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Meerut News: रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करें किसान
Mon, 04 May 2026 07:07 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Mon, 04 May 2026 07:07 PM IST
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फोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
मोदीपुरम। भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान द्वारा मेरा गांव मेरा गौरव कार्यक्रम के अंतर्गत रसूलपुर बड़ा गांव में उर्वरकों के संतुलित उपयोग विषय पर जागरूकता अभियान आयोजित किया गया। कार्यक्रम में वैज्ञानिकों ने किसानों को अहम जानकारी दी।
इस दौरान संस्थान के वैज्ञानिक डॉ चंद्रभानु, डॉ कमलेश कुमार और डॉ प्रमोद ने किसानों को पोषक तत्व प्रबंधन के बारे में जानकारी दी। डॉ चंद्रभानु ने प्राकृतिक खेती में उपयोग होने वाले जीवामृत व बीजामृत के बारे में बताया। उन्होंने खेतों में रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने पर जोर दिया। डॉ कमलेश कुमार ने गोबर खाद केंचुआ खाद कंपोस्ट और फसल अवशेष प्रबंधन को अपनाने की सलाह दी। डॉ प्रमोद ने गन्ना और धान में एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन आईएनएम की तकनीकों पर जानकारी दी।
कार्यक्रम के दौरान किसानों को ढैंचा बीज वितरित किए गए। आयोजन में डॉ हर्षित का विशेष योगदान रहा। अंत में संवाद सत्र में किसानों की समस्याओं का समाधान करते हुए वैज्ञानिकों ने संतुलित उर्वरक उपयोग और वैज्ञानिक पद्धतियां अपनाने का आहवान किया।
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मोदीपुरम। भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान द्वारा मेरा गांव मेरा गौरव कार्यक्रम के अंतर्गत रसूलपुर बड़ा गांव में उर्वरकों के संतुलित उपयोग विषय पर जागरूकता अभियान आयोजित किया गया। कार्यक्रम में वैज्ञानिकों ने किसानों को अहम जानकारी दी।
इस दौरान संस्थान के वैज्ञानिक डॉ चंद्रभानु, डॉ कमलेश कुमार और डॉ प्रमोद ने किसानों को पोषक तत्व प्रबंधन के बारे में जानकारी दी। डॉ चंद्रभानु ने प्राकृतिक खेती में उपयोग होने वाले जीवामृत व बीजामृत के बारे में बताया। उन्होंने खेतों में रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने पर जोर दिया। डॉ कमलेश कुमार ने गोबर खाद केंचुआ खाद कंपोस्ट और फसल अवशेष प्रबंधन को अपनाने की सलाह दी। डॉ प्रमोद ने गन्ना और धान में एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन आईएनएम की तकनीकों पर जानकारी दी।
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कार्यक्रम के दौरान किसानों को ढैंचा बीज वितरित किए गए। आयोजन में डॉ हर्षित का विशेष योगदान रहा। अंत में संवाद सत्र में किसानों की समस्याओं का समाधान करते हुए वैज्ञानिकों ने संतुलित उर्वरक उपयोग और वैज्ञानिक पद्धतियां अपनाने का आहवान किया।
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