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मिट्टी का तेल उड़ेलकर टंकी पर चढ़े
ब्यूरो/अमर उजाला मेरठ
Updated Wed, 23 Sep 2015 02:11 AM IST
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शताब्दीनगर योजना के किसानों ने नई भू अधिग्रहण नीति के तहत मुआवजे की मांग को लेकर मंगलवार को जमकर हंगामा किया। किसान मिट्टी के तेल की केन लेकर टंकी पर चढ़ गए।
दो किसानों ने अपने ऊपर मिट्टी का तेल डाल लिया। साढ़े चार घंटे के हंगामे के बाद किसान टंकी से उतरे। साथ ही प्रशासन को 40 दिन का समय देते हुए लगातार धरने पर बैठे रहने की चेतावनी दी।
एमडीए की शताब्दीनगर योजना में रिठानी, कंचनपुर घोपला, जैनपुर के किसानों की भूमि है। यहां के किसान पिछले 16 महीनों से किसान नेता विजयपाल घोपला के नेतृत्व में शताब्दीनगर सेक्टर चार में एमडीए के क्षेत्रीय कार्यालय के बाहर धरना दे रहे हैं।
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किसानों की मांग है कि नई भूमि अधिग्रहण नीति के तहत भूमि का मुआवजा दिया जाए। इस मांग को लेकर तीन माह पहले किसानों की डीएम और एमडीए अधिकारियों के साथ बैठक हुई थी। इसमें किसानों की मांग से जुड़ा एक फार्म भरकर शासन को भेजने और मांग पूरी कराने का आश्वासन दिया गया था।
अब कोई कार्रवाई न होने से नाराज किसान और महिलाएं मंगलवार को शताब्दीनगर में पानी की टंकी पर चढ़ गई। किसान बोबी शर्मा, लीलू सहित तीन लोग हाथों में मिट्टी के तेल की केन लिए हुए थे। इनके साथ धर्मवीरी, चमनो देवी, प्रकाशी, ओमकारी, कमला, सुखवीरी, सतवीरी आदि महिलाएं भी टंकी पर चढ़ गईं।
सूचना पाकर एडीएम फाइनेंस गौरव वर्मा, एमडीए सचिव कुमार विनीत, एसडीएम, एसपी सिटी ओमप्रकाश, एमडीए तहसीलदार मांगेराम चौहान पुलिस फोर्स लेकर मौके पर पहुंचे। किसानों ने विजयपाल घोपला के नेतृत्व में अधिकारियों को घेर लिया। इस दौरान टंकी पर चढ़े किसान बोबी शर्मा ने अपने ऊपर मिट्टी का तेल उडे़ल लिया।
किसानों ने चेतावनी दी कि जब तक उनको न्याय नहीं मिला तब तक वह टंकी पर चढ़े रहेंगे। साथ ही एक के बाद एक किसान आत्मदाह करेगा। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने फोन पर जिलाधिकारी पंकज यादव को किसानों के आंदोलन की जानकारी दी। इसपर डीएम ने किसानों से 30 दिन का समय मांगा।
साथ ही आश्वासन दिया कि वह शासन को उनका प्रस्ताव भेज रहे हैं। इसपर किसान नेता विजयपाल घोपला आदि ने कहा कि जिला प्रशासन को 30 नहीं बल्कि 40 दिन देते हैं। अगर 40 दिन के भीतर किसानों की मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन को गति दी जाएगी।
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दो किसानों ने अपने ऊपर मिट्टी का तेल डाल लिया। साढ़े चार घंटे के हंगामे के बाद किसान टंकी से उतरे। साथ ही प्रशासन को 40 दिन का समय देते हुए लगातार धरने पर बैठे रहने की चेतावनी दी।
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एमडीए की शताब्दीनगर योजना में रिठानी, कंचनपुर घोपला, जैनपुर के किसानों की भूमि है। यहां के किसान पिछले 16 महीनों से किसान नेता विजयपाल घोपला के नेतृत्व में शताब्दीनगर सेक्टर चार में एमडीए के क्षेत्रीय कार्यालय के बाहर धरना दे रहे हैं।
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किसानों की मांग है कि नई भूमि अधिग्रहण नीति के तहत भूमि का मुआवजा दिया जाए। इस मांग को लेकर तीन माह पहले किसानों की डीएम और एमडीए अधिकारियों के साथ बैठक हुई थी। इसमें किसानों की मांग से जुड़ा एक फार्म भरकर शासन को भेजने और मांग पूरी कराने का आश्वासन दिया गया था।
अब कोई कार्रवाई न होने से नाराज किसान और महिलाएं मंगलवार को शताब्दीनगर में पानी की टंकी पर चढ़ गई। किसान बोबी शर्मा, लीलू सहित तीन लोग हाथों में मिट्टी के तेल की केन लिए हुए थे। इनके साथ धर्मवीरी, चमनो देवी, प्रकाशी, ओमकारी, कमला, सुखवीरी, सतवीरी आदि महिलाएं भी टंकी पर चढ़ गईं।
सूचना पाकर एडीएम फाइनेंस गौरव वर्मा, एमडीए सचिव कुमार विनीत, एसडीएम, एसपी सिटी ओमप्रकाश, एमडीए तहसीलदार मांगेराम चौहान पुलिस फोर्स लेकर मौके पर पहुंचे। किसानों ने विजयपाल घोपला के नेतृत्व में अधिकारियों को घेर लिया। इस दौरान टंकी पर चढ़े किसान बोबी शर्मा ने अपने ऊपर मिट्टी का तेल उडे़ल लिया।
किसानों ने चेतावनी दी कि जब तक उनको न्याय नहीं मिला तब तक वह टंकी पर चढ़े रहेंगे। साथ ही एक के बाद एक किसान आत्मदाह करेगा। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने फोन पर जिलाधिकारी पंकज यादव को किसानों के आंदोलन की जानकारी दी। इसपर डीएम ने किसानों से 30 दिन का समय मांगा।
साथ ही आश्वासन दिया कि वह शासन को उनका प्रस्ताव भेज रहे हैं। इसपर किसान नेता विजयपाल घोपला आदि ने कहा कि जिला प्रशासन को 30 नहीं बल्कि 40 दिन देते हैं। अगर 40 दिन के भीतर किसानों की मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन को गति दी जाएगी।