‘गंदगी छिपाने नहीं, निस्तारण पर जोर दें’
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मुख्य अतिथि एमडी (पीवीवीएनएल) इंजीनियर वीपी पंत ने कहा कि एक वर्ष पूर्व गांधी जयंती पर स्वच्छ भारत अभियान शुरू हुआ, लेकिन अभी तक इसका असर नहीं दिखता। कारण यह है कि 125 करोड़ लोगों द्वारा उत्पन्न गंदगी का निस्तारण करने के बजाए उसको छिपाने पर ज्यादा जोर दिया गया है। न कूड़े के उत्पादन में कमी लाने, न उसके फैलाव को कम करने और न ही उसके डिस्पोजल के लिए कोई नीति निर्धारित की गई है।
विशिष्ट अतिथि रेलवे बोर्ड के सेक्रेटरी जीआर अग्रवाल ने कहा कि अधिकांश गंदगी और मल नदी नालों में बहाई जा रही है, जो नदियों को भी प्रदूषित कर रहा है। उन्होंने सुझाव दिया कि सीवेज को सीधे सीवर सिस्टम में ले जाकर और टीट्रमेंट प्लांट द्वारा संशोधित करने के बाद ही उस पानी को नालों या नदियों में डाला जाए।
मुख्य वक्ता एसके कुमार ने कचरा प्रबंधन के लिए 5 आर का सूत्र दिया। उन्होंने कहा वे पांच सूत्र रिड्यूस, रिमूव, रिलोकेट, रियूज और रिसाइकिल है। कार्यक्रम में सभी 1967 बैच के इंजीनियर्स को सम्मानित किया। डायरेक्टर आलोक कुमार मित्तल, सतीश शर्मा, अनुराग गुप्ता, आशीष गोयल, वीके त्यागी, एलके गुप्ता, पीएस सिंघल, एपी अग्रवाल, एसके जैन, विकास गुप्ता, गौरव रस्तोगी, पंकज गुप्ता, संजय शर्मा, वीके त्यागी मौजूद रहे।
जनता ने देखी तकनीकी प्रदर्शनी
एसोसिएशन की तरफ से तकनीकी प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसमें विभिन्न उत्पादों को प्रदर्शित किया गया। यह प्रदर्शनी जनता के लिए तीन से छह बजे तक लगाई गई।
नाटिका से दिखाई महिला सशक्तिकरण
कार्यक्रम में शाम को सांस्कृतिक संध्या का आयोजन हुआ। जिसका थीम ‘स्वच्छ भारत’ रखा गया। महिलाओं द्वारा सशक्तिकरण पर बहुत खूबसूरत नाटिका प्रस्तुत की गई। इसके बाद अभियंताओं ने ‘शोले रिलोडिड’ थीम पर शोले फिल्म के 40 वर्ष पूरे होने पर डांस प्रस्तुत किया। समाज को जाग्रत करने के लिए अभियंताओं ने ‘स्वच्छ भारत भ्रष्टाचार मुक्त भारत’ पर एक नायिका ‘चाय पानी’ की प्रस्तुती दी।
वार्षिक अंक का विमोचन
मुख्य अतिथि ने संस्था की त्रैमासिक पत्रिका सृजन के वार्षिक अंक स्मारिका 2015 का विमोचन भी किया।