‘राइस पुलर’ बताकर ठगी करने वाला गैंग दबोचा, खतरनाक केमिकल बरामद
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मेरठ में गंगानगर में ‘राइस पुलर’ बताकर करोड़ों रुपये ठगने गैंग का बृहस्पतिवार को भंडाफोड़ हो गया। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। जबकि गैंग का सरगना चकमा देकर तीन साथियों के साथ फरार हो गया। पुलिस मौके से बरामद बम जैसी दिखने वाली धातु व ज्वलनशील केमिकल की जांच कर रही हैं।
मामला गंगानगर एल ब्लॉक मकान नंबर 618 का है। कसेरू बक्सर निवासी धर्मपाल का मकान कुछ युवकों ने किराये पर लिया हुआ था। मुखबिर की सूचना पर गंगानगर पुलिस ने यहां छापा मारा। जहां से चार युवकों आदर्श अग्निहोत्री निवासी नौबस्ता कानपुर, इमरान निवासी कंकरखेड़ा, नौशाद निवासी नंगलामल और आनंद निवासी गंगानगर को गिरफ्तार कर लिया।
बम निरोधक दस्ते के साथ पहुंचे अफसर
पुलिस को मकान में बम जैसी दिखने वाली वस्तु मिली। जिस पर अफसरों को बताया गया। इसके बाद एसपी देहात राजेश कुमार, सीओ सदर देहात रामअर्ज, क्राइम ब्रांच, बम निरोधक दस्ता और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। इसकी जांच करने पर पता चला कि यह बम नहीं, बल्कि ‘राइस पुलर’ बनाने वाला गैंग से जुड़े लोग हैं। मकान से ज्वलनशील पदार्थ की बदबू आ रही थी। पुलिस ने तलाशी के दौरान केमिकल, कांच के जार, एंटी रेडिएशन की पूरी ड्रेस और कई बॉक्स भी बरामद किए। आरोपियों से एक डस्टर गाड़ी, एक स्कूटी और एक बाइक बरामद हुई हैं।
बम बनाने की सूचना पर मची थी खलबली
गंगानगर में बम बनाने की सूचना पर पुलिस महकमे में खलबली मच गई थी। यह जानकारी आग की तरफ फैली, तो एल ब्लॉक में सैकड़ों की संख्या में लोग पहुंच गए। पुलिस फोर्स व बम निरोधक दस्ता देखकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। बाद में पुलिस चारों आरोपियों को हिरासत में लेकर गंगानगर थाने ले आई। आईजी रेंज मेरठ रामकुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में अभी तक ‘राइस पुलर’ बताकर ठगी करने की बात सामने आ रही है। हालांकि पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही हैं। मकान से बरामद केमिकल और अन्य सामान की जांच फोरेंसिक टीम कर रही है।
मुख्य आरोपी साथियों संग फरार
पुलिस को देखते ही मुख्य आरोपी शहजाद निवासी नंगलामल मुंडाली, हनी निवासी बेगमबाग लालकुर्ती और मुंबई निवासी दो युवक वरना कार से फरार हो गए। पुलिस का दावा है कि ‘राइस पुलर’ बताकर एक पार्टी को शहजाद ने मुंबई से बुलाया था। मुंबई से आए दोनों युवक इसका सैंपल लेने आए थे। यह बहुत महंगा बिकना बताया गया है।
आखिर क्या है ‘राइस पुलर’
कई साल पहले एक तांबे के सिक्के पर राम दरबार का चित्र अंकित किया गया था। इस तांबे के सिक्के में मौजूद चुंबकीय शक्ति से चावल (राइस) का दाना खींचने का दावा किया जा रहा था। ठगी करने वाले इसे ‘राइस पुलर’ नाम बताकर बेचते थे। ठग दावा करते थे कि जिसके पास यह सिक्का होता है वह रातोंरात लखपति या करोड़पति बन जाता है। वहीं यह भी कहा जाता था कि नासा जैसे बडे़ रिसर्च सेंटर में यह बहुत महंगे रेट पर खरीदा जाता है।
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