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Meerut News: फसली मुआवजे से वंचित किसानों में रोष

Tue, 25 Apr 2023 02:21 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 25 Apr 2023 02:21 AM IST
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Fury among farmers deprived of crop compensation
खरखौदा। गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण के दौरान नगली से नगला पातू जा रही हाईटेंशन लाइन की ऊंचाई बढ़ाने को लेकर विद्युत टावरों की ऊंचाई बढ़ाई गई थी। निर्माण कार्य के एक वर्ष पूरा होने के बाद भी किसानों को उसका फसली मुआवजा नहीं मिला। जिसे लेकर किसानों में रोष व्याप्त है। उन्होंने मंगलवार को दूसरी लाइन पर काम करने की तैयारी कर रहे पावर ग्रिड के कर्मचारियों व पदाधिकारियों का विरोध करने की चेतावनी दी है।
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क्षेत्र के गांव बिजौली गोविंदपुरी निवासी राकेश त्यागी, समसुद्दीन, नियाज मोहम्मद व टीटू त्यागी सहित कई किसानों ने बताया कि मेरठ से प्रयागराज के लिए बनाए जा रहे गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण में बाधा बन रही किठौर से नगला पातू जाने वाली हाईटेंशन लाइन की ऊंचाई बढ़ाई जानी थी। जिसे लेकर गंगा एक्सप्रेसवे के दोनों ओर से टावरों की ऊंचाई बढ़ाई जानी थी। इस दौरान होने वाले सभी खर्च को गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण कर रहे यूपीडा को वहन करना था। 2021 से अप्रैल 2022 तक शिफ्टिंग का कार्य पूर्ण कराकर हाईटेंशन लाइन को भी सुचारू कर दिया गया था। इस मद में पावर ग्रिड को किसानों को अधिग्रहण की गई कृषि भूमि का सर्किल रेट का 85% व निर्माण कार्य के दौरान बार-बार होने वाली फसल क्षति के लिए फसली मुआवजा भी देना था। इसमें पावर ग्रिड ने भूमि अधिग्रहण व विद्युत पावर निर्माण में फाउंडेशन टावर बनाने का दो बार फसल का मुआवजा दे दिया था।
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विभाग ने 2022 में निर्माण कार्य पूरा कर लाइन को सुचारू भी कर दिया। लाइन बनाने के दौरान होने वाले फसली नुकसान के लिए किसानों को फसली मुआवजा भी देना था। जिसमें विभाग के अवर अभियंता ने सभी कागजी कार्रवाई पूरी कर दी थी। लेकिन एक वर्ष बाद भी किसानों को मुआवजा नहीं मिला। करीब 14 किसान एक वर्ष से अपने फसली मुआवजे का इंतजार कर रहे हैं।
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सोमवार को गांव बिजौली में हुई किसानों की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि मंगलवार को क्षेत्र में अन्य लाइनों पर काम कर रहे पावर ग्रिड के अधिकारियों का विरोध किया जाएगा।



विभाग ओर से सभी कागजी कार्रवाई पूरी कर ली गई है। सभी किसानों की फसल क्षति की पैमाइश का बिल भी तैयार कर लिया है। लेकिन हाईवे का निर्माण कर रहे यूपीडा विभाग को तीसरे फसली मुआवजे का कोई पैसा जमा नहीं कराया। यूपीडा को कई बार रिमाइंडर भेजा गया है। जैसे ही पैसा जमा होगा, तुरंत किसानों को भेज दिया जाएगा। - नवीन कुमार, एक्सईएन, पावर ग्रिड
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