यमुना के किनारे बसें गांवों में दहशत का माहौल, सड़कों तक पहुंचा पानी, प्रशासनिक टीम मौके पर मौजूद
हथिनीकुंड बैराज से पानी छोड़ने का असर अब दिखने लगा है। यमुना के किनारे बसें कई गांवों के बाहर सड़कों तक यमुना का पानी पहुंच गया है, इससे ग्रामीण दहशत में हैं। जागोस, कोताना और खेडी प्रधान सहित अन्य गांवों के बाहर सड़कों तक पानी पहुंच गया है। यहां ज्वार, गन्ने सहित अन्य सैकड़ों बीघा फसलें जलमग्न हो गई हैं। इससे ग्रामीण दहशत में है, हालांकि प्रशासन की टीम मौके पर मौजूद है।
वहीं सोमवार देर रात तक डीएम और एसपी ने भ्रमण कर स्थिति का जायजा लिया। मंगलवार को सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता और अधिशासी अभियंता सहित टीम ने कई गांवों का दौरा किया और ग्रामीणों से बातचीत की।
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तहसील क्षेत्र के गांव जागोस, बदरखा, ककौर, शबगा, कोताना, खेड़ी प्रधान, निनाना सहित अन्य गांवों में बाढ़ के खतरे को देखते हुए लेखपालों की ड्यूटी लगा दी गई है। उनसे समय-समय पर यमुना में जलस्तर और उसके प्रभाव की रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है।
वहीं सोमवार रात भी डीएम शकुंतला गौतम व एसपी शैलेश कुमार पांडेय ने प्रभावित गांवों का दौरा किया। उन्होंने टांडा, छपरौली, बदरखा, जागोस में यमुना में जलस्तर और लगाई गई ठोकरें देखीं। मंगलवार सुबह सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता हृदय नारायण सिंह, एक्सईएन संजीव कुमार, अवर अभियंता वीरपाल पंवार, विकास कुमार ने टांडा गांव में भ्रमण किया।
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अवर अभियंता वीरपाल पंवार ने बताया कि टांडा गांव में कोई खतरा नहीं। फिलहाल विभागीय कर्मचारी तटबंध की रक्षा में जुटे हैं। इसके बाद टीम ने 11 बाढ़ चौकियों का निरीक्षण किया।
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