद्युत विभाग में बिजली ढांचा खड़ा करने के लिए आवेदन करता है। इस पर विभाग इस्टीमेट बनाकर कॉलोनाइजर को देता है। कॉलोनाइजर द्वारा इस्टीमेट राशि जमा करने के बाद ही कॉलोनी को ऊर्जीकृत किया जाता है। इसके बाद यहां बने मकानों को एलटी लाइन से कनेक्शन जारी किए जाते हैं। लेकिन मोहिउद्दीनपुर बिजलीघर क्षेत्र में नियमों को ताक पर रखकर विद्युत लाइन तक खींच दी गई है। मामले की जानकारी लगने पर अमर उजाला टीम ने क्षेत्र की कॉलोनियों का दौरा किया तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।
ये हैं मामले
एक: भूड़बराल के पास कौशल्या कुंज कॉलोनी करीब 40 बीघा में काटी गई है। कालोनी को ऊर्जीकृत नहीं किया गया। मिलीभगत से 63 केवी का ट्रांसफार्मर लगाकर कनेक्शन दे दिए गए। विभागीय सूत्रों के मुताबिक इतनी बड़ी कॉलोनी में 250 किलोवाट के 10 ट्रांसफार्मर लगते और ऊर्जीकरण में करीब डेढ़ करोड़ रुपये का खर्चा आता। विभाग के राजस्व को क्षति पहुंचाकर कनेक्शन दिए गए।
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दो: परतापुर स्थित बराल में करीब 50 बीघा में काटी जा रही शंकर नगर फेस वन और टू में भी 63 किलोवाट का ट्रांसफार्मर लगाकर कनेक्शन जारी कर दिए गए। बिना ऊर्जीकरण कॉलोनी में एलटी लाइन भी खींच दी है। यहां चल रही एक प्लाइवुड फैक्ट्री को भी बिना इस्टीमेट जमा कराए ही सड़क से एलटी लाइन ले जाकर कनेक्शन दिया गया है। जबकि फैक्ट्री को ज्यादा लोड के कारण अलग से ट्रांसफार्मर रखकर कनेक्शन दिए जाने का नियम है।
तीन: भूड़बराल के पास काटी जा रही ओम साईंधाम कालोनी के आधे हिस्से को पास कराकर पूरी कॉलोनी में लाइन बिछा दी गई। लाइन बनाते समय विजिलेंस ने छापा मारकर परतापुर थाने में रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। लेकिन अधिकारियों ने सेटिंग से मामला दबा दिया था।
चार: भूड़बराल जैन मंदिर के सामने काटी जा रही रमेश एन्कलेव कॉलोनी में सड़क पर स्थित एसके इंजीनियरिंग वर्क्स के लिए रखे गए 25 किलोवाट ट्रांसफार्मर से ही केबल के जरिये कनेक्शन दे दिए गए।
पांच: परतापुर बाईपास स्थित एसआर पेट्रोल पंप को कनेक्शन देने के लिए ग्रैंड टोयोटा के एचटी जोड़े से हाइवे के समानांतर करीब 100 मीटर एचटी लाइन खींच दी। जोड़े से जोड़े तक डायरेक्ट खींची गई इतनी लंबी लाइन के नीचे न तो कोई खंभा लगाया और न ही गार्डिंग की। लाइन खतरे का सबब बनी है।
सीएम तक शिकायत
पांचों मामलों की शिकायत पीवीवीएनएल एमडी अभिषेक प्रकाश से लेकर सीएम अखिलेश यादव तक भेजी गई है। शिकायतकर्ता ने यहां तैनात जेई को पूरे मामले में जिम्मेदार बताते हुए अन्य सभी जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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यह है नियम
नियमानुसार किसी भी कॉलोनी में बिजली कनेक्शन तभी दिए जा सकते हैं, जब कॉलोनी का विद्युतीकरण हो जाए। इसके लिए कॉलोनाइजर विद्युत विभाग में बिजली ढांचा खड़ा करने के लिए आवेदन करता है। इस पर विभाग इस्टीमेट बनाकर कॉलोनाइजर को देता है। कॉलोनाइजर द्वारा इस्टीमेट राशि जमा करने के बाद ही कॉलोनी को ऊर्जीकृत किया जाता है। इसके बाद यहां बने मकानों को एलटी लाइन से कनेक्शन जारी किए जाते हैं। लेकिन मोहिउद्दीनपुर बिजलीघर क्षेत्र में नियमों को ताक पर रखकर विद्युत लाइन तक खींच दी गई है। मामले की जानकारी लगने पर अमर उजाला टीम ने क्षेत्र की कॉलोनियों का दौरा किया तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।
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ये हैं मामले
एक: भूड़बराल के पास कौशल्या कुंज कॉलोनी करीब 40 बीघा में काटी गई है। कालोनी को ऊर्जीकृत नहीं किया गया। मिलीभगत से 63 केवी का ट्रांसफार्मर लगाकर कनेक्शन दे दिए गए। विभागीय सूत्रों के मुताबिक इतनी बड़ी कॉलोनी में 250 किलोवाट के 10 ट्रांसफार्मर लगते और ऊर्जीकरण में करीब डेढ़ करोड़ रुपये का खर्चा आता। विभाग के राजस्व को क्षति पहुंचाकर कनेक्शन दिए गए।
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दो: परतापुर स्थित बराल में करीब 50 बीघा में काटी जा रही शंकर नगर फेस वन और टू में भी 63 किलोवाट का ट्रांसफार्मर लगाकर कनेक्शन जारी कर दिए गए। बिना ऊर्जीकरण कॉलोनी में एलटी लाइन भी खींच दी है। यहां चल रही एक प्लाइवुड फैक्ट्री को भी बिना इस्टीमेट जमा कराए ही सड़क से एलटी लाइन ले जाकर कनेक्शन दिया गया है। जबकि फैक्ट्री को ज्यादा लोड के कारण अलग से ट्रांसफार्मर रखकर कनेक्शन दिए जाने का नियम है।
तीन: भूड़बराल के पास काटी जा रही ओम साईंधाम कालोनी के आधे हिस्से को पास कराकर पूरी कॉलोनी में लाइन बिछा दी गई। लाइन बनाते समय विजिलेंस ने छापा मारकर परतापुर थाने में रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। लेकिन अधिकारियों ने सेटिंग से मामला दबा दिया था।
चार: भूड़बराल जैन मंदिर के सामने काटी जा रही रमेश एन्कलेव कॉलोनी में सड़क पर स्थित एसके इंजीनियरिंग वर्क्स के लिए रखे गए 25 किलोवाट ट्रांसफार्मर से ही केबल के जरिये कनेक्शन दे दिए गए।
पांच: परतापुर बाईपास स्थित एसआर पेट्रोल पंप को कनेक्शन देने के लिए ग्रैंड टोयोटा के एचटी जोड़े से हाइवे के समानांतर करीब 100 मीटर एचटी लाइन खींच दी। जोड़े से जोड़े तक डायरेक्ट खींची गई इतनी लंबी लाइन के नीचे न तो कोई खंभा लगाया और न ही गार्डिंग की। लाइन खतरे का सबब बनी है।
सीएम तक शिकायत
पांचों मामलों की शिकायत पीवीवीएनएल एमडी अभिषेक प्रकाश से लेकर सीएम अखिलेश यादव तक भेजी गई है। शिकायतकर्ता ने यहां तैनात जेई को पूरे मामले में जिम्मेदार बताते हुए अन्य सभी जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।