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आखिरी तारीख खत्म...नहीं दिए राउटर के आईडी-पासवर्ड
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यूपी बोर्ड परीक्षा 2020
आखिरी तारीख खत्म...नहीं दिए राउटर के आईडी-पासवर्ड
मेरठ। यूपी बोर्ड के परीक्षा केंद्रों पर लगाए गए राउटर के आईडी-पासवर्ड नहीं दिए गए हैं। इस संबंध में जानकारी देने की आखिरी तारीख 15 जनवरी थी। इससे नाराज जिला विद्यालय निरीक्षक ने प्रधानाचार्यों को पत्र लिखकर 17 जनवरी शुक्रवार तक इसकी जानकारी देने की हिदायत दी है। अगर ऐसा नहीं किया गया तो प्रधानाचार्य का एक माह का वेतन रोक दिया जाएगा।
दरअसल, यूपी बोर्ड 2020 की परीक्षा को नकलविहीन बनाने के लिए लाइव मॉनिटरिंग की जाएगी। इसके लिए 90 परीक्षा केंद्रों पर राउटर लगा दिए गए हैं, जबकि 11 में लगने अभी बाकी हैं। लेकिन किसी भी परीक्षा केंद्र से राउटर की आईडी और पासवर्ड जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) कार्यालय पर प्राप्त नहीं हुए हैं। इसके लिए 15 जनवरी आखिरी तारीख थी। बृहस्पतिवार को इसकी ऑनलाइन मॉनिटरिंग करके देखना था, मगर आईडी-पासवर्ड नहीं होने के कारण ऐसा नहीं हो सका।
मेरठ में इस बार 101 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा के दौरान सभी केंद्र प्रभारियों का डाटा ऑनलाइन रखना होगा। उन्हें यह डाटा रोजाना माध्यमिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट पर भेजना होगा। रोजाना किस परीक्षा केंद्र में कितने परीक्षार्थी शामिल हुए, कितने अनुपस्थित रहे, कितने उत्तर पुस्तिकाओं का इस्तेमाल किया गया आदि सात बिंदुओं पर सूचना देनी होगी। इस बार परीक्षा केदौरान पंजीकरण कराने वाले हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के 86 हजार 280 परीक्षार्थी (इंटरमीडिएट 43,274 और हाईस्कूल 43,006) थे, जिनमें से छंटनी केबाद 85 हजार 856 रह गए हैं। 424 निकल गए हैं। इनमें हाईस्कूल के 251 और इंटरमीडिएट के173 विद्यार्थी थे। अब इंटरमीडिएट में 43,101 और हाईस्कूल में 42,755 परीक्षार्थी रह गए हैं।
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यह होता है राउटर
राउटर छोटे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस होते हैं, जो वायर या वायरलेस कनेक्शन के माध्यम से कई कंप्यूटर नेटवर्क को कनेक्ट करते हैं। राउटर का स्थान मॉडर्न और कंप्यूटर के बीच होता है।
नेट गति धीमी होने से निगरानी में आएगी दिक्कत
परीक्षा केंद्रों पर लगाए गए वॉयस रिकॉर्डिंग वाले सीसीटीवी कैमरों को हाईस्पीड इंटरनेट राउटर के जरिए कनेक्ट किया जाएगा। बीएसएनएल के जरिए नेट कनेक्टिंग की जा रही है, जिससे नेट की धीमी गति से निगरानी में दिक्कत आने की आशंका जताई जा रही है। खासकर देहात क्षेत्र में बीएसएनएल का नेटवर्क बेहद कमजोर है। जिला विद्यालय निरीक्षक गिरजेश चौधरी ने बताया कि मॉनिटरिंग के लिए राजकीय इंटर कॉलेज में कंट्रोल रूम बनाया गया है, जिसमें कई बड़ी स्क्रीन लगाई जाएंगी। एक स्क्रीन पर 10 से ज्यादा विद्यालयों की मॉनिटरिंग होगी। विद्युत सप्लाई बाधित न हो, इसके लिए कंट्रोल रूम और परीक्षा केंद्रों पर जेनरेटर की व्यवस्था की जाएगी।
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आखिरी तारीख खत्म...नहीं दिए राउटर के आईडी-पासवर्ड
मेरठ। यूपी बोर्ड के परीक्षा केंद्रों पर लगाए गए राउटर के आईडी-पासवर्ड नहीं दिए गए हैं। इस संबंध में जानकारी देने की आखिरी तारीख 15 जनवरी थी। इससे नाराज जिला विद्यालय निरीक्षक ने प्रधानाचार्यों को पत्र लिखकर 17 जनवरी शुक्रवार तक इसकी जानकारी देने की हिदायत दी है। अगर ऐसा नहीं किया गया तो प्रधानाचार्य का एक माह का वेतन रोक दिया जाएगा।
दरअसल, यूपी बोर्ड 2020 की परीक्षा को नकलविहीन बनाने के लिए लाइव मॉनिटरिंग की जाएगी। इसके लिए 90 परीक्षा केंद्रों पर राउटर लगा दिए गए हैं, जबकि 11 में लगने अभी बाकी हैं। लेकिन किसी भी परीक्षा केंद्र से राउटर की आईडी और पासवर्ड जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) कार्यालय पर प्राप्त नहीं हुए हैं। इसके लिए 15 जनवरी आखिरी तारीख थी। बृहस्पतिवार को इसकी ऑनलाइन मॉनिटरिंग करके देखना था, मगर आईडी-पासवर्ड नहीं होने के कारण ऐसा नहीं हो सका।
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मेरठ में इस बार 101 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा के दौरान सभी केंद्र प्रभारियों का डाटा ऑनलाइन रखना होगा। उन्हें यह डाटा रोजाना माध्यमिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट पर भेजना होगा। रोजाना किस परीक्षा केंद्र में कितने परीक्षार्थी शामिल हुए, कितने अनुपस्थित रहे, कितने उत्तर पुस्तिकाओं का इस्तेमाल किया गया आदि सात बिंदुओं पर सूचना देनी होगी। इस बार परीक्षा केदौरान पंजीकरण कराने वाले हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के 86 हजार 280 परीक्षार्थी (इंटरमीडिएट 43,274 और हाईस्कूल 43,006) थे, जिनमें से छंटनी केबाद 85 हजार 856 रह गए हैं। 424 निकल गए हैं। इनमें हाईस्कूल के 251 और इंटरमीडिएट के173 विद्यार्थी थे। अब इंटरमीडिएट में 43,101 और हाईस्कूल में 42,755 परीक्षार्थी रह गए हैं।
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यह होता है राउटर
राउटर छोटे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस होते हैं, जो वायर या वायरलेस कनेक्शन के माध्यम से कई कंप्यूटर नेटवर्क को कनेक्ट करते हैं। राउटर का स्थान मॉडर्न और कंप्यूटर के बीच होता है।
नेट गति धीमी होने से निगरानी में आएगी दिक्कत
परीक्षा केंद्रों पर लगाए गए वॉयस रिकॉर्डिंग वाले सीसीटीवी कैमरों को हाईस्पीड इंटरनेट राउटर के जरिए कनेक्ट किया जाएगा। बीएसएनएल के जरिए नेट कनेक्टिंग की जा रही है, जिससे नेट की धीमी गति से निगरानी में दिक्कत आने की आशंका जताई जा रही है। खासकर देहात क्षेत्र में बीएसएनएल का नेटवर्क बेहद कमजोर है। जिला विद्यालय निरीक्षक गिरजेश चौधरी ने बताया कि मॉनिटरिंग के लिए राजकीय इंटर कॉलेज में कंट्रोल रूम बनाया गया है, जिसमें कई बड़ी स्क्रीन लगाई जाएंगी। एक स्क्रीन पर 10 से ज्यादा विद्यालयों की मॉनिटरिंग होगी। विद्युत सप्लाई बाधित न हो, इसके लिए कंट्रोल रूम और परीक्षा केंद्रों पर जेनरेटर की व्यवस्था की जाएगी।