फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Father suffering from cancer, mother unconscious on son death, sisters cry

बेटे की मौत पर मां बेहोश, बहनों का रो-रोकर बुरा हाल, कैंसर से पीड़ित पिता के नहीं थम रहे आंसू

Sun, 21 Jan 2018 07:12 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर Updated Sun, 21 Jan 2018 07:12 PM IST
विज्ञापन
Father suffering from cancer, mother unconscious on son death, sisters cry
किशोर की मौत पर मातम - फोटो : अमर उजाला

पुलिस की अमानवीयता के चलते दो किशोरों की मौत के बाद राकेश खुराना और प्रवीण गुप्ता के परिवारीजन सदमे में हैं। अर्पित की बहन को तो होश ही नहीं आ रहा जबकि मां गुमसुम हो गई है और पिता की आंख के आंसू नहीं थम रहे हैं। उधर, सन्नी की मां को तो घटना के बाद से ही होश में नहीं है। कैंसर से जूझ रहे पिता समझ ही नहीं पा रहे हैं कि आखिर अचानक यह सब क्या हो गया।

विज्ञापन


घर को अकेला ही चला रहा था छात्र सन्नी
पिता कैंसर से पीड़ित और लाचार, छोटी-छोटी दो बहनें, बहनों के साथ-साथ अपनी पढ़ाई और फिर पूरे घर का खर्चा। मकान का किराया। इस सबकी जिम्मेदारी अकेले सन्नी पर थी। दसवीं की पढ़ाई के साथ महिला सूटों पर एंब्राइडरी का काम कर रहा था। अब पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। प्रवीण गुप्ता का इकलौता पुत्र सन्नी गुप्ता जेवी जैन इंटर कॉलेज में कक्षा 10 का छात्र था। उसके दो छोटी बहनें भी हैं। उसके पिता प्रवीण गुप्ता गले के कैंसर से पीड़ित हैं। मां गृहणी है। प्रवीण एंब्रायडरी करके अपने घर का खर्च चला रहा था। घर पर मशीन लगा रखी थी और बाजार से सूट लाकर उन पर कढ़ाई करता था। उसी से अपनी बहनों की पढ़ाई और अपनी पढ़ाई का खर्च चला रहा था। 
विज्ञापन


दो परिवारों का दीपक बुझने से पूरा नुमाइश कैंप ही गम और गुस्से में डूबा रहा। पुलिस के खिलाफ आंखों में आक्रोश नजर आया तो दोनों परिवारों की हालत देखकर आसपास के लोगों की भी आंखें नम हो गईं।
विज्ञापन
विज्ञापन


पढ़ें : पुलिसकर्मियों की लापरवाही से गई दो लोगों की जान, पिता बोले- यह हत्या का मामला, दर्ज हो केस

अर्पित की बहन वान्या अब तक बेहोशी की हालत में

Father suffering from cancer, mother unconscious on son death, sisters cry
विलाप करते परिजन - फोटो : अमर उजाला

अर्पित की बहन वान्या अब तक बेहोशी की हालत में है। शुक्रवार से ही वह बार-बार बेसुध हो रही है। वह अपने भाई का नाम देकर आवाज दे रही है। शनिवार को फिर से बहन वान्या बेहोश हो गई। परिजन उसे उठाकर घर के अंदर ले गए और होश में लाने का प्रयास करते रहे। मां संगीता तो कुछ बोल ही नहीं पा रही है। किसी को भी देखते ही पिता के आंखों से आंसू छलकते रहे।

23 मिनट तक सड़क पर पड़ा तड़पता रहा अर्पित
बृहस्पतिवार की आधी रात को हुई दुर्घटना के बाद अर्पित 23 मिनट तक सड़क पर पड़ा तड़पता रहा। वह यदि समय पर अस्पताल पहुंच जाता तो जान बच जाती। लोग हाथ जोड़कर पुलिस कर्मियों से अस्पताल पहुंचाने की मिन्नतें करते रहे, लेकिन पुलिस कर्मियों ने उनकी एक नहीं सुनी। पुलिस कर्मी कहते रहे कि उनकी गाड़ी गंदी हो जाएगी, फिर वह पूरी रात कैसे बिताएंगे। लिंक रोड पर बेरीबाग की ओर से मंगल नगर की ओर मोटरसाइकिल से अर्पित और सन्नी आ रहे थे। मोटरसाइकिल तो अर्पित की थी, लेकिन चला रहा था सन्नी। बाइक की गति तेज थी, जिससे वह अनियंत्रित होकर खंभे से टकरा गई। दोनों किशोर नाले में जा गिरे और घायल हो गए।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें

https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed