फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   bogus insurance playes bigger

फर्जी बीमा कराने का बड़ा खेल, पड़ताल करने पर हुआ भंडाफोड़

Mon, 20 Feb 2017 09:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ Updated Mon, 20 Feb 2017 09:49 AM IST
विज्ञापन
bogus insurance playes bigger
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

आरटीओ आफिस के बाहर बीमा कराने के नाम पर धोखाधड़ी का खेल सामने आया है। यहां पर कम पैसे में बीमा कराने के नाम पर फर्जी बीमा तैयार कर दिया जाता है। इतना ही नहीं, कई बार वाहन स्वामी गाड़ी बेचने से पहले जानबूझकर भी ऐसा बीमा करा लेते हैं। ऐसे में वाहन खरीदते समय बीमा कंपनी में जांच कराना भी जरूरी है। अब तक इस खेल की लगभग 25 शिकायतें बीमा कंपनियों को मिल चुकी हैं।

विज्ञापन


नहीं मिला बीमा कंपनी के पास रिकार्ड
सरधना के जैनपुर निवासी रणजीत सिंह अपने महेंद्रा ट्रैक्टर का बीमा नवीनीकरण कराने पहुंचे। उनका पुराना बीमा न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी से हुआ था। जब उनके पुराने बीमे का रिकॉर्ड देखा गया तो वह कंपनी में कहीं मौजूद नहीं था। रणजीत सिंह ने बताया कि जब उसने ट्रैक्टर खरीदा तो बेचने वाले ने बीमा कराकर दिया था। बाद में पता चला है कि नाम ट्रांसफर के दौरान किया गया यह बीमा आरटीओ के बाहर बैठे दलाल ने किया था।
विज्ञापन


पड़ताल करने पर हुआ भंडाफोड़
बीमा कंपनियों के कर्मचारियों के अनुसार पिछले छह माह के दौरान करीब दो दर्जन से ज्यादा मामले ऐसे सामने आ चुके हैं। जब ग्राहक नवीनीकरण कराने आता है, तो उसका कोई रिकॉर्ड मौजूद नहीं होता है। इसके बाद अधिकांश ग्राहक तो लड़ाई तक करते हैं। जब इसकी पड़ताल की गयी, तो पता चला कि ऐसे अधिकांश बीमा आरटीओ के बाहर कराये गये थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


फिटनेस और ट्रांसफर केस में फर्जीवाड़ा
फर्जी वाहन बीमा के अधिकांश मामले वाहनों के फिटनेस या ट्रांसफर में सामने आये हैं। वाहन स्वामी को आरटीओ में वाहन का फिटनेस सर्टिफिकेट लेने या खरीदने-बेचने पर इंश्योरेंस सर्टिफिकेट भी देना होता है। ऐसे में लोग इन दलालों के चक्कर में कम पैसे का बीमा कराने को तैयार हो जाते हैं और फर्जी बीमा करा लेते हैं।

700 का बीमा 200 रुपये में
टू व्हीलर का थर्ड पार्टी इंश्योरेंस इस समय करीब 700 रुपये में होता है। लेकिन बाहर बैठे दलाल इसी बीमा को 200 रुपये में कर देते हैं। यही नहीं, बड़े वाहनों का 20 हजार रुपये का बीमा कराने के नाम पर तो ये दलाल दो हजार रुपये लेकर इंश्योरेंस सर्टिफिकेट तैयार कर देते हैं।

असली की कॉपी से बनाते हैं नकली
आरटीओ के बाहर बैठे दलाल वैध बीमा भी कराते हैं। ये दोपहिया, चौपहिया छोटे, बड़े, व्यावसायिक आदि वाहनों का बीमा कराते हैं। इन वाहनों के इंश्योरेंस सर्टिफिकेट की कॉपी अपने पास सेव करके रख लेते हैं। इसके बाद फर्जीवाड़े के लिए फोटो शॉप में जाकर नाम, वाहन नंबर, डेट आदि को बदलकर ये फर्जी इंश्योरेंस की कॉपी ग्राहक को थमा देते हैं। इस फर्जी इंश्योरेंस के जरिये वाहन स्वामी की गाड़ी का फिटनेस और ट्रांसफर आदि का काम हो जाता है।

आरटीओ अधिकारी नहीं करते जांच
इस पूरे फर्जीवाड़े में आरटीओ अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान उठ रहे हैं। जब वाहन स्वामी उन्हें तमाम अभिलेख उपलब्ध कराता है, तो उसकी फौरी जांच ही की जाती है। कागजों का सत्यापन नहीं किया जाता है। वाहन के कागजात का तो वह अपने रिकॉर्ड से मिलान कर लेते हैं। लेकिन बीमा और निवास संबंधी प्रमाणपत्रों की जांच होती है। यही वजह है कि फर्जीवाड़ा उस समय पकड़ में नहीं आता है।

ऑफिस आकर कराएं बीमा
ऐसे कई केस सामने आए हैं। ये थर्ड पार्टी इंश्योरेंस में ज्यादा होता है। इसलिए हम ग्राहक को हमेशा समझाते हैं कि वह थर्ड पार्टी इंश्योरेंस आफिस में ही आकर कराएं। बाहर गड़बड़ी की आशंका रहती है।

- विलियम्स रिचर्ड मैंजिस, वरिष्ठ प्रबंधक, न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी

हमारे पास नहीं साधन
हम सिर्फ कागजों की पूर्ति देखते हैं। इंश्योरेंस के असली या फर्जी होने की जांच का हमारे पास कोई साधन नहीं है। पुराने वाहन खरीदने वालों को स्वयं इंश्योरेंस कंपनी जाकर बीमा के कागजात की जांच करानी चाहिए।
- रणजीत सिंह, एआरटीओ प्रशासन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed